योजनाएं फेल: चंडीगढ़ में सबसे कम लोगों को मिला पीएम रोजगार सृजन कार्यक्रम का फायदा, देश में सबसे निचले पायदान पर है सिटी
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम पूरे देश में लोन मुहैया करवाकर युवाओं को अपना उद्योग स्थापित करने और फिर अन्य युवाओं के लिए नौकरियां पैदा करने के लिए शुरू किया गया है।
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रोजगार सृजन में चंडीगढ़ लक्षद्वीप के बाद देशभर में सबसे निचले पायदान पर है। आंकड़ों के मुताबिक, चंडीगढ़ में बीते तीन साल में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) का लाभ सिर्फ 52 लोगों को ही मिला है। वहीं, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के नाम पर भी चंडीगढ़ में करोड़ों रुपये खर्च हजारों युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, लेकिन रोजगार बहुत कम युवाओं को मिला। ज्यादातर युवा प्रशिक्षण के बाद बेरोजगार घूम रहे हैं।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम पूरे देश में लोन मुहैया करवाकर युवाओं को अपना उद्योग स्थापित करने और फिर अन्य युवाओं के लिए नौकरियां पैदा करने के लिए शुरू किया गया है। इस योजना के तहत उद्योग लगाने पर 25 लाख और सेवा क्षेत्र में निवेश करने पर 10 लाख रुपये कर्ज मिलता है, लेकिन चंडीगढ़ के लिए इस योजना के आंकड़े हैरान करने वाले हैं।
वर्ष 2018-19 में 28, वर्ष 2019-20 में 14 और वर्ष 2020-21 में सिर्फ 10 लोगों को ही योजना के तहत लोन मिला है। इनमें से भी अधिकतर खुद का ही काम कर रहे हैं, इन्होंने किसी को नौकरी नहीं दी। इतना ही नहीं साल-दर-साल इस योजना का लाभ उठाने वाले लोगों की संख्या में भी कमी आ रही है। केंद्र सरकार इस योजना के माध्यम से युवाओं में स्वरोजगार को बढ़ावा देना चाहती है लेकिन सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक यह योजना चंडीगढ़ में फेल साबित होती नजर आ रही है।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 6219 को मिली नौकरी
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तहत चंडीगढ़ में पिछले छह साल में करोड़ों रुपये खर्चे गए, लेकिन नौकरी पाने वालों की संख्या काफी कम है। आंकड़ों के अनुसार, चंडीगढ़ में पीएमकेवीवाई के तहत अब तक 18730 युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इनमें करीब 15 हजार युवाओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए जबकि नौकरी 6219 युवाओं को ही मिली। बाकी बेरोजगार घूम रहे हैं।
नाम न छापने की शर्त पर चंडीगढ़ प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कोविड की वजह से असर पड़ा। कई कोर्स पूरे नहीं हो पाए। नामांकन में भी कमी आई है। उन्होंने कोर्स पूरा करने के बाद भी प्लेसमेंट न होने के पीछे छात्रों में जागरूकता और योग्यता की कमी बताया।
चंडीगढ़ में पीएमईजीपी के तहत किस वर्ष कितने लोगों को मिली नौकरी
2018-19 पुरुष - 15 महिला - 13
2019-20 पुरुष - 6 महिला - 8
2020-21 पुरुष - 4 महिला - 6
क्या कहते हैं पीएमकेवीवाई के आंकड़े
प्रशिक्षित 18730
प्रमाणित 14,925
प्लेसमेंट 6219
(2015 से 31-12-2021 तक)
पीएमकेवीवाई (2.0 और 3.0) के तहत 31-12-2021 तक मिला फंड
आवंटित धनराशि 13 करोड़ 87 लाख
कुल फंड मिला 8 करोड़ 12 लाख 76 हजार
कुल फंड का उपयोग 5 करोड़ 95 लाख 45 हजार
(सैद्धांतिक रूप में स्वीकृत)