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बदलाव का युग.. शिक्षकों का डिजिटल माध्यम में दक्ष होना बेहद जरूरी : प्रो. तोमर
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चंडीगढ़। आज का युग बदलाव का युग है और इसमें हमें शिक्षा के क्षेत्र में भी नए प्रयोग करने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों के साथ प्रभावी संवाद बनाने के लिए न सिर्फ डिजिटल माध्यमों का उपयोग जरूरी है बल्कि डिजिटल माध्यमों में शिक्षकों को भी दक्षता हासिल करनी होगी। यह बात बुधवार को एचआरडीसी के मानद निदेशक प्रो. एसके तोमर ने कही। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी के यूजीसी-मानव संसाधन विकास केंद्र (एचआरडीसी) की ओर से शिक्षकों के लिए आयोजित एक सप्ताह के ऑनलाइन शिक्षक विकास कार्यक्रम के समापन पर बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कार्यक्रम से इस दिशा में प्रतिभागियों को सहायता मिली होगी। इस कार्यक्रम में आठ राज्यों के कई शिक्षकों ने भाग लिया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता व शिक्षा विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर नंदिता सिंह ने डिजिटल संचार, मल्टीटास्किंग और ध्यान विषय पर कहा कि डिजिटल युग में एकाग्रता बनाना बहुत बड़ी चुनौती है। उन्होंने इस संदर्भ में योग और अध्यात्म की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। इस कार्यक्रम की समन्वयक व जन संचार अध्ययन स्कूल की सहायक प्रोफेसर डॉ. भवनीत भट्टी ने सात दिनों के कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि कार्यक्रम के दौरान न सिर्फ डिजिटल माध्यमों से जुड़े विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया, बल्कि स्वास्थ्य, कानून, साहित्य आदि विषयों के विशेषज्ञों को भी विशेष रूप से निमंत्रित किया गया। एचआरडीसी की उपनिदेशक डॉ. जयंती दत्ता ने कार्यक्रम को सफलता से पूर्ण करने पर सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी वो पीयू के इस केंद्र के साथ सहयोग बनाए रखेंगे।
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इस अवसर पर मुख्य वक्ता व शिक्षा विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर नंदिता सिंह ने डिजिटल संचार, मल्टीटास्किंग और ध्यान विषय पर कहा कि डिजिटल युग में एकाग्रता बनाना बहुत बड़ी चुनौती है। उन्होंने इस संदर्भ में योग और अध्यात्म की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। इस कार्यक्रम की समन्वयक व जन संचार अध्ययन स्कूल की सहायक प्रोफेसर डॉ. भवनीत भट्टी ने सात दिनों के कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि कार्यक्रम के दौरान न सिर्फ डिजिटल माध्यमों से जुड़े विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया, बल्कि स्वास्थ्य, कानून, साहित्य आदि विषयों के विशेषज्ञों को भी विशेष रूप से निमंत्रित किया गया। एचआरडीसी की उपनिदेशक डॉ. जयंती दत्ता ने कार्यक्रम को सफलता से पूर्ण करने पर सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी वो पीयू के इस केंद्र के साथ सहयोग बनाए रखेंगे।
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