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कम बजट पास होने पर कांग्रेसी पार्षद का 'लॉलीपाप' हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 01 Mar 2016 12:56 AM IST
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निगम की सदन की बैठक में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेसी पार्षदों को जब पता चला कि केंद्र सरकार ने प्रशासन के प्लान बजट में सिर्फ 700 करोड़ पास किए हैं तो उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया।
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पिछले साल केंद्र सरकार की ओर से शहर को 860 करोड़ का प्लान बजट पास किया गया था। प्लान बजट कम पास होने पर कांग्रेसी पार्षदों ने अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा के नेतृत्व में विरोध जताया। जब मेयर अरुण सूद ने लॉलीपाप नहीं पकड़ा तो पूर्व मेयर हरफूल चंद कल्याण ने एक लॉलीपाप मेयर की तरफ उछाल दिया। इससे मेयर के टेबल पर रखा कांच का गिलास टूट गया।
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जब कांग्रेसी पार्षद मेयर को लॉलीपाप दे रहे थे तो मेयर ने उन्हें कहा कि वे खुद 15 बार यह लॉलीपाप चूस लें क्योंकि 15 साल से वे शहरवासियों को बेवकूफ बना रहे थे। मालूम हो कि प्लान बजट में से ही प्रशासन नगर निगम को उसका हिस्सा देगा, जबकि नगर निगम ने अपने प्लान बजट में 500 करोड़ से ज्यादा की राशि पास की है।
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पिछले साल प्रशासन ने नगर निगम के प्लान बजट में 102 करोड़ की राशि पास की थी। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि जो लॉलीपाप आपने बजट पास करके दिया था अब यह लॉलीपाप शहरवासियों की ओर से उन्हें दिया जा रहा है।
बदसलूकी शब्द कटवाने के लिए जमीन पर बैठे कांग्रेसी पार्षद
पिछली बैठक के मिनटस में मनोनीत पार्षद एमपी कोहली ने लिखा था कि कांग्रेस पार्टी ने बदसलूकी की है। जब मिनटस पास करवाए जा रहे थे तो कांग्रेसी पार्षदों ने पूछा कि किस तरह की बदसूलकी है। जब मेयर अरुण सूद मिनटस से यह शब्द काटने को राजी नहीं हुए तो कांग्रेसी पार्षद मेयर के सामने जमीन पर बैठ गए। अंत में मनोनीत पार्षद एमपी कोहली के कहने पर ही मेयर यह शब्द मिनटस से हटाने को तैयार हुए।
सिर्फ 12 पार्षद पेपरलेस
नगर निगम की ओर से पेपरलेस सदन की बैठक चलाने का दावा किया गया था, इसके बावजूद 21 पार्षदों को एजेंडे की प्रति दी गई जबकि दो कांग्रेस पार्षद गैरहाजिर रहे। मेयर समेत सिर्फ 12 पार्षदों ने ही लैपटॉप का प्रयोग किया। ज्वाइंट कमिश्नर राजीव गुप्ता, वीरेंद्र चौधरी और मेयर अरुण सूद ने भी लैपटॉप का प्रयोग किया। जबकि सदन में दो स्क्रीन भी लगाई गई थी।
4जी के लिए स्ट्रीट लाइटों के खंभों पर बूस्टर लगाने का प्रस्ताव स्थगित
शहर की स्ट्रीट लाइटों के खंभों पर 4जी की सुविधा के लिए सिग्नल बूस्टर लगाने का प्रस्ताव चर्चा के बाद खारिज कर दिया गया। जबकि मेयर अरुण सूद ने हर पहलू पर जांच करने के लिए इस पूरे मामले में कमेटी भी बनाने का प्रस्ताव रखा लेकिन पूर्व मेयर सुभाष चावला ने इस पर आपत्ति जताई। इसके बाद बूस्टर लगाने का प्रस्ताव स्थगित कर दिया गया। मेयर अरुण सूद ने सदन में यह भी कहा कि उन्हें पता लगा है कि अभी यह प्रस्ताव पास नहीं हुआ है, लेकिन कंपनी ने सिग्नल लगाने के सारा सामान खरीद भी लिया है।