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हर घर को आज से मुफ्त मिलेंगे दो-दो डस्टबीन, प्रशासक बदनौर शुरू करेंगे प्रोजेक्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 05 Jun 2017 09:19 AM IST
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- फोटो : File Photo
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गीला और सूखना कचरा अलग-अलग इकट्ठा करने की आदत डालने के लिए सोमवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर नगर निगम की ओर से दो-दो डस्टबीन मुफ्त में बांटने का प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। इसके लिए सेक्टर-18 के टैगोर थिएटर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लेंगे। इस मौके पर सांसद किरण खेर और मेयर आशा जसवाल भी उपस्थित रहेंगी।
इस कार्यक्रम में हर सेक्टर के 5-5 रेजिडेंट्स को शुरुआत में दो-दो डस्टबीन बांटे जाएंगे। इसके बाद हर वार्ड में पार्षद की मौजूदगी में दो-दो डस्टबीन बांटे जाएंगे। रिहायशी इलाके में रहने वाले लोगों को तो मुफ्त में डस्टबीन बांटे जाएंगे, लेकिन गीला और सूखा कचरा अलग-अलग इकट्ठा करने के लिए व्यापारियों और उद्योगपतियों को अपने खर्चे पर ही इन्हें खरीदना होगा। गारबेज सिस्टम को ठीक करने के लिए पांच लाख डस्टबीन खरीदे गए हैं जो कि ढाई लाख घरों में बांटे जाएंगे।
नहीं लिया जाएगा कूड़ा
डस्टबीन मिलने के बाद अगर आप गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग नहीं डालते हैं तो डोर टू डोर गारबेज इकट्ठा करने वाला कर्मचारी आपके घर से कूड़ा लेने से मना कर देगा। कूड़ा इकट्ठा करने के लिए कर्मचारियों को रेहड़ियां भी दी जा रही हैं जबकि कूड़ा इकट्ठा करने वालों की एक सोसाइटी भी बनाई जा रही है। हर कर्मचारी को रेहड़ी के अलावा 40-40 लीटर के डस्टबीन भी दिए जाएंगे।
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इस कार्यक्रम में हर सेक्टर के 5-5 रेजिडेंट्स को शुरुआत में दो-दो डस्टबीन बांटे जाएंगे। इसके बाद हर वार्ड में पार्षद की मौजूदगी में दो-दो डस्टबीन बांटे जाएंगे। रिहायशी इलाके में रहने वाले लोगों को तो मुफ्त में डस्टबीन बांटे जाएंगे, लेकिन गीला और सूखा कचरा अलग-अलग इकट्ठा करने के लिए व्यापारियों और उद्योगपतियों को अपने खर्चे पर ही इन्हें खरीदना होगा। गारबेज सिस्टम को ठीक करने के लिए पांच लाख डस्टबीन खरीदे गए हैं जो कि ढाई लाख घरों में बांटे जाएंगे।
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नहीं लिया जाएगा कूड़ा
डस्टबीन मिलने के बाद अगर आप गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग नहीं डालते हैं तो डोर टू डोर गारबेज इकट्ठा करने वाला कर्मचारी आपके घर से कूड़ा लेने से मना कर देगा। कूड़ा इकट्ठा करने के लिए कर्मचारियों को रेहड़ियां भी दी जा रही हैं जबकि कूड़ा इकट्ठा करने वालों की एक सोसाइटी भी बनाई जा रही है। हर कर्मचारी को रेहड़ी के अलावा 40-40 लीटर के डस्टबीन भी दिए जाएंगे।
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डस्टबीन पर खर्च होंगे 2.36 करोड़ रुपये
पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर
- फोटो : अमर उजाला
निजी सोसाइटी में सिस्टम लगाने पर 10 प्रतिशत की छूट
नगर निगम के कमिश्नर ने बताया कि स्वच्छता अभियान के तहत जो निजी सोसाइटियों में कूड़े से खाद लगाने वाले सिस्टम को लगाएगा उस सोसाइटी के फ्लैट धारकों को 10 प्रतिशत की हाउस टैक्स में छूट मिलेगी। वहीं सिस्टम का खर्चा नगर निगम की ओर से ही किया जाएगा।
इससे सर्वेक्षण में भी मिलेंगे नंबर
इस बार जो स्वच्छता सर्वेक्षण हुआ था उसमें अलग-अलग सूखा और गीला कूड़ा इकट्ठा करने के भी अंक थे। हालांकि वे अंक चंडीगढ़ नगर निगम को नहीं मिले, इसलिए इस व्यवस्था को अब लागू किया जा रहा है। इससे अगले साल होने वाले सर्वेक्षण में स्थिति में सुधार करने का मौका मिलेगा। इस बार नगर निगम की ओर से शहरवासियों को ज्यादा से ज्यादा स्वच्छ एप डाउनलोड करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण में भी चंडीगढ़ के दो से 11 नंबर पर पहुंचने का एक बड़ा कारण यही रहा है कि लोगों ने तो एप लांच किया और न ही फीडबैक दी।
डस्टबीन पर खर्च होंगे 2.36 करोड़ रुपये
शहरवासियों को जो डस्टबीन निशुल्क बांटे जा रहे हैं वह प्रति डस्टबीन नगर निगम को 94 रुपये 50 पैसे का पड़ा है। ऐसे में कुल
ढाई लाख घरों के लिए डस्टबीन की लागत नगर निगम को दो करोड़ 36 लाख रुपये आएगी। इसी के साथ ही जो गारबेज इकट्ठा करने वाले कर्मचारियों को 40-40 लीटर के डस्टबीन दिए जा रहे हैं उस हर डस्टबीन की कीमत 600 रुपये है। नगर निगम ने कुल 3 हजार डस्टबीन खरीदे हैं। इनकी लागत नगर निगम को 18 लाख रुपये पड़ी है।
नगर निगम के कमिश्नर ने बताया कि स्वच्छता अभियान के तहत जो निजी सोसाइटियों में कूड़े से खाद लगाने वाले सिस्टम को लगाएगा उस सोसाइटी के फ्लैट धारकों को 10 प्रतिशत की हाउस टैक्स में छूट मिलेगी। वहीं सिस्टम का खर्चा नगर निगम की ओर से ही किया जाएगा।
इससे सर्वेक्षण में भी मिलेंगे नंबर
इस बार जो स्वच्छता सर्वेक्षण हुआ था उसमें अलग-अलग सूखा और गीला कूड़ा इकट्ठा करने के भी अंक थे। हालांकि वे अंक चंडीगढ़ नगर निगम को नहीं मिले, इसलिए इस व्यवस्था को अब लागू किया जा रहा है। इससे अगले साल होने वाले सर्वेक्षण में स्थिति में सुधार करने का मौका मिलेगा। इस बार नगर निगम की ओर से शहरवासियों को ज्यादा से ज्यादा स्वच्छ एप डाउनलोड करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण में भी चंडीगढ़ के दो से 11 नंबर पर पहुंचने का एक बड़ा कारण यही रहा है कि लोगों ने तो एप लांच किया और न ही फीडबैक दी।
डस्टबीन पर खर्च होंगे 2.36 करोड़ रुपये
शहरवासियों को जो डस्टबीन निशुल्क बांटे जा रहे हैं वह प्रति डस्टबीन नगर निगम को 94 रुपये 50 पैसे का पड़ा है। ऐसे में कुल
ढाई लाख घरों के लिए डस्टबीन की लागत नगर निगम को दो करोड़ 36 लाख रुपये आएगी। इसी के साथ ही जो गारबेज इकट्ठा करने वाले कर्मचारियों को 40-40 लीटर के डस्टबीन दिए जा रहे हैं उस हर डस्टबीन की कीमत 600 रुपये है। नगर निगम ने कुल 3 हजार डस्टबीन खरीदे हैं। इनकी लागत नगर निगम को 18 लाख रुपये पड़ी है।