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बड़ा फैसलाः पंजाब यूनिवर्सिटी में बंद होगी कट ऑफ की होड़, अब एंट्रेस टेस्ट से मिलेगा दाखिला

Wed, 23 Oct 2019 01:01 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 23 Oct 2019 01:01 PM IST
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admission via entrance test in punjab university chandigarh
फाइल फोटो
पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ में प्रवेश के लिए सौ फीसदी कटऑफ की होड़ अगले साल से रुक जाएगी। दरअसल, नई शिक्षा नीति में स्नातक प्रोग्राम में एडमिशन संयुक्त प्रवेश परीक्षा करने का प्रस्ताव है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी सभी विश्वविद्यालयों के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा करवाएगी।
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इसकी मेरिट पर ही विवि और कॉलेज दाखिला देंगे।सरकार का मानना है कि विवि और कॉलेजों को पढ़ाई और शोध कार्यों पर फोकस करना चाहिए। इसलिए परीक्षा या प्रवेश परीक्षा जैसे काम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से करवाने चाहिए। इससे गुणवत्ता बढ़ेगी, समय और धन भी बचेगा। एक छात्र दाखिले के लिए पांच से दस विवि का फॉर्म भरता है। कहीं 12वीं के अंकों के आधार पर तो कहीं प्रवेश परीक्षा से दाखिला होता है।
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सभी विवि-कॉलेजों में दूरस्थ पढ़ाई
उच्च शिक्षा अधूरी छोड़ने (ड्रापआउट) से रोकने के लिए सभी विवि और कॉलेजों में दूरस्थ माध्यम (ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग) से पढ़ाई शुरू होगी। अभी तक विवि अनुदान आयोग नैक एक्रिडिटेशन में मिले स्कोर और अन्य मानकों के आधार पर कुछ संस्थानों को दूरस्थ शिक्षा को मंजूरी देता है।
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स्नातक अनुपयोगी कोर्स होंगे बंद
सरकार स्नातक स्तर पर ऐसे विषय खत्म करेगी, जिसकी उपयोगिता नहीं है। नालंदा-तक्षशिला की तर्ज पर एक विषय की जगह बहु-विषयक डिग्री कोर्स शुरू होंगे। यानी लॉ, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी आदि के विवि या कॉलेजों में विभिन्न विषयों की पढ़ाई होगी। उच्च शिक्षण संस्थानों को दो हिस्सों में बांटा जाएगा। हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट में रिसर्च और पढ़ाई पर फोकस होगा। जबकि हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन कलस्टर में छोटे कॉलेजों को मिलकर बड़ा कॉलेज या विश्वविद्यालय बना सकेंगे।


व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देंगे
विभिन्न विषयों में दक्षता और क्षमता के आधार पर पढ़ाई करवाई जाएगी। ज्ञान के साथ कौशल विकास पर जोर रहेगा, ताकि रोजगार के मौके मिलें। एमफिल प्रोग्राम खत्म होगा और पीएचडी पाठ्यक्रम नए सिरे से तय होगा। आईआईटी, आईआईएम की तरह अमेरिका की तर्ज पर मॉडल पब्लिक विवि बनेंगे, जो कि लिबरल एजुकेशन की पढ़ाई करवाएंगे। व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा।
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