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Chandigarh News: अवैध बसों के संचालन को रोकने में असफल प्रशासन-यूनियन
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ यूटी में हिमाचल प्रदेश, पंजाब और अन्य राज्यों से आने वाली निजी लग्जरी, इंटीग्रल कोच और स्लीपर बसों के अवैध संचालन पर कार्रवाई करने में यूटी प्रशासन विफल साबित हुआ है। यह आरोप चंडीगढ़ गवर्नमेंट ट्रांसपोर्ट वर्कर यूनियन के नेताओं जसवंत सिंह, आजाद सिंह और बलबीर सिंह ने लगाया है।
उनका कहना है कि मोटर व्हीकल एक्ट 1988 और निर्धारित परिवहन नियमों की लगातार अवहेलना के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही। इसके कारण चंडीगढ़ धीरे-धीरे अवैध निजी बस संचालन का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। तीनों नेताओं ने गेट रैली को संबोधित करते हुए चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों पर यह आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की कई बसें भी बिना स्वीकृत समय-सारणी और निर्धारित संचालन नियमों के चंडीगढ़ में संचालित हो रही हैं। इसकी वजह से सेक्टर-17 और सेक्टर-43 बस स्टैंड पर आए दिन विवाद, झगड़े और अव्यवस्था की स्थिति बन रही है। यूनियन का कहना है कि इस गंभीर विषय को लेकर चीफ सेक्रेटरी, यूटी प्रशासन, सचिव परिवहन और सेक्रेटरी एसटीए यूटी चंडीगढ़ को कई बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब से आने वाली कई लग्जरी और इंटीग्रल कोच निजी बसों के पास वैध परमिट या काउंटर साइन तक नहीं हैं। यूनियन नेताओं ने मांग की कि सीटीयू के महाप्रबंधक, स्टेशन सुपरवाइजर और इंस्पेक्टरों को सेक्टर-17 और सेक्टर-43 बस स्टैंड समेत निर्धारित क्षेत्रों में अवैध बसों, टैक्सियों, ऑटो रिक्शा और अन्य अनधिकृत वाहनों के चालान काटने और कानूनी कार्रवाई करने की शक्तियां दी जाएं।
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उनका कहना है कि मोटर व्हीकल एक्ट 1988 और निर्धारित परिवहन नियमों की लगातार अवहेलना के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही। इसके कारण चंडीगढ़ धीरे-धीरे अवैध निजी बस संचालन का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। तीनों नेताओं ने गेट रैली को संबोधित करते हुए चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों पर यह आरोप लगाए।
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उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम की कई बसें भी बिना स्वीकृत समय-सारणी और निर्धारित संचालन नियमों के चंडीगढ़ में संचालित हो रही हैं। इसकी वजह से सेक्टर-17 और सेक्टर-43 बस स्टैंड पर आए दिन विवाद, झगड़े और अव्यवस्था की स्थिति बन रही है। यूनियन का कहना है कि इस गंभीर विषय को लेकर चीफ सेक्रेटरी, यूटी प्रशासन, सचिव परिवहन और सेक्रेटरी एसटीए यूटी चंडीगढ़ को कई बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब से आने वाली कई लग्जरी और इंटीग्रल कोच निजी बसों के पास वैध परमिट या काउंटर साइन तक नहीं हैं। यूनियन नेताओं ने मांग की कि सीटीयू के महाप्रबंधक, स्टेशन सुपरवाइजर और इंस्पेक्टरों को सेक्टर-17 और सेक्टर-43 बस स्टैंड समेत निर्धारित क्षेत्रों में अवैध बसों, टैक्सियों, ऑटो रिक्शा और अन्य अनधिकृत वाहनों के चालान काटने और कानूनी कार्रवाई करने की शक्तियां दी जाएं।