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एग्रीगेटर कंपनियों ने नहीं जमा कराया एंट्री टैक्स, एसटीए ने भेजा नोटिस
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा में पंजीकृत टैक्सियों को चंडीगढ़ में प्रवेश करने पर एंट्री फीस का भुगतान करना होता है लेकिन एग्रीगेटर कंपनियों पर लाखों रुपये का शुल्क बकाया है। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉटिरी (एसटीए) ने कैब सर्विस चला रही एग्रीगेटर कंपनियों ओला व उबर को नोटिस जारी किया है। एसटीए के अनुसार, इन कंपनियों को पहले भी रिमाइंडर भेजा गया था।
उबर इंडिया टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को जारी नोटिस में विभाग ने कहा है कि क्यों न आपका लाइसेंस सस्पेंड कर दिया जाए। कंपनी को 15 दिन के अंदर जवाब देने को कहा गया है। उबर इंडिया टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को आठ नवंबर, 2019 को चंडीगढ़ प्रशासन ने ऑन डिमांड ट्रांसपोर्टेशन एग्रीगेटर नियम 2017 के तहत यूटी चंडीगढ़ में टैक्सी सेवा संचालित करने का लाइसेंस प्रदान किया था। लाइसेंस धारी कंपनी को पंजाब और हरियाणा राज्य के साथ पंजीकृत वाहनों के संबंध में तीन माह के लिए प्रति वाहन 1000 रुपये एंट्री शुल्क देना पड़ता है। नोटिस के अनुसार कंपनी ने कुछ वाहनों का ही केवल 31 मार्च 2022 तक का शुल्क जमा करवाया है। विभाग का ऑडिट जनवरी 2022 के महीने में हुआ था। इसमें पता चला कि 2020-21 में एग्रीगेटर कंपनियों ने 1.34 करोड़ रुपये का प्रवेश शुल्क नहीं जमा कराया है।
निजी व अस्थायी नंबरों पर चल रहीं टैक्सियों के काटे थे चालान
एसटीए ने बीते दिनों उन टैक्सियों व कैब चालकों का चालान किया था जो निजी व अस्थायी नंबरों पर गाड़ियां चला रहे थे। एसटीए ने शहर में दो एग्रीगेटर कंपनियां ओला व उबर को चंडीगढ़ में कैब-टैक्सी चलाने की अनुमति दी है लेकिन इन्होंने कामर्शियल गाड़ियों के साथ कई निजी गाड़ियों व टेंपरेरी नंबरों की गाड़ियों को भी कैब चलाने की मंजूरी दी हुई है और कई चालक निजी नंबरों पर ओला व उबर के लिए कैब चला रहे थे। एसटीए के पास बीते काफी समय से इसको लेकर शिकायत मिल रही थी इसलिए बीते दिनों ऐसी गाड़ियों को रोका गया और चालान काटा गया।
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उबर इंडिया टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को जारी नोटिस में विभाग ने कहा है कि क्यों न आपका लाइसेंस सस्पेंड कर दिया जाए। कंपनी को 15 दिन के अंदर जवाब देने को कहा गया है। उबर इंडिया टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को आठ नवंबर, 2019 को चंडीगढ़ प्रशासन ने ऑन डिमांड ट्रांसपोर्टेशन एग्रीगेटर नियम 2017 के तहत यूटी चंडीगढ़ में टैक्सी सेवा संचालित करने का लाइसेंस प्रदान किया था। लाइसेंस धारी कंपनी को पंजाब और हरियाणा राज्य के साथ पंजीकृत वाहनों के संबंध में तीन माह के लिए प्रति वाहन 1000 रुपये एंट्री शुल्क देना पड़ता है। नोटिस के अनुसार कंपनी ने कुछ वाहनों का ही केवल 31 मार्च 2022 तक का शुल्क जमा करवाया है। विभाग का ऑडिट जनवरी 2022 के महीने में हुआ था। इसमें पता चला कि 2020-21 में एग्रीगेटर कंपनियों ने 1.34 करोड़ रुपये का प्रवेश शुल्क नहीं जमा कराया है।
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निजी व अस्थायी नंबरों पर चल रहीं टैक्सियों के काटे थे चालान
एसटीए ने बीते दिनों उन टैक्सियों व कैब चालकों का चालान किया था जो निजी व अस्थायी नंबरों पर गाड़ियां चला रहे थे। एसटीए ने शहर में दो एग्रीगेटर कंपनियां ओला व उबर को चंडीगढ़ में कैब-टैक्सी चलाने की अनुमति दी है लेकिन इन्होंने कामर्शियल गाड़ियों के साथ कई निजी गाड़ियों व टेंपरेरी नंबरों की गाड़ियों को भी कैब चलाने की मंजूरी दी हुई है और कई चालक निजी नंबरों पर ओला व उबर के लिए कैब चला रहे थे। एसटीए के पास बीते काफी समय से इसको लेकर शिकायत मिल रही थी इसलिए बीते दिनों ऐसी गाड़ियों को रोका गया और चालान काटा गया।
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