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Chandigarh News: नशा छोड़ने वालों को कॅरिअर की राह दिखाएगा प्रशासन
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चंडीगढ़। शहर को नशामुक्त बनाने के अभियान में प्रशासन अब सभी राजनीतिक दलों को साथ लेकर आगे बढ़ेगा। पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने बुधवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सुझाव लिए। उन्होंने नेताओं से अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की। बैठक में तय हुआ कि अभियान की समीक्षा और सुझावों के लिए ऐसी बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी। प्रशासक ने बताया कि शहर में अब घर-घर सर्वे कराया जाएगा। इसके जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कितने युवा नशे की गिरफ्त में हैं। नशा करने वाले युवाओं को उपचार और नशामुक्ति में मदद दी जाएगी। ठीक होने के बाद उन्हें रोजगार से जोड़ने की योजना है। इसके लिए प्रशासन उद्योग जगत के साथ समन्वय कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगा।
बैठक में कांग्रेस, भाजपा, आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के अध्यक्षों के अलावा सांसद मनीष तिवारी, पूर्व सांसद किरण खेर, पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी ने नशे की समस्या से निपटने के लिए अपने सुझाव दिए।
तस्करों पर सख्त कार्रवाई की मांग
बैठक में नेताओं ने नशा तस्करों के खिलाफ लगातार और सख्त अभियान चलाने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि कई तस्करों के खिलाफ बार-बार मामले दर्ज होने के बावजूद वे बाहर आकर दोबारा नशे का कारोबार करते हैं। ऐसे मामलों में कार्रवाई को प्रभावी बनाने और तस्करों पर शिकंजा कसने की मांग की गई। कई नेताओं ने नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया, ताकि नशा छोड़ने के इच्छुक लोगों को उपचार और पुनर्वास की बेहतर सुविधा मिल सके।
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खेल और रोजगार से जोड़ने पर जोर
युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया। नेताओं ने युवाओं के लिए खेल सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया। कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने बेरोजगारी को भी नशे की समस्या से जोड़ते हुए युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने की जरूरत बताई।
उठा मुद्दा... नशे का नेटवर्क केवल चंडीगढ़ तक सीमित नहीं
बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि नशे का नेटवर्क केवल चंडीगढ़ तक सीमित नहीं है। शहर में नशा उपलब्ध नहीं होने पर लोग आसपास के शहरों और राज्यों से इसे हासिल कर लेते हैं। इसलिए पड़ोसी राज्यों और शहरों को भी अभियान में शामिल करने पर जोर दिया गया। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने सुझावों पर विचार कर अभियान को आगे बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास जारी रखने की बात कही। चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ पहले से विशेष अभियान चल रहा है। प्रशासक ने 30 सितंबर के बाद शहर में नशे की बिक्री रोकने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए थे।
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बैठक में कांग्रेस, भाजपा, आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के अध्यक्षों के अलावा सांसद मनीष तिवारी, पूर्व सांसद किरण खेर, पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी ने नशे की समस्या से निपटने के लिए अपने सुझाव दिए।
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तस्करों पर सख्त कार्रवाई की मांग
बैठक में नेताओं ने नशा तस्करों के खिलाफ लगातार और सख्त अभियान चलाने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि कई तस्करों के खिलाफ बार-बार मामले दर्ज होने के बावजूद वे बाहर आकर दोबारा नशे का कारोबार करते हैं। ऐसे मामलों में कार्रवाई को प्रभावी बनाने और तस्करों पर शिकंजा कसने की मांग की गई। कई नेताओं ने नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया, ताकि नशा छोड़ने के इच्छुक लोगों को उपचार और पुनर्वास की बेहतर सुविधा मिल सके।
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खेल और रोजगार से जोड़ने पर जोर
युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया। नेताओं ने युवाओं के लिए खेल सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया। कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने बेरोजगारी को भी नशे की समस्या से जोड़ते हुए युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने की जरूरत बताई।
उठा मुद्दा... नशे का नेटवर्क केवल चंडीगढ़ तक सीमित नहीं
बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि नशे का नेटवर्क केवल चंडीगढ़ तक सीमित नहीं है। शहर में नशा उपलब्ध नहीं होने पर लोग आसपास के शहरों और राज्यों से इसे हासिल कर लेते हैं। इसलिए पड़ोसी राज्यों और शहरों को भी अभियान में शामिल करने पर जोर दिया गया। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने सुझावों पर विचार कर अभियान को आगे बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास जारी रखने की बात कही। चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ पहले से विशेष अभियान चल रहा है। प्रशासक ने 30 सितंबर के बाद शहर में नशे की बिक्री रोकने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए थे।