'घर से वर्दी पहनकर न आएं': पंजाब में वायरल ऑडियो पर विपक्ष ने मान सरकार को घेरा; पुलिस ने एडवाइजरी को कहा फेक
सोशल मीडिया पर एक ऑडियो पोस्ट कर दावा किया गया है कि पंजाब में पुलिसकर्मियों को घर से वर्दी पहनकर न आने की एडवाइजरी जारी की गई है। इसके बाद इस मामले में सियासत गरमा गई है।
विस्तार
ऑडियो में कहा गया है कि पुलिसकर्मी थाने आकर ही वर्दी पहनें। इस दावे ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि जिस वर्दी पर गर्व था, आज वही छिपानी पड़ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि फिर इतनी सुरक्षा का क्या फायदा। मजीठिया ने आरोप लगाया कि पुलिस गैंगस्टरों के सामने बेबस है। उन्होंने कहा कि आम पंजाबियों में डर का माहौल है। उनके अनुसार, कानून व्यवस्था पूरी तरह से पुलिस के हाथ से निकल चुकी है।
कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी प्रसारित ऑडियो साझा किया। उन्होंने कहा कि पंजाब जल रहा है और भगवंत मान मंचों पर चुटकुले सुना रहे हैं। वड़िंग ने स्थिति की तुलना "रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था" से की। उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
भाजपा बोली-क्या विडंबना है
भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी हो गई है कि पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे सड़कों पर या सार्वजनिक और निजी वाहनों में यात्रा करते समय पुलिस की वर्दी न पहनें। जिस वर्दी से अधिकार का भाव झलकता है और जो सुरक्षा का एहसास कराती है, अब उसे ही ऐसा माना जा रहा है जिससे पुलिस अधिकारी किसी हमले का निशाना बन सकते हैं। यह उन लोगों की सुरक्षा का मामला है, जिन पर पंजाब के नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। सम्मान तो है, लेकिन वर्दी पहनना भी खतरे से खाली नहीं है!
⚠️ FACT CHECK | FALSE ADVISORY
— Punjab Police India (@PunjabPoliceInd) September 22, 2026
Punjab Police Headquarters or any other Punjab Police office under it has issued no advisory directing police personnel to:
• Avoid wearing uniform while going to or returning from duty
• Wear civilian clothes while commuting to/from duty
Such…
पुलिस ने ऑडियो को बताया फर्जी
पंजाब पुलिस ने इस प्रसारित ऑडियो को पूरी तरह फर्जी बताया है। पंजाब पुलिस के आधिकारिक माध्यम से इस मामले में स्पष्टीकरण जारी किया गया है। पुलिस ने कहा कि मुख्यालय या उसके अधीन किसी भी कार्यालय ने ऐसा कोई निर्देश या सलाह जारी नहीं की है। सोशल मीडिया पर फैल रहे ऐसे संदेशों को फर्जी बताया गया है। नागरिकों और पुलिस कर्मियों को सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।