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चुनाव प्रचार और खर्च की गाइड लाइन तय
अमर उजाला ब्यूरो/ यमुना नगर
Updated Sun, 14 Sep 2014 12:57 AM IST
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यमुनानगर। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी और उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़ ने शनिवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने सभी प्रतिनिधियों को विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों द्वारा खर्च की सीमा के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि चुनवा पर खर्च की जाने वाली राशि की अधिकतम सीमा 28 लाख रुपये है। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को नामांकन की तिथि से चुनाव परिणाम की घोषणा तक प्रतिदिन अपने खर्चें का लेखा-जोखा रखना होगा। इसके अलावा सप्ताह में एक बार इस खर्चे का निरीक्षण कराना अनिवार्य है।
चुनाव खर्चें का निरीक्षण भारत निर्वाचन आयोग पर्यवेक्षक, रिर्टनिंग अधिकारी, सहायक निर्टनिंग अधिकारी या उन द्वारा नियुक्त किसी भी नामित अधिकारी द्वारा किया जा सकता है। बैठक में कांग्रेस पार्टी के पूर्ण चंद गोयल, इनेलो के प्रेम पाल सैनी, सीपीआईएम के जरनैल सिंह सांगवान, सीपीआई के प्रवीन कुमार, बीजेपी के विनोद सिंगला सहित विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि, बिलासपुर की उपमंडलाधीश पूजा चॉवरिया, सीटीएम रूचि सिंह, चुनाव के नायब तहसीलदार आंचल गर्ग सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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चुनाव खर्चों का दिया ब्यौरा
बैठक में उपायुक्त ने सभी राजनैतिक दलों को विभिन्न मदों के तहत खर्च करने के लिए बनी रेट लिस्ट से अवगत करवाया। इस रेट लिस्ट में पैैन ड्राईव डैक, लाउड स्पीकर, बैटरी, पंडाल, कपडे़ के बैनर, प्लाटिके झंडे, हैंड बिल, विभिन्न प्रकार के पोस्टर, होर्डिंग्स, विडन कटआउट, वीडियो, ऑडियो, गेट आदि मदों से संबंधित खर्च शामिल है। इस लिस्ट में चुनाव प्रचार के दौरान शामिल की जाने वाली क्वालिस, इनोवा, तवेरा, मैक्सी कैब, टाटा सूमो और टाटा मैजिक के मासिक और दिवसीय किराए का विवरण भी है।
एक्सपैंडीचर समिति करेगी चुनाव खर्च का मिलान
उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक उम्मीदवारों को अपने खर्चे का संचालन एक ही बैंक खाते द्वारा करना होगा। उम्मीदवार के चुनाव कार्यालय में रखे रजिस्ट्रर में प्रतिदिन खर्चे का रिकार्ड रखना होगा। इन खर्चों का मिलान जिला स्तर पर बनाई गई एक्सपेंडिचर समिति करेगी। चुनाव खर्च में अनियमितता पाए जाने पर प्रत्याशी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति किसी भी सरकारी, गैर सरकारी, अर्ध सरकारी भवनाें पर चुनाव से संबंधित चुनाव प्रतीक, नारे लिखने और पोस्टर चिपकाने पर प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में राजनैतिक दलों द्वारा पंपलेंट और पोस्टर लगाने तथा रैली के लिए स्थान निर्धारित किए गए हैं। तय स्थानों के अलावा अन्य स्थानों तथा सार्वजनिक स्थलों पर पंफलैंट, पोस्टर लगाना प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद होने वाली जनसभा के लिए संबंधित आरओ से अनुमति लेनी होगी।
प्रचार वाहनों की सूची देना अनिवार्य
पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद कहा कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान जो वाहन प्रयोग किए जाएंगे, उनकी सूची जिला निर्वाचन अधिकारी को देना अनिवार्य है। ऐसे वाहनों की सूचियां पुलिस अधीक्षक और संबंधित उपमंडल अधिकारियों को समय-समय पर भेजी जाएंगी। उन्हाेंने बताया कि चुनाव के दौरान किसी भी हालत में तीन गाड़ियों से अधिक गाड़ियों को शामिल नहीं किया जाएगा। यदि तीन से अधिक गाड़ी पाई गई तो उन गाड़ियों को चुनावी प्रक्रिया समाप्त होने तक जब्त रखा जाएगा।
