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इनके लिए उम्र महज एक अंक, अपनी प्रस्तुति से सबको किया दंग

Thu, 26 May 2022 02:03 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 26 May 2022 02:03 AM IST
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Age is just a number for them, everyone was stunned by their presentation
पंजाब कला भवन में भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत करतीं शोभा कौसर। - फोटो : CHANDIGARH
चंडीगढ़। लेकर कृपाण संकल्प किया, निज धरा नहीं बंटने दूंगी, मेरा सिर चाहे कट जाए अस्तित्व नहीं मिटने दूंगी.. देशभक्ति गीत पर विविध भावों में कथक शैली में कथक गुरु डॉ. शोभा कौसर ने बुधवार ने ऐसा रंग जमाया कि दर्शक काफी देर तक खड़े होकर तालियां बजाते रहे। अवसर था कथक भाव में ‘झांसी की रानी’ पर सेक्टर-16 के पंजाब कला भवन के सभागार में प्रस्तुति का। यह आयोजन कुमुद दीवान फाउंडेशन ऑफ क्लासिकल म्यूजिक एंड डांस और प्राचीन कला केंद्र की ओर से और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से रंग दे बसंती चोला कार्यक्रम के तहत हुआ। यह कार्यक्रम आजादी के अमृत महोत्सव के तहत हुआ।
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78 वर्ष की उम्र की डॉ. कौसर ने झांसी की रानी के वीरता से भरे एक किस्से को नृत्य के खूबसूरत भावों द्वारा पेश किया। इस भाव में मार्मिकता और वीरता का अद्भुत समावेश था। दर्शक इसे देखकर मंत्रमुग्ध हो गए। इनके साथ मंच पर महमूद खान ने तबले पर, माधो प्रसाद ने गायन पर और लकी कुमार ने सितार पर बखूबी संगत की। डॉ. कुमुद दीवान और डॉ शोभा कौसर ने बताया कि देश भक्ति पर आधारित यह देश की वीरांगनाओं को समर्पित रहा जिन्होंने आजादी की लड़ाई में भाग लिया। उन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना से किया। वंदना के बाद बनारस घराना की गायिका डॉ. कुमुद दीवान ठुमरी शैली में देशभक्ति के गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का समापन भंगड़ा से हुआ।
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सुबह सेमिनार का आयोजन
सुबह पंजाब कला भवन के सभागार में सेमिनार का आयोजन हुआ। इसमें चंडीगढ़, पंजाब और दिल्ली के इतिहासकारों ने अपने विचार रखे। इतिहासकारों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान और विचारों से दर्शकों को भारत के अनसुने अनकहे रोचक तथ्यों को प्रस्तुत किया। सेमिनार में भाजपा चंडीगढ़ जिलाध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। प्रसिद्ध इतिहासकार कपिल कुमार, प्रदीप साहनी, राजीव लोचन, साकिब सलीम, हरीश पुरी एवं सीताराम बंसल ने सेमिनार में अपने विचार पेश किए। सेमिनार में गदर आंदोलन से लेकर पंजाब के अनकहे अनसुने क्रांतिकारियों के बारे में तथ्यों के बारे में अपने विचार पेश किए।
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