{"_id":"5c7f50f3bdec2213e43a3ba1","slug":"action-plan-for-safe-city-for-women-smart-city-chandigarh-m-mohinder-pal","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"न्यायमूर्ति मोहिंदर पाल बोले- चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी तब बनेगा, जब सुरक्षित रहेंगी महिलाएं...करें उपाय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न्यायमूर्ति मोहिंदर पाल बोले- चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी तब बनेगा, जब सुरक्षित रहेंगी महिलाएं...करें उपाय
Wed, 06 Mar 2019 10:18 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 06 Mar 2019 10:18 AM IST
विज्ञापन
पंजाब यूनिवर्सिटी में कांफ्रेंस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेफ सिटी फॉर वुमेन विषय पर एक्शन प्लान तैयार करने के लिए पीयू में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान पूर्व न्यायाधीश गुजरात एम मोहिंदर पाल ने कहा कि महिला व लड़कियों को सम्मान से जीने का अधिकार है। यह अधिकार सार्वजनिक व निजी क्षेत्र दोनों के लिए है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ जिस तरह से वास्तव में सिटी ब्यूटीफुल था, उस दिशा में फिर से कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने सुरक्षा प्लान पर फोकस किया।
लिंग संतुलन पर देना होगा जोर
डिपार्टमेंट सेंटर फॉर वुमेन स्टडीज एंड डेवलपमेंट व ब्रिटिश उच्च उच्चायुक्त की ओर से संयुक्त कार्यक्रम किया गया। इस दौरान एक्शन प्लान पर काम करने के लिए कहा गया। चंडीगढ़ की महिलाओं और लड़कियों को हिंसा से सुरक्षित रखने की योजना रखी गई। ब्रिटिश उच्चायुक्त एंड्रयू आयरे ने अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानसिक स्थिति कुछ लोगों की ठीक न होने के कारण भी हिंसा में वृद्धि हुई है। उन्होंने एक समान व न्यायपूर्ण शहर की आवश्यकता पर बल दिया।
सभी के लिए कार्ययोजना शुरू करने के लिए इस पहल को सराहा। उन्होंने लिंग संतुलन पर जोर दिया। चेयरपसैन बीबी हरजिंदर कौर ने एक्शन प्लान पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि यह शर्म की बात है कि महिलाएं सिटी ब्यूटीफुल में भी अपने को सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी को सोचना होगा। एक अच्छे समाज का निर्माण करना होगा। वीसी प्रो. राजकुमार ने प्रौद्योगिकी के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। एक्शन प्लान के क्रियान्वयन करने व उसके लिए समय रेखा तय करने के बारे में भी बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
लिंग संतुलन पर देना होगा जोर
डिपार्टमेंट सेंटर फॉर वुमेन स्टडीज एंड डेवलपमेंट व ब्रिटिश उच्च उच्चायुक्त की ओर से संयुक्त कार्यक्रम किया गया। इस दौरान एक्शन प्लान पर काम करने के लिए कहा गया। चंडीगढ़ की महिलाओं और लड़कियों को हिंसा से सुरक्षित रखने की योजना रखी गई। ब्रिटिश उच्चायुक्त एंड्रयू आयरे ने अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानसिक स्थिति कुछ लोगों की ठीक न होने के कारण भी हिंसा में वृद्धि हुई है। उन्होंने एक समान व न्यायपूर्ण शहर की आवश्यकता पर बल दिया।
विज्ञापन
सभी के लिए कार्ययोजना शुरू करने के लिए इस पहल को सराहा। उन्होंने लिंग संतुलन पर जोर दिया। चेयरपसैन बीबी हरजिंदर कौर ने एक्शन प्लान पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि यह शर्म की बात है कि महिलाएं सिटी ब्यूटीफुल में भी अपने को सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी को सोचना होगा। एक अच्छे समाज का निर्माण करना होगा। वीसी प्रो. राजकुमार ने प्रौद्योगिकी के उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। एक्शन प्लान के क्रियान्वयन करने व उसके लिए समय रेखा तय करने के बारे में भी बताया।
विज्ञापन
हर 15 मिनट में रेप के मामले आ रहे सामने
परियोजना समन्वयक प्रो. पाम राजपूत ने बताया कि चंडीगढ़ महिला व लड़कियों पर होने वाले अपराध में 11वें नंबर पर है। कहा कि कोई भी शहर तब तक स्मार्ट नहीं बन सकता है जब तक कि वह सुरक्षित न हो। उन्होंने कहा कि महिला अपराध के वर्ष 2016 में 51 मामले दर्ज किए गए। इसमें 41 मामले रेप व दस मामले यौन उत्पीड़न के थे। हर दो मिनट में महिलाओं पर हिंसा हो रही है। हमले भी किए जा रहे हैं। 15 मिनट में रेप के केस सामने आ रहे हैं। दहेज हत्या के केस बढ़ रहे हैं। इस दौरान एक्शन प्लांन लांच किया गया। साथ ही बुकलेट भी लांच की गई।
इस तरह करना होगा काम
समाज, नगर निगम व यूटी प्रशासन को मिलकर इस दिशा में काम करना होगा। हर जगह को सुरक्षित बनाने के लिए मिलकर पहल करनी होगी। अपराधियों को यह संदेश भी देना है कि अब वह पकड़े जाएंगे। कानून को सख्त कर उनको डराया जाए। कानून का पूरी तरह पालन होगा तो सुरक्षा अधिक होगी। नगर निगम प्रकाश की व्यवस्था पूरी तरह करे। सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। सेफ्टी ऑडिट समय-समय पर किया जाना चाहिए। पार्क, यातायात में भी सुरक्षा के उपाय करने होंगे। एनजीओ आदि की मदद भी ली जानी चाहिए।
इस तरह करना होगा काम
समाज, नगर निगम व यूटी प्रशासन को मिलकर इस दिशा में काम करना होगा। हर जगह को सुरक्षित बनाने के लिए मिलकर पहल करनी होगी। अपराधियों को यह संदेश भी देना है कि अब वह पकड़े जाएंगे। कानून को सख्त कर उनको डराया जाए। कानून का पूरी तरह पालन होगा तो सुरक्षा अधिक होगी। नगर निगम प्रकाश की व्यवस्था पूरी तरह करे। सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। सेफ्टी ऑडिट समय-समय पर किया जाना चाहिए। पार्क, यातायात में भी सुरक्षा के उपाय करने होंगे। एनजीओ आदि की मदद भी ली जानी चाहिए।