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वकालत महान पेशा, नकल करने वाला रहम का हकदार नहीं : हाईकोर्ट
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चंडीगढ़। नकल करते हुए पकड़े गए बीए एलएलबी के छात्र को दो साल के लिए अयोग्य घोषित करने के पंजाब यूनिवर्सिटी के फैसले को सही बताते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि वकालत महान पेशा है, नकल करने वाला किसी भी रहम का हकदार नहीं है। मोहाली निवासी रणदीप सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए उसे दो वर्ष के लिए अयोग्य करार देने के फैसले को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता विश्वविद्यालय के बीए एलएलबी का छात्र था और दिसंबर 2023 में जब वह प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा दे रहा था, तो उसके खिलाफ पेपर से अनुचित साधन इस्तेमाल करने का मामला बनाया गया था। इसके बाद उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था और उसने विश्वविद्यालय को जवाब दिया। बाद में वह समिति के समक्ष उपस्थित हुआ। याचिकाकर्ता को टीम ने आपत्तिजनक सामग्री के साथ पकड़ा था, जो उसके पास से उसकी खुद की लिखावट में बरामद की गई थी। इसके चलते उसे दो साल के लिए अयोग्य घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी अयोग्यता के संबंध में दो वर्ष का समय बहुत लंबा समय है क्योंकि इससे उनका कॅरिअर प्रभावित होगा और यदि उपरोक्त सजा को कम करने के लिए कुछ निर्देश जारी किए जाएं तो उनका कॅरिअर बच जाएगा।
हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता का यह दावा कि सजा अनुपातहीन थी, दो कारणों से कायम नहीं रह सकता। सबसे पहला यह कि नियमों में दो साल की अयोग्यता का प्रावधान था और इस न्यायालय के पास कोई भी सजा को कम या खत्म करने का कोई कारण नहीं है। दूसरा यह कि याचिकाकर्ता एलएलबी का छात्र है और वह भविष्य में वकील बनेगा। ऐसे में न्यायालय अपनी शक्ति का प्रयोग करना उचित नहीं समझता। वर्तमान मामले में शामिल एकमात्र मुद्दा यह था कि याचिकाकर्ता को दी गई सजा कम की जानी चाहिए या नहीं। कानूनी पेशा एक महान पेशा है और कानूनी नैतिकता द्वारा संचालित होता है।
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हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता का यह दावा कि सजा अनुपातहीन थी, दो कारणों से कायम नहीं रह सकता। सबसे पहला यह कि नियमों में दो साल की अयोग्यता का प्रावधान था और इस न्यायालय के पास कोई भी सजा को कम या खत्म करने का कोई कारण नहीं है। दूसरा यह कि याचिकाकर्ता एलएलबी का छात्र है और वह भविष्य में वकील बनेगा। ऐसे में न्यायालय अपनी शक्ति का प्रयोग करना उचित नहीं समझता। वर्तमान मामले में शामिल एकमात्र मुद्दा यह था कि याचिकाकर्ता को दी गई सजा कम की जानी चाहिए या नहीं। कानूनी पेशा एक महान पेशा है और कानूनी नैतिकता द्वारा संचालित होता है।
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