Chandigarh: 24 घंटे 7 दिन पेयजल आपूर्ति के लिए निगम और एएफडी का समझौता, घट रहे भूजल को बचाना उद्देश्य
24 घंटे 7 दिन की जल परियोजना धरातल पर आने के बाद शहर में कम से कम 2050 तक पर्याप्त पानी की आपूर्ति होगी जिससे लोगों को बिना किसी रुकावट के 24 घंटे पानी की आपूर्ति हो सकेगी।
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सातों दिन 24 घंटे पेयजलापूर्ति परियोजना के लिए शुक्रवार को नगर निगम और फ्रांसेस द डेवलपमेंट (एएफडी) एजेंसी के बीच समझौता हुआ। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित और मेयर सरबजीत कौर की मौजूदगी में आयुक्त आनिंदिता मित्रा व एजेंसी के अधिकारियों ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए। प्रशासक ने कहा कि सातों दिन 24 घंटे पेयजलापूर्ति प्रणाली के अंतर्गत 1.77 लाख कनेक्शन धारकों को स्मार्ट वॉटर मीटरिंग के साथ यह व्यवस्था लागू करने वाला चंडीगढ़ पहला शहर है। प्रशासक ने कहा कि अब अधिकारियों को समय सीमा में इस परियोजना को सिरे चढ़ाना है।
प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि फ्रांस के साथ चंडीगढ़ का गहरा रिश्ता है। इस शहर की योजना फ्रांसीसी वास्तुकार ली कार्बूजिए ने की तैयार थी। वर्ष 2016 में फ्रांस के तत्कालीन राजदूत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ दौरे के समय रॉक गार्डन में यह तय किया था कि फ्रांस चंडीगढ़ में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मजबूत करेगा।
समय के साथ चंडीगढ़ की पाइप लाइनें पुरानी हो चुकी हैं। इससे लीकेज और कम प्रेशर से पानी आने की समस्या बढ़ी है। शहर में पूरे देश से ज्यादा प्रति व्यक्ति पानी की खपत है। इस आंकड़े को भी नई योजना के साथ सुधारा जा सकेगा। इस योजना में प्रदूषण कम होगा और महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। मेयर ने कहा कि इस परियोजना का प्राथमिक लक्ष्य स्वास्थ्य, स्वच्छता और पानी की बचत करना है। आगामी पांच वर्षों में 260 नलकूपों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। ग्रांट के रुपये नगर निगम को वापस नहीं करना है, वहीं कर्जा उतारने के लिए योजना शुरू करने के बाद किस्त शुरू होगी।
पांच मामलों में पानी के लिए चली गई जान
प्रशासक ने बताया कि तमिलनाडु में मेरे पास 200 केस आए थे जिसमें सजा माफी करनी थी। इन केसों में 5 केस ऐसे थे जिनमें पानी भरने को लेकर झगड़े के दौरान हत्या कर दी गई थी। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए लोगों को पानी की उपलब्धता जरूरी है। नागपुर में जब उन्होंने यह योजना शुरू कराई तो उनके घर का पानी का बिल 10 हजार रुपये आ गया। इससे मेरी पत्नी को काफी गुस्सा आया। उसके बाद इंजीनियरों की टीम ने फाल्ट तलाश कर बताया कि लीकेज के कारण यह समस्या हुई है। लीकेज ठीक होने के बाद बिल मात्र 1700 रुपये आया। इस योजना के लागू होने के बाद हो सकता है कि लोगों को कुछ रुपये अपने घर की पाइपलाइन बदलने पर लगाने पड़ें लेकिन यह रुपये बिल में बचत के साथ वसूल हो जाएंगे।
योजना एक नजर में
- 591.59 करोड़ रुपये लागत आएगी
- 412 करोड़ 80 लाख रुपये एएफडी कर्जा देगी
- 97.87 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलेगी
- 80.92 करोड़ नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना से मिलेंगे
पहले मुद्दे को समझें तब करें विरोध
प्रशासक ने कहा कि नागपुर में एक जगह पेयजलापूर्ति की समस्या थी। मेरे सांसद रहते लोगों ने कहा तो मैंने एक्सईएन को बुलाया। एक्सईएन ने कहा कि मुझसे पहले कोई और था मैं चीफ इंजीनियर से पूछता हूं कि कौन सी लाइन कहा है। चीफ इंजीनियर से पूछा तो बताया कि अभी-अभी आया हूं, पुराने वाले कर्मचारी को बुलाया है वह ठीक करेगा। इस योजना में इस तरह के काम टालने वाली समस्या खत्म हो जाएगी। प्रशासक ने कहा कि किसी बात को समझें तब विरोध करें। कांग्रेस पार्षदों से प्रशासक ने कहा कि काम ठीक न हो तो इसे मुद्दे को जमकर उठाना।