Punjab: पूर्व मंत्री अरोड़ा के बाद अब PA भी गिरफ्तार, नामी बिल्डर को नोटिस, मदद का लगा है आरोप
अरोड़ा के वकील ने कहा कि विजिलेंस होशियारपुर स्थित घर भी गई थी। वहां जांच के दौरान पुलिस को एक नोट गिनने की मशीन और पासपोर्ट के अलावा कुछ नहीं मिला। जांच के बाद विजिलेंस ने उनके परिवार के सदस्य के हस्ताक्षर भी करवाए थे।
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पंजाब के पूर्व उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा विजिलेंस ब्यूरो के सहायक महानिरीक्षक को रिश्वत देने के लिए जो 50 लाख की राशि लेकर गए थे, उसका इंतजाम मोहाली के एक नामी बिल्डर ने किया था। उस बिल्डर की गाड़ी में ही वह पैसे देने लिए गए थे। यह तथ्य विजिलेंस की जांच में सामने आ रहे हैं। इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो ने नामी बिल्डर को नोटिस भेजकर अपनी स्थिति साफ करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही मंत्री के पीए मनी को भी विजिलेंस ने काबू कर लिया है।
एआईजी मनमोहन कुमार शर्मा ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि मंगलवार को बिल्डर को बुलाया गया है। अभी तक पूर्व मंत्री पर कोई अन्य केस दर्ज नहीं किया गया। विजिलेंस उनकी प्रॉपर्टी से लेकर सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार जिस बिल्डर पर पूर्व मंत्री की मदद करने का आरोप लग रहा है। वह मंत्री का करीबी बताया जा रहा है, उसके कई प्रोजेक्टों में पूर्व मंत्री के करीबियों ने भी निवेश किया है। हालांकि इसकी कोई पुष्टि नहीं कर रहा रहा है। इलाके के कई राजनेताओं से भी मंत्री की दोस्ती है।
वहीं विजिलेंस की टीम ने पूर्व मंत्री के होशियारपुर स्थित घर में भी दबिश थी। घर में विजिलेंस टीम को एक लॉकर मिला है। हालांकि इसमें किसी भी तरह का कोई पैसा नहीं मिला है। विजिलेंस ने वहां की पूरी वीडियोग्राफी करवाई है। साथ ही मंत्री से इस संबंध में टीमों ने पूछताछ की है। इसके अलावा केस की जांच को आगे बढ़ाने के लिए अधिकारियों की विशेष बैठक भी हुई। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार आने वाले दो तीन दिनों में सारे तथ्य सामने आएंगे। अरोड़ा के वकील ने कहा कि विजिलेंस होशियारपुर स्थित घर भी गई थी। वहां जांच के दौरान पुलिस को एक नोट गिनने की मशीन और पासपोर्ट के अलावा कुछ नहीं मिला। जांच के बाद विजिलेंस ने उनके परिवार के सदस्य के हस्ताक्षर भी करवाए थे।
जब कंपनियों से जुड़े सवाल पूछे तो फिर रिश्वत आ गई याद
विजिलेंस की टीम दो बार पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा को पूछताछ के लिए बुला चुकी है। 12 तारीख को जब मंत्री से पूछताछ हुई तो विजिलेंस अधिकारी उनसे जब जेसीटी और मोहाली में बिकी एक अन्य कंपनी के बारे में सवाल पूछना शुरू किया तो वह डर गए थे। सूत्रों के अनुसार विजिलेंस उनसे रिकॉर्ड के बारे में सवाल कर रही थी। मंत्री को लगा कि वह केस में फंसते जा रहे हैं। ऐसे में उन्होंने खुद को बचाने के लिए अधिकारियों को रिश्वत देने का विकल्प चुना। हालांकि वह इस चीज में कामयाब नहीं हो पाए।
स्टेट व जालंधर ब्यूरो की टीमें कर रही जांच
पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा के मामले की जांच विजिलेंस स्टेट ब्यूरो के अलावा जालंधर विजिलेंस की टीम भी कर रही है। जालंधर विजिलेंस की टीम उनके उस इलाके से जुडे़ तथ्यों की जांच करेगी। जबकि स्टेट ब्यूरो की टीम उद्योग मंत्री रहते उन पर लगे आरोपों की जांच कर रही है। दोनों टीमें शाम को अपना सारा रिकॉर्ड विजिलेंस के उच्च अधिकारियों को बताती हैं। साथ ही केस से जुड़ा हर अपडेट मुख्यमंत्री भगवंत मान को भेजा जाता है।