Chandigarh News: प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने जताई आपत्ति, नई पॉर्किंग पॉलिसी में होगा संशोधन
नगर निगम की बैठक में 25 जुलाई को इस पॉलिसी को पास किया गया था। इस पॉलिसी में दोपहिया वाहनों को फ्री कर दिया था जबकि चार पहिया वाहन के लिए पहले 15 मिनट फ्री कर दिया गया था।
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ट्राइसिटी से बाहर के वाहनों से दोगुना पार्किंग शुल्क वसूलने और नई दरों को लेकर पेश की गई चंडीगढ़ की नई पार्किंग पॉलिसी पर पेच फंस गया है। शुक्रवार को चंडीगढ़ में आयोजित सलाहकार परिषद की बैठक में प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने इस नीति पर पुनर्विचार करने की बात करते हुए नई पार्किंग पॉलिसी को नकार दिया। प्रशासक की आपत्ति के बाद अब इस पॉलिसी को बदलने की तैयारी हो गई है। बता दें कि सार्वजनिक और राजनीतिक स्तर पर इस नीति का पहले ही विरोध हो रहा था।
प्रशासक ने अपने सलाहकार धर्मपाल को सलाहकार परिषद की बैठक के दौरान कहा कि इस तरह से पार्किंग पॉलिसी में दोहरा रवैया अपनाने से बचना चाहिए। शहर की आवश्यकता के अनुसार, पार्किंग के रेट रखे जा सकते हैं लेकिन अलग जगह से आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग शुल्क अलग नहीं हो सकते। इसके बाद अब नगर निगम की होने वाली अगली बैठक में इस पॉलिसी को संशोधित किया जाएगा।
गौर हो कि इस पॉलिसी को लेकर पहले भी विवाद चल रहा था। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष राजा वड़िंग ने प्रशासक को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने इस पार्किंग पॉलिसी का विरोध किया था। वहीं, अकाली दल के कई नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल भी प्रशासक से मिला था। उन्होंने भी इस पॉलिसी पर आपत्ति जताई थी। आम आदमी पार्टी के नेता प्रदीप छाबड़ा ने यह पॉलिसी लागू होने पर इसे अदालत में चुनौती देने की भी बात कही थी।
25 अगस्त को पास हुई थी पॉलिसी
नगर निगम की बैठक में 25 जुलाई को इस पॉलिसी को पास किया गया था। इस पॉलिसी में दोपहिया वाहनों को फ्री कर दिया था जबकि चार पहिया वाहन के लिए पहले 15 मिनट फ्री और इसके बाद 15 मिनट से चार घंटे के लिए 15 रुपये, आठ घंटे के लिए 20 रुपये और इसके बाद 10 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से शुल्क तय किए थे।
प्रशासक के निर्देश पर सदन की अगली बैठक में नई पार्किंग नीति पर चर्चा की जाएगी। निगम और प्रशासन ने चंडीगढ़ में यातायात के दबाव को कम करने के मकसद से ही इस नीति का प्रस्ताव रखा है। - अनूप गुप्ता, मेयर चंडीगढ़।