अमर उजाला संवाद पंजाब: 'मनोरंजन जगत की नई दिशाएं' में बोले सनी देओल-22 साल बाद साथ आए तारा-सकीना
अभिनेत्री अमीषा पटेल ने गदर वन और गदर 2 के बीच 20 साल के फर्क पर उन्होंने कहा कि ये बेहद खूबसूरत रहा है। हमारी और सनी जी के काम की तुलना हमेशा गदर से ही होती थी। अच्छे काम की वजह से ही आज 22 साल बाद तारा सिंह और सकीना का रोल हमें दोबारा करने को मिल रहा है।
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पर्पल शरारे में माथे पर टीका, सर पर चुन्नी और चेहरे पर हल्की मुस्कान के साथ निगाहें झुकाए सकीना स्टेज पर पहुंची तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से भर गया। चंद सेकेंड बाद ही काले चश्मे और काली टोपी पहने तारा सिंह की भी एंट्री हुई। फिर क्या था गदर एक प्रेम कथा के मुख्य कलाकारों को मंच पर देखकर दर्शक रोमांच से भर गए लेकिन इस बार के गदर की फिल्म में अभी और कलाकारों से रूबरू होना रह गया था।
तारा सिंह और सकीना के बाद स्टेज पर पहुंचे पाकिस्तानी आर्मी के मेजर मलिक और तारा सिंह और सकीना के बेटे चरनजीत। गदर फिल्म के इन कलाकारों के बीच एक नया चेहरा भी मुस्कान के रूप में देखने को मिला। एक के बाद एक करके गदर 2 फिल्म के सभी मुख्य किरदार दर्शकों के सामने थे। हर कोई स्टेज पर एकटक निहार रहा था, मानो गदर 2 फिल्म चल रही हो।
मौका था अमर उजाला की तरफ से होटल हयात रीजेंसी में आयोजित संवाद कार्यक्रम का, जिसमें गदर 2 की पूरी टीम ने शिरकत की। इस दौरान अमीषा पटेल, सनी देओल, उत्कर्ष शर्मा मनीष वाधवा और सिमरन कौर ने दर्शकों को फिल्म से जुड़े रोचक जानकारी दी। वहीं सनी देओल और अमीषा पटेल ने 22 साल पहले के गदर एक प्रेम कथा और 11 अगस्त को सिनेमाघरों में लगने वाली गदर 2 से जुड़े रोचक सवालों के रोचक अंदाज में जवाब देकर दर्शकों का दिल जीत लिया।
तारा सिंह पंजाब के हर आम आदमी में बसता है
पंजाब में गदर 2 के प्रमोशन को लेकर पूछे गए सवाल में सनी देओल ने बेबाकी से जवाब दिया कि तारा सिंह की कहानी पंजाब के हर उस आम आदमी की कहानी है जिसकी दुनिया उसका परिवार है। उन्होंने कहा कि यह कहानी हर उम्र के लोगों को बेहद पसंद आएगी क्योंकि इसमें वह सब कुछ दिखाया जाएगा जो आम आदमी के जीवन में घटता है।
एक सफल फिल्म के रीमेक को लेकर रिस्क की बात पर सनी देओल ने मुस्कुराते हुए कहा कि अच्छी चीजों के साथ पंगा लेना ठीक नहीं है। लेकिन गदर की सफलता से हम इतने उत्साहित थे कि हमने फिर से रिस्क लिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए दिल पर हाथ रख कर कहा कि हमें इस बार भी जनता से पूरा प्यार मिलेगा इसका अटूट विश्वास है। उन्होंने बताया कि गदर एक प्रेम कथा में 1947 के दौर की कहानी को दर्शकों के सामने पेश किया गया था। वही गदर 2 में 1971 के युद्ध की दास्तां पेश की जाएगी।
फिल्म जगत के इतिहास में अमर हो गई
