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Hindi News ›   Chandigarh ›   After getting the UGC's governance reform letter, the way for the Senate and Syndicate to be cleared in PU

यूजीसी का शासन सुधार पत्र मिलने के बाद पीयू में सीनेट व सिंडिकेट को खत्म करने का रास्ता साफ

Thu, 22 Oct 2020 10:18 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Thu, 22 Oct 2020 10:18 PM IST
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After getting the UGC's governance reform letter, the way for the Senate and Syndicate to be cleared in PU
पंजाब विश्वविद्यालय - फोटो : फाइल फोटो

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) का शासन सुधार (गवर्नेंस रिफॉर्म) पत्र जारी होने के बाद तय हो गया है कि विश्वविद्यालयों का संचालन कर रही कमेटियों में बदलाव होगा। इसी पत्र के अनुसार पंजाब विश्वविद्यालय की सिंडिकेट व सीनेट को खत्म करने का रास्ता भी साफ हो गया। इसकी जगह अब बोर्ड ऑफ गवर्नेंस लेगा। इस बोर्ड में कितने सदस्य होंगे और किस-किस क्षेत्र से लिए जाएंगे, विश्वविद्यालयों के स्तर पर इसका खाका तैयार होगा। यह प्रस्ताव चांसलर कार्यालय जाएगा, जहां उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

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यूजीसी के सचिव रजनीश जैन ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को एक पत्र जारी किया है। इसमें कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 पर काम पूरा हो गया है। अब इसके क्रियान्वयन की तैयारी में सभी विश्वविद्यालय जुट जाएं। इसकी सिफारिशों को लागू किया जाए।
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इस पत्र में गवर्नेंस रिफॉर्म का भी दो बार जिक्र किया गया है यानी विश्वविद्यालय अपने स्तर से इसकी भी तैयारी कर लें। सूत्रों का कहना है कि विश्वविद्यालयों को लगता है कि उनके यहां संचालन के लिए बनी कमेटियां या बॉडी सही से संचालन नहीं कर पा रही हैं तो उसमें बदलाव किया जाएगा। सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के पास यह अधिकार होगा।

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पीयू का संचालन सीनेट व सिंडिकेट के जरिए होता है। हर फैसले यही बॉडी लेती हैं लेकिन दो दशक से सीनेट व सिंडिकेट में राजनीतिक गतिविधियां अधिक हो गईं। जिसको बहुमत वही प्रस्ताव पास करवा सकता है। ऐसे में कुछ फैसले ठीक भी हुए तो कई गलत भी। इस प्रक्रिया का विरोध सीनेट में भाजपा के नेताओं ने किया। केंद्रीय मंत्रियों व सांसदों ने भी देखा। उसके बाद वह कह गए कि सीनेट के रिफॉर्म की जरूरत है।

पूर्व में भी यह बात चली लेकिन परवान नहीं चढ़ पाई थी। सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने इन बातों को बल दिया और उसमें गवर्नेंस रिफॉर्म का बिंदु शामिल कर दिया गया। चारों तरफ बात फैली है कि सिंडिकेट व सीनेट खत्म हो जाएगी और उसकी जगह बोर्ड ऑफ गवर्नेंस लागू होगा। इन बातों को यूजीसी के हाल ही में जारी पत्र ने बल दिया है। सूत्रों का कहना है कि अब पीयू में सीनेट व सिंडिकेट नहीं रहेगी।

अब सीनेट चुनाव की संभावनाएं खत्म
यूजीसी के शासन सुधार के पत्र आने के बाद अब पीयू को और बल मिल गया है। सूत्रों का कहना है कि अभी तक पीयू के अधिकारी संशय में थे कि हो सकता है कि सीनेट के चुनाव करवाने पड़ जाएं लेकिन यूजीसी के पत्र के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। सूत्रों का कहना है कि अब सीनेट चुनाव की संभावनाएं नहीं बची हैं। हालांकि हाईकोर्ट का रास्ता खुला है। वहां से कोई आदेश आए तो कुछ बात बन सकती है।

एक सीनेटर थाम सकता है भाजपा का दामन
पीयू के एक प्रमुख सीनेटर भाजपा का दामन थाम सकते हैं। इसकी कवायद शुरू हो गई है। कई नेताओं से भी सिफारिशें करवाई जा रही हैं। जानकारों का कहना है कि सीनेट के चुनाव की संभावनाएं कम होने के बाद यह बात सार्वजनिक हो गई। वहीं दूसरी ओर भाजपा के खेमे में भी भूचाल आ गया। उन्होंने कहा है कि यदि किसी दूसरे दल के सीनेटर को भाजपा में जगह दी गई तो वह खुद भाजपा छोड़ देंगे। हालांकि अभी पीयू में यह चर्चा तेजी से चल रही है लेकिन इस पर फाइनल निर्णय नहीं हुआ है।

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