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मोनो रेल के पक्ष में सलाहकार धर्मपाल, बोले- ट्रांसपोर्ट के अन्य विकल्पों पर अब विचार जरूरी

Wed, 30 Jun 2021 02:51 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Wed, 30 Jun 2021 02:51 AM IST
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Advisor Dharampal in favor of mono rail, said - now it is necessary to consider other options of transport
चंडीगढ़। यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल का कहना है कि शहर में यातायात व्यवस्था को ठीक करने के लिए अन्य विकल्पों पर विचार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ जैसे शहर के लिए मेट्रो से ज्यादा मोनो रेल कारगर होगी, इसलिए अब गंभीरता से इस पर कार्य करना होगा।
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धर्मपाल ने कहा कि चंडीगढ़ के लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन की जो योजना ज्यादा बेहतर होगी, उसके अनुरूप ही काम किया जाएगा। कहा कि हाईकोर्ट की ओर से शहर के यातायात को दुरुस्त करने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को स्ट्रीम लाइन करने की जो बात कही गई है, उस पर अमल करेंगे। जरूरत महसूस हुई तो मेट्रो, मोनो रेल व अन्य सार्वजनिक परिवहन विकल्पों पर सर्वे भी कराएंगे। अगर कोई पुराना सर्वे हुआ है तो उसको भी देखेंगे और अधिकारियों से जानकारी लेंगे। प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि मेट्रो पर आगे काम किया जाता है तो शहर में काफी बदलाव करने होंगे। वहीं, मोनो रेल की परियोजना शहर को बिना नुकसान पहुंचाए पूरी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ ऐसा शहर है, जहां अभी यातायात की ज्यादा समस्या नहीं है लेकिन भविष्य को देखते हुए एक प्रभावी योजना बनानी होगी और उसके अनुसार कार्य करना होगा।
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कई साल से सिर्फ चर्चा, हकीकत में किसी पर नहीं हुआ काम
पिछले कई साल से शहर में मेट्रो और मोनो रेल की चर्चा हो रही है लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक इनमें से किसी पर भी काम शुरू नहीं हुआ है। पूर्व सांसद पवन कुमार बंसल शहर में मेट्रो चलाना चाहते थे, जिसके लिए करोड़ों रुपये खर्च भी किए गए। कई योजनाएं बनीं, लेकिन वह सभी ठंडे बस्ते में चली गईं। वहीं, किरण खेर ने सांसद बनने के बाद मेट्रो प्रोजेक्ट को पूरी तरीके से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि शहर में मेट्रो की नहीं बल्कि मोनो रेल की जरूरत है, हालांकि उनके पहली बार सांसद बनने से लेकर आज तक मोनो रेल के मुद्दे पर कोई काम नहीं हुआ है। शहर में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए किसी अन्य विकल्प की बेहद आवश्यकता है।
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अभी निर्णय नहीं लिया तो बाद में संभालना होगा मुश्किल : हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने भी सोमवार को कहा कि शहर में जिस तेजी से यातायात बढ़ रहा है, उसे देखते हुए इसका विकल्प तलाशना आज की जरूरत बन गया है। यदि अभी निर्णय नहीं लिया गया तो बाद में हालात को संभालना मुश्किल होगा। आसपास से बड़ी संख्या में लोग वाहनों से आते हैं और यदि उन्हें मोनो रेल/मेट्रो रेल का विकल्प मिले तो शहर पर से ट्रैफिक का बोझ काफी हद तक कम हो सकता है। शहर को यदि कालका, परवाणु, यमुनानगर, अंबाला, पटियाला, नवांशहर और रोपड़ से मोनो रेल/मेट्रो रेल के माध्यम से जोड़ दें तो यह बहुत कारगर साबित होगा।
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