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उन्होंने कहा कि चुनवा पर खर्च की जाने वाली राशि की अधिकतम सीमा 28 लाख रुपये है। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को नामांकन की तिथि से चुनाव परिणाम की घोषणा तक प्रतिदिन अपने खर्चें का लेखा-जोखा रखना होगा। इसके अलावा सप्ताह में एक बार इस खर्चे का निरीक्षण कराना अनिवार्य है।
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चुनाव खर्चें का निरीक्षण भारत निर्वाचन आयोग पर्यवेक्षक, रिर्टनिंग अधिकारी, सहायक निर्टनिंग अधिकारी या उन द्वारा नियुक्त किसी भी नामित अधिकारी द्वारा किया जा सकता है। बैठक में कांग्रेस पार्टी के पूर्ण चंद गोयल, इनेलो के प्रेम पाल सैनी, सीपीआईएम के जरनैल सिंह सांगवान, सीपीआई के प्रवीन कुमार, बीजेपी के विनोद सिंगला सहित विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि, बिलासपुर की उपमंडलाधीश पूजा चॉवरिया, सीटीएम रूचि सिंह, चुनाव के नायब तहसीलदार आंचल गर्ग सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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चुनाव खर्चों का दिया ब्यौरा
बैठक में उपायुक्त ने सभी राजनैतिक दलों को विभिन्न मदों के तहत खर्च करने के लिए बनी रेट लिस्ट से अवगत करवाया। इस रेट लिस्ट में पैैन ड्राईव डैक, लाउड स्पीकर, बैटरी, पंडाल, कपडे़ के बैनर, प्लाटिके झंडे, हैंड बिल, विभिन्न प्रकार के पोस्टर, होर्डिंग्स, विडन कटआउट, वीडियो, ऑडियो, गेट आदि मदों से संबंधित खर्च शामिल है। इस लिस्ट में चुनाव प्रचार के दौरान शामिल की जाने वाली क्वालिस, इनोवा, तवेरा, मैक्सी कैब, टाटा सूमो और टाटा मैजिक के मासिक और दिवसीय किराए का विवरण भी है।
एक्सपैंडीचर समिति करेगी चुनाव खर्च का मिलान
उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक उम्मीदवारों को अपने खर्चे का संचालन एक ही बैंक खाते द्वारा करना होगा। उम्मीदवार के चुनाव कार्यालय में रखे रजिस्ट्रर में प्रतिदिन खर्चे का रिकार्ड रखना होगा। इन खर्चों का मिलान जिला स्तर पर बनाई गई एक्सपेंडिचर समिति करेगी। चुनाव खर्च में अनियमितता पाए जाने पर प्रत्याशी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति किसी भी सरकारी, गैर सरकारी, अर्ध सरकारी भवनाें पर चुनाव से संबंधित चुनाव प्रतीक, नारे लिखने और पोस्टर चिपकाने पर प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में राजनैतिक दलों द्वारा पंपलेंट और पोस्टर लगाने तथा रैली के लिए स्थान निर्धारित किए गए हैं। तय स्थानों के अलावा अन्य स्थानों तथा सार्वजनिक स्थलों पर पंफलैंट, पोस्टर लगाना प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद होने वाली जनसभा के लिए संबंधित आरओ से अनुमति लेनी होगी।
प्रचार वाहनों की सूची देना अनिवार्य
पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद कहा कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान जो वाहन प्रयोग किए जाएंगे, उनकी सूची जिला निर्वाचन अधिकारी को देना अनिवार्य है। ऐसे वाहनों की सूचियां पुलिस अधीक्षक और संबंधित उपमंडल अधिकारियों को समय-समय पर भेजी जाएंगी। उन्हाेंने बताया कि चुनाव के दौरान किसी भी हालत में तीन गाड़ियों से अधिक गाड़ियों को शामिल नहीं किया जाएगा। यदि तीन से अधिक गाड़ी पाई गई तो उन गाड़ियों को चुनावी प्रक्रिया समाप्त होने तक जब्त रखा जाएगा।