{"_id":"58bd32094f1c1b9e4ce7e53b","slug":"after-sakshi-malik-rajori-encounter-martyr-soldier-rai-singh-family-alleged-haryana-govt","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"साक्षी मलिक के बाद राजौरी में शहीद हुए जवान के परिवार ने बयां किया दर्द, देखिए मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साक्षी मलिक के बाद राजौरी में शहीद हुए जवान के परिवार ने बयां किया दर्द, देखिए मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Mon, 06 Mar 2017 03:39 PM IST
विज्ञापन
मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओलंपिक पदक विजेता महिला पहलवान साक्षी मलिक के बाद अब एक शहीद के परिवार ने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए अपना दर्द बयां किया। शहीद के परिवार ने सरकार पर बीएसएफ के जवान राय सिंह की शहादत के तीन माह बाद भी घोषणाओं पर अमल नहीं करने का आरोप लगाया है। शहीद की पत्नी सुनीता का कहना है कि लोगों से पैसे उधार लेकर परिवार का गुजारा करना पड़ रहा है।
सरकार की तरफ से पेंशन भी शुरू नहीं की गई है। परिवार ने सरकार से अपना वादा पूरा करने की गुहार लगाई है। एक दिन पहले पहलवान साक्षी मालिक ने ओलंपिक में पदक जीतने के बाद सरकार की ओर से की गई घोषणाओं पर अमल नहीं करने का आरोप ट्वीट करके लगाया था। बता दें कि 21 नवंबर 2016 को जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से सीजफायर के उल्लंघन में सांपला निवासी बीएसएफ जवान राय सिंह शहीद हो गये थे।
उनके परिवार में शहीद की मां चंद्रो देवी, पत्नी सुनीता, तीन बेटे हितेश, कर्मबीर और पारस हैं। 22 नवंबर को शहीद का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था। इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री कृष्णलाल पंवार और सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। मंत्री ने घोषणा की थी राय सिंह के परिवार को सरकार की ओर से 50 लाख रुपये दिये जाएंगे।
विज्ञापन
शहीद की प्रतिमा लगवाई जाएगी और उनके नाम से पार्क बनवाया जाएगा। अब शहीद के परिवार का कहना है कि सरकार ने इसमें एक भी घोषणा पर अमल नहीं किया है। इस वजह से परिवार को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
सरकार की तरफ से पेंशन भी शुरू नहीं की गई है। परिवार ने सरकार से अपना वादा पूरा करने की गुहार लगाई है। एक दिन पहले पहलवान साक्षी मालिक ने ओलंपिक में पदक जीतने के बाद सरकार की ओर से की गई घोषणाओं पर अमल नहीं करने का आरोप ट्वीट करके लगाया था। बता दें कि 21 नवंबर 2016 को जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से सीजफायर के उल्लंघन में सांपला निवासी बीएसएफ जवान राय सिंह शहीद हो गये थे।
विज्ञापन
उनके परिवार में शहीद की मां चंद्रो देवी, पत्नी सुनीता, तीन बेटे हितेश, कर्मबीर और पारस हैं। 22 नवंबर को शहीद का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था। इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री कृष्णलाल पंवार और सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। मंत्री ने घोषणा की थी राय सिंह के परिवार को सरकार की ओर से 50 लाख रुपये दिये जाएंगे।
विज्ञापन
शहीद की प्रतिमा लगवाई जाएगी और उनके नाम से पार्क बनवाया जाएगा। अब शहीद के परिवार का कहना है कि सरकार ने इसमें एक भी घोषणा पर अमल नहीं किया है। इस वजह से परिवार को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
डीसी ने सुनी न सरकार ने
सीएम ने की शहीद के परिजनों के लिए 50 लाख देने की घोषणा
- फोटो : अमर उजाला
बीएसएफ जवान राय सिंह की शहादत को करीब तीन महीने बीत चुके हैं। आज तक उनके परिवार को न तो आर्थिक सहायता मिली न ही शहीद की प्रतिमा कहीं स्थापित की गई। शहीद के नाम पर बनने वाले पार्क का भी अतापता नहीं है। जबकि परिवार के सदस्य कई बार जिला उपायुक्त से मिलकर गुहार लगा चुके हैं। परिजन जिला प्रशासन के अधिकारियों के ऑफिसों में चक्कर काटकर परेशान हो गये हैं।
बच्चों के स्कूल में दाखिले की चिंता
सरकार की तरफ से मदद नहीं मिलने के कारण परिवार को शहीद के तीनों बच्चों के दाखिले का डर सताने लगा है। शहीद की पत्नी सुनीता का कहना है कि परिवार में कमाने वाला कोई नहीं है। बच्चे छोटे हैं। कई दिनों से चिंता हो रही है कि बच्चों के दाखिले के लिए पैसा कहां से आएगा।
शहीद के भाई बोले, मिले केवल आश्वासन
शहीद के भाई करतार सिंह का कहना है कि राय सिंह की शहादत के बाद सरकार ने परिजनों को 50 लाख रुपये देने। शहीद की प्रतिमा स्थापित करने और शहीद के नाम पर पार्क बनाने की घोषणा की थी। इनमें से एक पर भी आज तक अमल नहीं किया गया है। जब भी अधिकारियों से मिले केवल आश्वासन मिला। अधिकारी कहते हैं कि कुछ दिन रुक जाओ। जबकि शहीद के परिवार के पास बच्चों के पालन-पोषण का कोई जरिया नहीं है।
बच्चों के स्कूल में दाखिले की चिंता
सरकार की तरफ से मदद नहीं मिलने के कारण परिवार को शहीद के तीनों बच्चों के दाखिले का डर सताने लगा है। शहीद की पत्नी सुनीता का कहना है कि परिवार में कमाने वाला कोई नहीं है। बच्चे छोटे हैं। कई दिनों से चिंता हो रही है कि बच्चों के दाखिले के लिए पैसा कहां से आएगा।
शहीद के भाई बोले, मिले केवल आश्वासन
शहीद के भाई करतार सिंह का कहना है कि राय सिंह की शहादत के बाद सरकार ने परिजनों को 50 लाख रुपये देने। शहीद की प्रतिमा स्थापित करने और शहीद के नाम पर पार्क बनाने की घोषणा की थी। इनमें से एक पर भी आज तक अमल नहीं किया गया है। जब भी अधिकारियों से मिले केवल आश्वासन मिला। अधिकारी कहते हैं कि कुछ दिन रुक जाओ। जबकि शहीद के परिवार के पास बच्चों के पालन-पोषण का कोई जरिया नहीं है।