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प्रशासन ने एडमिनिस्ट्रेटिव डायरेक्टर का पद तैयार कर निकाली भर्ती, छिड़ा विवाद
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चंडीगढ़। यूटी प्रशासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने एडमिनिस्ट्रेटिव डायरेक्टर के पद की भर्ती निकाली है। इसे लेकर विवाद शुरू हो गया है। शहर के कर्मचारी यूनियनों ने आरोप लगाया है कि यह पद किसी खास अधिकारी को लाभ पहुंचाने के लिए बनाया गया है।
हिंद मजदूर सभा चंडीगढ़ के उपाध्यक्ष कश्मीर चंद ने कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार ज्यादा उम्र के कर्मचारियों को पहले सेवानिवृत्त कर रही है, ताकि युवाओं को मौका मिल सके। दूसरी तरफ, चंडीगढ़ प्रशासन अपने चहेते अधिकारियों को रिटायरमेंट के बाद एक्सटेंशन और फिर उसके बाद भी उन्हें एडजस्ट करने की कोशिश कर रहा है। इस भर्ती के लिए 23 सितंबर को सुबह 10 यूटी सचिवालय के चौथे फ्लोर पर इंटरव्यू रखा गया है। उन्होंने पीएमओ से भी शिकायत की है। गौरतलब है कि चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग के एक बड़े अधिकारी 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि यह पद उन्हीं के लिए तैयार किया गया है।
पद के लिए मांगी गई योग्यताएं
कर्मचारी संघों ने पद के लिए मांगी गई योग्यताओं पर भी सवाल उठाया है। पब्लिक नोटिस के अनुसार उम्मीदवार पंजाब, हरियाणा व अन्य राज्यों से उप निदेशक (स्वास्थ्य) रैंक का होना चाहिए, जो 31 अक्तूबर तक सेवानिवृत्त हो। आवेदन करते समय उम्मीदवार की आयु 62 वर्ष तक होनी चाहिए। स्वास्थ्य के क्षेत्र में 25-30 वर्षों का न्यूनतम सामूहिक प्रशासनिक अनुभव होना चाहिए। पिछले पांच वर्षों की सेवा अवधि का वार्षिक गोपनीय रिकॉर्ड बहुत अच्छा व उससे ऊपर का होना चाहिए। उम्मीदवार की सेहत अच्छी होनी चाहिए और पद के अनुसार निर्धारित कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए फिट होना चाहिए। पिछली सैलरी से पेंशन की रकम काटकर मासिक सैलरी दी जाएगी।
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कर्मचारियों को तय सैलरी देने के लिए प्रशासन के पास बजट नहीं
चंडीगढ़ एनएचएम कर्मचारी संघ ने कहा है कि 15 साल से कार्यरत संविदा एनएचएम कर्मचारियों को मानदेय के लिए प्रशासन के पास बजट नहीं है, व्यक्ति विशेष के लिए निदेशक की एक नई पोस्ट बना दी गई। एक लाख से डेढ़ लाख प्रति माह तनख्वाह दी जाएगी। यह वर्षों से कार्य कर रहे कर्मचारियों के खिलाफ साजिश और प्रशासन का दोहरा रवैया है। संघ ने प्रशासन और केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग की है। इस मुद्दे पर प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने कुछ बोलने से मना कर दिया।
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हिंद मजदूर सभा चंडीगढ़ के उपाध्यक्ष कश्मीर चंद ने कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार ज्यादा उम्र के कर्मचारियों को पहले सेवानिवृत्त कर रही है, ताकि युवाओं को मौका मिल सके। दूसरी तरफ, चंडीगढ़ प्रशासन अपने चहेते अधिकारियों को रिटायरमेंट के बाद एक्सटेंशन और फिर उसके बाद भी उन्हें एडजस्ट करने की कोशिश कर रहा है। इस भर्ती के लिए 23 सितंबर को सुबह 10 यूटी सचिवालय के चौथे फ्लोर पर इंटरव्यू रखा गया है। उन्होंने पीएमओ से भी शिकायत की है। गौरतलब है कि चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग के एक बड़े अधिकारी 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि यह पद उन्हीं के लिए तैयार किया गया है।
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पद के लिए मांगी गई योग्यताएं
कर्मचारी संघों ने पद के लिए मांगी गई योग्यताओं पर भी सवाल उठाया है। पब्लिक नोटिस के अनुसार उम्मीदवार पंजाब, हरियाणा व अन्य राज्यों से उप निदेशक (स्वास्थ्य) रैंक का होना चाहिए, जो 31 अक्तूबर तक सेवानिवृत्त हो। आवेदन करते समय उम्मीदवार की आयु 62 वर्ष तक होनी चाहिए। स्वास्थ्य के क्षेत्र में 25-30 वर्षों का न्यूनतम सामूहिक प्रशासनिक अनुभव होना चाहिए। पिछले पांच वर्षों की सेवा अवधि का वार्षिक गोपनीय रिकॉर्ड बहुत अच्छा व उससे ऊपर का होना चाहिए। उम्मीदवार की सेहत अच्छी होनी चाहिए और पद के अनुसार निर्धारित कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए फिट होना चाहिए। पिछली सैलरी से पेंशन की रकम काटकर मासिक सैलरी दी जाएगी।
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कर्मचारियों को तय सैलरी देने के लिए प्रशासन के पास बजट नहीं
चंडीगढ़ एनएचएम कर्मचारी संघ ने कहा है कि 15 साल से कार्यरत संविदा एनएचएम कर्मचारियों को मानदेय के लिए प्रशासन के पास बजट नहीं है, व्यक्ति विशेष के लिए निदेशक की एक नई पोस्ट बना दी गई। एक लाख से डेढ़ लाख प्रति माह तनख्वाह दी जाएगी। यह वर्षों से कार्य कर रहे कर्मचारियों के खिलाफ साजिश और प्रशासन का दोहरा रवैया है। संघ ने प्रशासन और केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग की है। इस मुद्दे पर प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने कुछ बोलने से मना कर दिया।