Chandigarh: विरोध के बाद बदला पार्षदों का टूर कार्यक्रम, अब जाएंगे नागपुर और इंदौर
मेयर ने बताया कि जल्द ही बैठक कर टूर की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसमें टूर का समय, पार्षदों से जाने की अनुमति और अफसरों की संख्या को लेकर चर्चा होगी। इसके बाद टिकट और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
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पार्षदों के गोवा और मुंबई स्टडी टूर पर शहरवासियों का विरोध भारी पड़ा। मेयर सरबजीत कौर के नेतृत्व में पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित से मिलने पहुंचा। प्रशासक ने कहा कि पार्षदों को नागपुर और इंदौर जाना चाहिए। ये शहर कचरा प्रबंधन को लेकर बेहतर कार्य कर रहे हैं। इसके साथ स्टडी टूर की रिपोर्ट एक माह के अंदर प्रस्तुत की जाए।
प्रशासक ने कहा कि इंदौर हर साल स्वच्छ सर्वेक्षण में अव्वल रहता है। वहां ठोस कचरा प्रबंधन सहित अन्य व्यवस्थाओं को देखने से पार्षदों को काफी कुछ जानकारी होगी। इंदौर में अत्याधुनिक बायो मिथेनेशन प्लांट लगा है, जिसका हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया है। उसे देखकर शहर में लागू करने का प्रयास किया जा सकेगा।
प्रशासक ने कहा कि नागपुर में स्थित राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान का भी पार्षदों को दौरा करना चाहिए। यह संस्थान अपशिष्ट प्रबंधन और जल निकायों के कायाकल्प के क्षेत्र में अग्रणी है। इस संस्थान ने ही गोवा के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट और स्वच्छ गंगा परियोजना के लिए तकनीकी सलाह दी है।
राजनीतिक दल बोले- हर पार्टी से जाएं दो लोग
टूर कार्यक्रम में बदलाव के बाद आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है। आप के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम गर्ग और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एचएच लक्की ने कहा कि हर पार्टी से दो पार्षदों का चुनाव होना चाहिए। इसके साथ अफसर जाना चाहिए। सात सदस्यीय दल को दोनों जगह जाकर स्टडी करनी चाहिए। प्रेम गर्ग ने कहा कि स्टडी टूर का मतलब घूमना नहीं बल्कि शहर के लिए कुछ सीखकर आना है। एचएस लक्की ने कहा कि हमने पहले ही नागपुर, इंदौर, चेन्नई का सुझाव दिया था। पार्टी की ओर से दो पार्षदों का नाम तय कर दिया है।
बैठक में तय होगा टूर का कार्यक्रम
मेयर ने बताया कि जल्द ही बैठक कर टूर की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसमें टूर का समय, पार्षदों से जाने की अनुमति और अफसरों की संख्या को लेकर चर्चा होगी। इसके बाद टिकट और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर निर्णय लिया जाएगा। अब यहां कितने पार्षद जाएंगे यह भी देखने वाला विषय होगा क्यों कि टूर के लिए भाजपा और कांग्रेस के सभी पार्षदों ने सहमति दी थी। आप ने इसका विरोध किया था। बाद में कांग्रेस ने अपने केवल दो पार्षदों को भेजने का निर्णय लिया था। हालांकि इससे पहले भी इंदौर का टूर पार्षद कर चुके हैं।