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दो दिन तक चले सियासी ड्रामे के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने कराई पार्षदों की परेड
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चंडीगढ़। दो दिन तक चले सियासी ड्रामे के बाद बुधवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने पार्षदों की परेड कराई। सेक्टर-33 स्थित पार्टी कार्यालय कमलम में देर शाम तक चली बैठक के बाद सभी पार्षदों ने एक फोटो खिंचवाकर एकजुटता का संदेश दिया। इस दौरान अरुण सूद ने दावा किया है कि पार्षदों के बीच जो मतभेद थे, उन्हें दूर कर सबको मना लिया गया है। अब सभी एकजुट हैं। आठ जनवरी को सभी वोट भाजपा के पक्ष में आएंगे। इस दौरान नाराज पार्षद भरत कुमार और बागी चंद्रावती शुक्ला समेत सभी 19 पार्षद मौजूद रहे।
बता दें कि चार जनवरी को मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम तिथि थी। भाजपा ने अंतिम समय में अपने उम्मीदवारों की घोषणा की। रविकांत शर्मा को मेयर का प्रत्याशी घोषित करने के साथ ही भाजपा में बगावत शुरू हो गई। भाजपा पार्षद चंद्रावती शुक्ला ने मेयर पद के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन भर दिया। वहीं भरत कुमार ने पार्टी पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद देर रात तक पार्षदों को मनाने का क्रम चलता रहा।
अगले दिन पांच जनवरी को चंद्रावती शुक्ला का नामांकन तकनीकी खामी के चलते रद्द हो गया। इसके बाद भाजपा ने राहत की सांस तो ली, लेकिन गुटबाजी को रोकने के लिए पार्टी के पदाधिकारी नाराज पार्षदों से लगातार संपर्क में बने रहे। प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद के साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन और संगठन मंत्री दिनेश कुमार ने भी नाराज पार्षदों से लगातार बातचीत जारी रखी। बुधवार को भाजपा कार्यालय में पार्षदों के साथ बैठक की गई। इसमें पार्टी की एकजुटता का संदेश देने की बात की गई। हालांकि हीरा नेगी कोरोना संक्रमित होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सकीं। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री चंद्रशेखर और रामबीर भट्टी भी मौजूद रहे।
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आज चंडीगढ़ आएंगे प्रदेश प्रभारी
नामांकन वाले दिन प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम को बताया गया था कि कोई बगावत नहीं होगी। नामांकन के बाद प्रदेश प्रभारी जानकारी दे रहे थे, वहीं दूसरी ओर बगावत शुरू हो गई। उसके बाद प्रदेश प्रभारी दिल्ली लौट गए। यह संदेश ऊपर तक गया तो पार्टी के पदाधिकारियों ने अपनी छवि बचाने के लिए नाराज पार्षदों से संपर्क साधा। उन्हें किसी तरह मनाकर सभी के सामने एकजुटता का संदेश दिया गया है। अब वीरवार को प्रदेश प्रभारी वापस चंडीगढ़ आ रहे हैं। उनके सामने सभी पार्षदों की फिर से बैठक होगी।
कोट
जिन्हें फार्म भरना नहीं आता उनके साथ क्या जाएं : चंद्रावती शुक्ला
भाजपा की बागी पार्षद चंद्रावती शुक्ला ने कहा कि दो बार पार्षद रहने के बाद भी जिन्हें फार्म भरने के नियम तक नहीं पता, उनके साथ जाना संभव ही नहीं। बेटा रूठ जाए तो पिता के मनाने पर वापस आ ही जाता है। वैसे अब नाराजगी दूर हो गई है। अब हम सभी एकजुट हैं। हालांकि भरत को टिकट मिलना चाहिए था।
संगठन ने आश्वासन दिया है, अब कोई नाराजगी नहीं : भरत कुमार
भाजपा से नाराज पार्षद भरत कुमार ने कहा कि मेरी नाराजगी इस बात से थी कि पार्टी ने ऐसे लोगों को टिकट दे दिया, जिन्होंने पार्टी से गद्दारी की थी। हालांकि मैंने पार्टी पदाधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा है। पार्टी के पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में योग्यता के अनुरूप जिम्मेदारी दी जाएगी।
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बता दें कि चार जनवरी को मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम तिथि थी। भाजपा ने अंतिम समय में अपने उम्मीदवारों की घोषणा की। रविकांत शर्मा को मेयर का प्रत्याशी घोषित करने के साथ ही भाजपा में बगावत शुरू हो गई। भाजपा पार्षद चंद्रावती शुक्ला ने मेयर पद के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन भर दिया। वहीं भरत कुमार ने पार्टी पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद देर रात तक पार्षदों को मनाने का क्रम चलता रहा।
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अगले दिन पांच जनवरी को चंद्रावती शुक्ला का नामांकन तकनीकी खामी के चलते रद्द हो गया। इसके बाद भाजपा ने राहत की सांस तो ली, लेकिन गुटबाजी को रोकने के लिए पार्टी के पदाधिकारी नाराज पार्षदों से लगातार संपर्क में बने रहे। प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद के साथ पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन और संगठन मंत्री दिनेश कुमार ने भी नाराज पार्षदों से लगातार बातचीत जारी रखी। बुधवार को भाजपा कार्यालय में पार्षदों के साथ बैठक की गई। इसमें पार्टी की एकजुटता का संदेश देने की बात की गई। हालांकि हीरा नेगी कोरोना संक्रमित होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सकीं। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री चंद्रशेखर और रामबीर भट्टी भी मौजूद रहे।
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आज चंडीगढ़ आएंगे प्रदेश प्रभारी
नामांकन वाले दिन प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम को बताया गया था कि कोई बगावत नहीं होगी। नामांकन के बाद प्रदेश प्रभारी जानकारी दे रहे थे, वहीं दूसरी ओर बगावत शुरू हो गई। उसके बाद प्रदेश प्रभारी दिल्ली लौट गए। यह संदेश ऊपर तक गया तो पार्टी के पदाधिकारियों ने अपनी छवि बचाने के लिए नाराज पार्षदों से संपर्क साधा। उन्हें किसी तरह मनाकर सभी के सामने एकजुटता का संदेश दिया गया है। अब वीरवार को प्रदेश प्रभारी वापस चंडीगढ़ आ रहे हैं। उनके सामने सभी पार्षदों की फिर से बैठक होगी।
कोट
जिन्हें फार्म भरना नहीं आता उनके साथ क्या जाएं : चंद्रावती शुक्ला
भाजपा की बागी पार्षद चंद्रावती शुक्ला ने कहा कि दो बार पार्षद रहने के बाद भी जिन्हें फार्म भरने के नियम तक नहीं पता, उनके साथ जाना संभव ही नहीं। बेटा रूठ जाए तो पिता के मनाने पर वापस आ ही जाता है। वैसे अब नाराजगी दूर हो गई है। अब हम सभी एकजुट हैं। हालांकि भरत को टिकट मिलना चाहिए था।
संगठन ने आश्वासन दिया है, अब कोई नाराजगी नहीं : भरत कुमार
भाजपा से नाराज पार्षद भरत कुमार ने कहा कि मेरी नाराजगी इस बात से थी कि पार्टी ने ऐसे लोगों को टिकट दे दिया, जिन्होंने पार्टी से गद्दारी की थी। हालांकि मैंने पार्टी पदाधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा है। पार्टी के पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में योग्यता के अनुरूप जिम्मेदारी दी जाएगी।