अमीषा पटेल ने सत्र के दौरान अपने सादगी से दर्शकों का दिल जीत लिया जब सवाल जवाब का अवसर आया तो उन्होंने अभिवादन करते हुए पंजाब आने पर खुशी जताई और कहा कि यहां आकर ऐसा लगता है जैसे देश की मिट्टी के करीब आ गई हूं। गदर 2 को लेकर उन्होंने अपने दिल की बात साझा की और कहा कि यादगार फिल्में एक बार ही बनती है। हमारी खुशनसीबी है जो गदर हमने बनाया। आज भी हमारे अच्छे काम की तुलना गदर से की जाती है। उन्होंने कहा कि लोगों के प्यार और मांग को ध्यान में रखते हुए ही 22 साल बाद फिर से वो कैरेक्टर दोबारा से प्ले करने का मौका मिला है। यह कहानी फिल्म जगत के इतिहास में अमर रहेगी।
अशरफ अली के सामने मैं कुछ भी नहीं
गदर 2 में खलनायक की भूमिका निभा रहे मनीष वाधवा ने अशरफ अली के किरदार और उनके किरदार की समानता पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि अशरफ अली के किरदार के समकक्ष वे कहीं नहीं टिकते। उनका कहना था कि उनकी तुलना अशरफ अली से नहीं होनी चाहिए क्योंकि अशरफ अली के किरदार को निभाने वाले अमरीश पुरी के अभिनय से उनकी कोई तुलना नहीं की जा सकती हैं। फिल्म में अपनी धारदार आवाज के कारण खलनायक की भूमिका को दमदार अंदाज में पेश करने वाले मनीष वाधवा ने दर्शकों की मांग पर, बड़े मौके पर आया है तू, आज मिलेगी मेरे कलेजे को ठंडक डायलॉग सुनाया।
जीते के दिल में आज भी माता पिता के लिए वही भाव
गदर में सकीना और तारा सिंह के बेटे की भूमिका निभाने वाले जीते उर्फ उत्कर्ष शर्मा ने सादगी के साथ दर्शकों का अभिवादन किया। कहा कि गदर 2 में उनको वही जीते नजर आएगा, जिसके दिल में उसके माता पिता बसते थे। वह अब भी अपने माता-पिता के लिए वही भाव रखता है। बचपन में उसने नफरत देखा, देश के बंटवारे के बाद की स्थिति को जिया, अब 22 साल का होने के बाद जीते जवानी और शैतानी के भी अभिनय से दर्शकों का मनोरंजन करता नजर आएगा। इस दौरान दर्शकों की मांग पर उत्कर्ष ने सनी देओल के डायलॉग की कॉपी करने का भी प्रयास किया लेकिन तमाम कोशिश के बाद भी वह चंद शब्दों से ज्यादा नहीं बोल पाए।
बचपन में देखी थी शूटिंग 22 साल बाद इस फिल्म में बन गई हिरोइन
फिल्म में नए किरदार मुस्कान के रूप में अपने अभिनय को प्रदर्शित करने वाली सिमरत कौर ने बताया कि गदर एक प्रेम कथा के दौरान अमृतसर में उन्होंने अपनी मम्मी के गोद में बैठकर फिल्म की शूटिंग देखी थी। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि 22 साल बाद वह उन्हीं कलाकारों के साथ उसी फिल्म के रीमेक में अभिनय करेंगी।
दर्शकों को फिर दिखेगी वही कशिश
22 सालों के लंबे अंतराल के बाद सकीना और तारा सिंह की प्रेम कहानी को लेकर अमीषा पटेल ने कहा कि इतने वर्षों से वे इस किरदार को जी रही है। इस किरदार ने इंसानियत का संदेश दिया था। सकीना और तारा सिंह एक दूसरे की जान है। उनका बेटा जीते उनके दिल का टुकड़ा है। बरसों पुराने इस भाव को एक बार फिर से संजोकर उसी रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।