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प्रशासक बोले, चंडीगढ़ स्मार्ट नहीं वर्ल्ड की स्मार्टेस्ट सिटी हो, दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Thu, 25 Aug 2016 12:59 AM IST
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VP singh badnaur
- फोटो : Amar Ujala
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चंडीगढ़ प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने कहा कि चंडीगढ़ को स्मार्ट नहीं वर्ल्ड की स्मार्टेस्ट सिटी बनाने पर काम होगा। यूटी सेक्रेटरिएट में अधिकारियों की मीटिंग के दौरान उन्होंने कहा कि ली कार्बूजिए की सोच के हिसाब से शहर का विकास होना चाहिए। लेकिन बिल्डिंग और सड़कों के साथ मानवता भी झलकनी चाहिए। अब शहर में ह्यूमन टच वाले काम भी होंगे।
इनमें दिव्यांग अनुकूल चीजें और ब्लाइंड स्कूल पर फोकस रहेगा। कहीं कोई एक्सीडेंट हो तो लोग तुरंत सहायता के लिए तैयार हों, ऐसी मानवता दिखनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से वर्ल्ड क्लास यूरोपियन शहरों की महत्वाकांक्षाओं पर स्टडी करने के आदेश दिए। ग्रीन सिटी, सोलर सिटी जैसे क्षेत्रों में नए आयाम खोजने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ शून्य कार्बन उत्सर्जन वाला शहर कैसे बने इस काम को करने की जरूरत है। चंडीगढ़ ऐसा शहर होना चाहिए जिसे विश्व भर से लोग देखने आएं।
पॉलिसी बनते ही उसको लागू करने के नियम भी बनाए जाएं
बदनौर के सामने पॉलिसी लागू नहीं होने का सवाल उठाया गया तो उन्होंने कहा कि कई कानून बनने के बाद भी उनके रूल नहीं बनने के कारण लागू नहीं हो पाए हैं। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर आदेश दिए कि जो भी पॉलिसी बनाई जाए उसको लागू करने के नियम भी साथ ही बनाए जाएं, ताकि उनको सही तरीके से लागू भी किया जा सके। इंडस्ट्रियल और हाउसिंग संबंधी जो पॉलिसी बनाई गई हैं वह अभी तक सही ढंग से लागू नहीं हो पाई हैं।
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इनमें दिव्यांग अनुकूल चीजें और ब्लाइंड स्कूल पर फोकस रहेगा। कहीं कोई एक्सीडेंट हो तो लोग तुरंत सहायता के लिए तैयार हों, ऐसी मानवता दिखनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से वर्ल्ड क्लास यूरोपियन शहरों की महत्वाकांक्षाओं पर स्टडी करने के आदेश दिए। ग्रीन सिटी, सोलर सिटी जैसे क्षेत्रों में नए आयाम खोजने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ शून्य कार्बन उत्सर्जन वाला शहर कैसे बने इस काम को करने की जरूरत है। चंडीगढ़ ऐसा शहर होना चाहिए जिसे विश्व भर से लोग देखने आएं।
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पॉलिसी बनते ही उसको लागू करने के नियम भी बनाए जाएं
बदनौर के सामने पॉलिसी लागू नहीं होने का सवाल उठाया गया तो उन्होंने कहा कि कई कानून बनने के बाद भी उनके रूल नहीं बनने के कारण लागू नहीं हो पाए हैं। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर आदेश दिए कि जो भी पॉलिसी बनाई जाए उसको लागू करने के नियम भी साथ ही बनाए जाएं, ताकि उनको सही तरीके से लागू भी किया जा सके। इंडस्ट्रियल और हाउसिंग संबंधी जो पॉलिसी बनाई गई हैं वह अभी तक सही ढंग से लागू नहीं हो पाई हैं।
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सरल और सादा व्यक्तित्व सबको भाया
Punjab Governor VP Singh Badnore
- फोटो : amar ujala
स्कूल-कॉलेज से ही हो प्लेसमेंट
प्रशासक ने कहा कि स्कूल-कॉलेज से ही प्लेसमेंट हो, ऐसी व्यवस्था बनाई जाए। ताकि बच्चों को पढ़ाई पूरी होते ही नौकरी मिल सके। इसके लिए पूरा मैकेनिज्म डेवलप किया जाए। रोजगार परक शिक्षा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। मेडिकल सुविधाओं को भी उन्होंने अपनी वरीयता बताया। मेडिकल सुविधाओं को बढ़ाने केलिए हर संभव कदम उठाने के आदेश दिए।
कानून व्यवस्था हो सही
बदनौर ने कहा कि यदि कोई किसी मामले में शिकायत लेकर आता है तो तुरंत शिकायत दर्ज की जानी चाहिए। एफआईआर नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। रोजगार बढ़ाने के लिए पुलिस कोई ऐसी व्यवस्था करे कि ऐच्छिक लोगों को हथियार चलाना सिखाया जाए। फिर उनका सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने में भरपूर इस्तेमाल किया जा सकता है।
सरल और सादा व्यक्तित्व सबको भाया
वीपी सिंह बदनौर का सभी के साथ ऐसा स्वभाव दिखा जो उनके सरल और सादे व्यक्तित्व को उजागर करता है। उन्होंने अधिकारियों और मीडियाकर्मियों से खुद दो दो बार चाय के लिए पूछा। इतना ही नहीं अधिकारियों केसाथ भी फ्रेंडली व्यवहार करते दिखे। जब उन्हें बताया गया कि बाहर मीडिया कर्मी कुछ मिनट बात करना चाहते हैं तो वह मीडियाकर्मियों के पास आकर बोले कि वह केवल एक बाइट देने नहीं आए हैं। बल्कि वह सभी को चाय पिलाएंगे और बात करेंगे।
प्रशासक ने कहा कि स्कूल-कॉलेज से ही प्लेसमेंट हो, ऐसी व्यवस्था बनाई जाए। ताकि बच्चों को पढ़ाई पूरी होते ही नौकरी मिल सके। इसके लिए पूरा मैकेनिज्म डेवलप किया जाए। रोजगार परक शिक्षा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। मेडिकल सुविधाओं को भी उन्होंने अपनी वरीयता बताया। मेडिकल सुविधाओं को बढ़ाने केलिए हर संभव कदम उठाने के आदेश दिए।
कानून व्यवस्था हो सही
बदनौर ने कहा कि यदि कोई किसी मामले में शिकायत लेकर आता है तो तुरंत शिकायत दर्ज की जानी चाहिए। एफआईआर नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। रोजगार बढ़ाने के लिए पुलिस कोई ऐसी व्यवस्था करे कि ऐच्छिक लोगों को हथियार चलाना सिखाया जाए। फिर उनका सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने में भरपूर इस्तेमाल किया जा सकता है।
सरल और सादा व्यक्तित्व सबको भाया
वीपी सिंह बदनौर का सभी के साथ ऐसा स्वभाव दिखा जो उनके सरल और सादे व्यक्तित्व को उजागर करता है। उन्होंने अधिकारियों और मीडियाकर्मियों से खुद दो दो बार चाय के लिए पूछा। इतना ही नहीं अधिकारियों केसाथ भी फ्रेंडली व्यवहार करते दिखे। जब उन्हें बताया गया कि बाहर मीडिया कर्मी कुछ मिनट बात करना चाहते हैं तो वह मीडियाकर्मियों के पास आकर बोले कि वह केवल एक बाइट देने नहीं आए हैं। बल्कि वह सभी को चाय पिलाएंगे और बात करेंगे।