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Chandigarh News: फर्जी श्योरिटी पर कार्रवाई...ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के आदेशों पर थाना पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
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चंडीगढ़। जिला अदालत में फर्जी श्योरिटी देने का एक मामला सामने आया है। धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े इस गंभीर अपराध को लेकर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट रेणु गोयल ने खुद शिकायतकर्ता बनते हुए सेक्टर-36 थाना प्रभारी ओम प्रकाश को मामले में एफआईआर दर्ज करने और कानून के तहत कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके बाद थाना पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में मामला दर्ज किया है। यह मामला हरजिंदर सिंह व अन्यों के खिलाफ दर्ज हुआ है। अभी तक कोई आरोपी हत्थे नहीं चढ़ा है। दरअसल, एक आपराधिक मामले में साकिब नामक आरोपी के जमानती की प्रॉपर्टी अटैचमेंट के वारंट जारी होने पर मोगा के एक गांव निवासी सुखबीर सिंह पेश हुए और अदालत को बताया कि वह कभी इस मामले में ही नहीं बल्कि कभी भी किसी भी मामले में जमानती नहीं रहे।
वहीं, साकिब के जमानती बांड पर उनका नाम था। उन्होंने कहा कि इस पर जो फोटो है वह उनकी नहीं है। ऐसे में अदालत ने पाया कि किसी ने फर्जी सुखबीर सिंह बनकर किसी ने आरोपी की जमानत करवाई थी। साकिब पहले से ही भगौड़ा चल रहा है। ऐसे में अदालत में फर्जी हलफनामा दायर करने की बात सामने आई। मामले में एक हरजिंदर सिंह नामक व्यक्ति ने सुखबीर सिंह की गलत पहचान की थी। जिस पर अदालत ने कहा कि इस मामले की जांच की जानी चाहिए। इसमें फर्जी श्योरिटी, फर्जी आधार कार्ड, फर्जी पहचान बताने आदि से जुड़े अपराध शामिल हैं।
ऐसे में अदालत को मामले में एफआईआर दर्ज कर कानून के मुताबिक कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। जिन आदेशों में अदालत ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए उसमें सुनवाई के दौरान तोशीक ने पेशी से छूट मांगी थी तो अदालत ने मंजूर कर ली थी। वहीं, तहमीद बिना बताए पेशी से गैरहाजिर रहा था। उसकी ओर से किसी वकील ने भी छूट संबंधी अर्जी नहीं दी थी। ऐसे में अदालत ने माना कि आरोपी जानबूझकर पेश नहीं हुआ और उसके जमानती बांड रद्द करने और उसके 22 मई के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे। वहीं, उसकी जमानत देने वाले जमानती को भी नोटिस जारी किया गया था।
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तीन आरोपी चल रहे हैं भगौड़े
चंडीगढ़ प्रशासन बनाम मंजूर आलम व अन्य से जुड़े इस मामले में हरजिंदर सिंह व अन्यों पर फर्जी श्योरिटी के आरोप हैं। मामले में आरोपी जमानत पर चल रहे हैं। आरोपियों में अजहरुद्दीन, तोशीक, तहमीद के अलावा 15 दिसंबर 2023 के आदेशों में भगौड़ा करार मंजूर आलम और 26 अप्रैल, 2023 को भगौड़ा करार आरोपी साजिद और साकिब शामिल हैं।
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वहीं, साकिब के जमानती बांड पर उनका नाम था। उन्होंने कहा कि इस पर जो फोटो है वह उनकी नहीं है। ऐसे में अदालत ने पाया कि किसी ने फर्जी सुखबीर सिंह बनकर किसी ने आरोपी की जमानत करवाई थी। साकिब पहले से ही भगौड़ा चल रहा है। ऐसे में अदालत में फर्जी हलफनामा दायर करने की बात सामने आई। मामले में एक हरजिंदर सिंह नामक व्यक्ति ने सुखबीर सिंह की गलत पहचान की थी। जिस पर अदालत ने कहा कि इस मामले की जांच की जानी चाहिए। इसमें फर्जी श्योरिटी, फर्जी आधार कार्ड, फर्जी पहचान बताने आदि से जुड़े अपराध शामिल हैं।
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ऐसे में अदालत को मामले में एफआईआर दर्ज कर कानून के मुताबिक कार्रवाई करने के आदेश दिए गए। जिन आदेशों में अदालत ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए उसमें सुनवाई के दौरान तोशीक ने पेशी से छूट मांगी थी तो अदालत ने मंजूर कर ली थी। वहीं, तहमीद बिना बताए पेशी से गैरहाजिर रहा था। उसकी ओर से किसी वकील ने भी छूट संबंधी अर्जी नहीं दी थी। ऐसे में अदालत ने माना कि आरोपी जानबूझकर पेश नहीं हुआ और उसके जमानती बांड रद्द करने और उसके 22 मई के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे। वहीं, उसकी जमानत देने वाले जमानती को भी नोटिस जारी किया गया था।
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तीन आरोपी चल रहे हैं भगौड़े
चंडीगढ़ प्रशासन बनाम मंजूर आलम व अन्य से जुड़े इस मामले में हरजिंदर सिंह व अन्यों पर फर्जी श्योरिटी के आरोप हैं। मामले में आरोपी जमानत पर चल रहे हैं। आरोपियों में अजहरुद्दीन, तोशीक, तहमीद के अलावा 15 दिसंबर 2023 के आदेशों में भगौड़ा करार मंजूर आलम और 26 अप्रैल, 2023 को भगौड़ा करार आरोपी साजिद और साकिब शामिल हैं।