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पीयू के स्नातक व परास्नातक कोर्सेज में दाखिले आसान नहीं
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के स्नातक व परास्नातक कोर्सेज में दाखिले आसान नहीं हैं। सीटों की संख्या से दोगुने व तिगुने आवेदन आए हैं। आवेदनों की संख्या अधिक होने के कारण छात्रों ने सीटें बढ़ाने की मांग की है।
पीयू के बीए ऑनर्स अर्थशास्त्र, बीए इवनिंग स्टडीज, बीकॉम इवनिंग स्टडीज, बीए बीएड, बीए पांच वर्षीय पाठ्यक्रम, बीएससी फैशन के अलावा एमए डिफेंस, एमए गांधीयन एंड पीस स्टडीज, एमए राजनीति विज्ञान, एमए मनोविज्ञान, एमए पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, एमए महिला अध्ययन व एम फार्मा आदि कोर्सेज में दाखिले के लिए अधिक मारामारी है। सूत्रों का कहना है कि यहां पीयू अगर सीटें दोगुनी भी करती तो भी आधे से अधिक विद्यार्थियों को मायूस होना पड़ता, क्योंकि सीटों की संख्या से कई गुना दाखिले के लिए आवेदन मिले हैं।
छात्रों का कहना है कि पीयू को कोरोना काल में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को दाखिले देने चाहिए ताकि विद्यार्थी अपने घरों के पास ही पढ़ाई कर सकें। छात्रों का कहना है कि उन्हें अब दूसरे राज्यों के विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए दौड़ लगानी होगी क्योंकि सीटों की संख्या के मुताबिक ही पीयू दाखिले देगी। अब उम्मीद भी नजर नहीं आ रही कि सीटों की संख्या बढ़ेगी।
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पीयू के बीए ऑनर्स अर्थशास्त्र, बीए इवनिंग स्टडीज, बीकॉम इवनिंग स्टडीज, बीए बीएड, बीए पांच वर्षीय पाठ्यक्रम, बीएससी फैशन के अलावा एमए डिफेंस, एमए गांधीयन एंड पीस स्टडीज, एमए राजनीति विज्ञान, एमए मनोविज्ञान, एमए पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, एमए महिला अध्ययन व एम फार्मा आदि कोर्सेज में दाखिले के लिए अधिक मारामारी है। सूत्रों का कहना है कि यहां पीयू अगर सीटें दोगुनी भी करती तो भी आधे से अधिक विद्यार्थियों को मायूस होना पड़ता, क्योंकि सीटों की संख्या से कई गुना दाखिले के लिए आवेदन मिले हैं।
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छात्रों का कहना है कि पीयू को कोरोना काल में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को दाखिले देने चाहिए ताकि विद्यार्थी अपने घरों के पास ही पढ़ाई कर सकें। छात्रों का कहना है कि उन्हें अब दूसरे राज्यों के विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए दौड़ लगानी होगी क्योंकि सीटों की संख्या के मुताबिक ही पीयू दाखिले देगी। अब उम्मीद भी नजर नहीं आ रही कि सीटों की संख्या बढ़ेगी।
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