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अप्रत्याशित हार के बाद कांग्रेस में मची हाहाकार

Mon, 19 May 2014 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 19 May 2014 12:04 AM IST
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After unexpected defeat in lok sabha election disappointment in Congress

शहर में कांग्रेस की हार के बाद कई नेताओं का मनोबल टूट गया है। कांग्रेस अध्यक्ष बीबी बहल भी अपनी कुर्सी छोड़ने के लिए तैयार हैं। ऐसे में अब शहर को नया अध्यक्ष भी मिल सकता है।

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कांग्रेस अध्यक्ष बीबी बहल का कहना है कि अगर हाईकमान उन्हें एक बार भी इस्तीफा देने के लिए कहेगा तो वह पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि वह इस्तीफा देने में एक मिनट भी नहीं लगाएंगे, लेकिन वह खुद इस्तीफा नहीं देंगे।
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बहल ने हाईकमान को भी इस बात से अवगत करवा दिया है। मालूम हो कि बीबी बहल साल 1999 से लगातार कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी पर विराजमान हैं।

हार की समीक्षा के लिए कमेटी का गठन

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1999 से कार्यकाल में कांग्रेस के लिए बहल लक्की रहे हैं कोई भी लोकसभा और नगर निगम चुनाव नहीं हारा गया ऐसा पहली बार हुआ है जब कांग्रेस अध्यक्ष बीबी बहल के नेतृत्व में पवन बंसल की काफी करारी हार हुई है।

बीबी बहल का कहना है कि वह हार की जिम्मेवारी लेते हैं इसमें पवन बंसल का कोई कसूर नहीं है। बीबी बहल का कहना है कि जल्द ही एक कमेटी का गठन किया जाएगा जो कि हार की समीक्षा के कारणों को जानेगी उसके बाद फिर से रणनीति तैयार करेगी।

शनिवार को बीबी बहल की पवन बंसल के साथ बैठक भी हुई है। बहल के प्रयास से ही सेक्टर-35 में कांग्रेस भवन की इमारत का निर्माण हुआ है जिसका उद्घाटन सोनिया गांधी ने किया था।

पवन बंसल का ये आखिरी चुनाव

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पवन बंसल ने फिर से चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया है। इस बात से बंसल ने अपने नेताओं को भी अवगत करवा दिया है इसी के साथ ही यह चर्चा शुरू हो गई है कि अब अगले लोकसभा चुनाव में कौन उम्मीदवार होगा।

जबकि मनीष तिवारी के नाम की भी चर्चा शुरू हो गई है मालूम हो कि रेलवे रिश्वत कांड के बाद मनीष तिवारी को भी चंडीगढ़ की सीट से दावेदार माना जा रहा था। हाईकमान में तिवारी के लिए लाबिंग भी हुई थी।

बंसल के एक गुट की ओर से उनके बेटे मनीष बंसल को भी आगे करने की सलाह दी गई है। मनीष बंसल ने लोकसभा चुनाव में काफी सक्रिय होकर काम किया है।

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कांग्रेस के नए अध्यक्ष की दौड़ में ये हैं दावेदार

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बंसल की हार के बाद कुछ नेता उनसे मनोबल बढ़ाने के लिए गए, लेकिन बंसल ने उन नेताओं को कहा कि अब वह चाहे तो अपना कैरियर खुद बना लें।

हाईकमान में कोई भी नेता संपर्क कर सकता है, लेकिन चंडीगढ़ के कांग्रेस नेताओं की मजबूरी है कि हाईकमान में उन्हें कोई भी नहीं जानता है।

कांग्रेस के नए अध्यक्ष की दौड़ में राम पाल शर्मा, पूर्व मेयर सुभाष चावला, रविंद्र सिंह पाली, प्रदीप छाबड़ा, पवन शर्मा, एचएस लकी, चंद्रमुखी शर्मा का नाम शामिल हैं जबकि इस बार ग्रामीण प्रतिनिधि को भी कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की मांग उठ रही है जिसमें भूपेंद्र सिंह बढहेड़ी का नाम सामने आ रहा है।

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