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चंडीगढ़ः सिटको मैनेजर पर गंभीर आरोप, कार्रवाई नहीं करने पर विजिलेंस ने चेयरमैन को लिखा पत्र
Mon, 25 Nov 2019 03:50 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Nov 2019 03:50 PM IST
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फाइल फोटो
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चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल एंड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सिटको) में कार्यरत एक मैनेजर के खिलाफ चल रही जांच को दबाने के आरोप लगे हैं। करीब एक साल पुराने मामले में कार्रवाई नहीं करने पर विजिलेंस डिपार्टमेंट ने हस्तक्षेप किया है और सिटको के चेयरमैन को अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सुपरिंटेंडेंट विजिलेंस फॉर एडवाइजर टू द एडमिनिस्ट्रेटर की तरफ से 19 नवंबर को सिटको के चेयरमैन को लेटर भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि वह इस मामले को रिव्यू करें और मैनेजर राज पाल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। विजिलेंस के इस लेटर के बाद से सिटको में हड़कंप मचा हुआ है क्योंकि विजिलेंस ने उन अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय करने की बात कही है, जिन्होंने सही समय पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई नहीं की और मामले को गलत तरीके से डील किया।
सिटको प्रबंधन ने चार्जशीट न कर बड़ी चूक की : विजिलेंस
विजिलेंस डिपार्टमेंट ने साफ किया है कि सिटको मैनेजर (पीएंडए) से जो जानकारी उपलब्ध हुई है, उसमें साफ है कि चेयरमैन सिटको ने मेजर पेनल्टी के मामले को कभी स्टे नहीं किया और मैनेजर राज पाल को पब्लिक डीलिंग सीट पर पोस्ट करने की इजाजत दी हो। सिटको ने अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की और न ही मैनेजर को चार्जशीट किया गया, जबकि उसके खिलाफ चार्जेस में यूज अमाउंट की रिकवरी प्रभावित हुई थी। लेटर में साफ किया गया कि इस तरह सिटको प्रबंधन ने चार्जशीट न करके एक बड़ी चूक की है।
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अधिकारियों ने मामले को दबाने की कोशिश की, हो कार्रवाई : यूनियन
यूनियन ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। यूनियन के अधिकारियों का कहना है कि यह हैरान करने वाली बात है कि शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है। सिटको के ज्वाइंट एक्शन कमेटी के नेता प्रेम लाल, राजीव कोहली और बलवीर सिंह ने कहा कि यह मामला काफी गंभीर है। सिटको जनहित यूनियन ने इस संबंध में विजिलेंस को शिकायत दी थी, लेकिन विभाग के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की और मामले को दबा दिया। उन्होंने सभी संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह था मामला
वर्ष 2015 में यूटी स्टेट गेस्ट हाउस में अवैध रुप से एक व्यक्ति के ठहरने का मामला सामने आया था, जिसके बाद ही तब वहां के मैनेजर राज पाल को अन्य अधिकारियों के साथ ही शोकॉज नोटिस जारी किया गया था। इस दौरान चेयरमैन सिटको ने उन्हें सस्पेंड करने के साथ ही सिटको में वापस भेज दिया था। इसके अलावा मेजर पेनाल्टी के लिए चार्जशीट जारी की गई थी और कहा गया था कि बहाल करने के बाद उन्हें नॉन पब्लिक डीलिंग पोस्ट पर ही तैनात किया जाना चाहिए।
मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया है। विजिलेंस ने जो लेटर जारी किया है, वह उसे चेक कर रहे हैं। इस पर विचार-विमर्श के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- राकेश कुमार पोपली, चीफ जनरल मैनेजर, सिटको
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सुपरिंटेंडेंट विजिलेंस फॉर एडवाइजर टू द एडमिनिस्ट्रेटर की तरफ से 19 नवंबर को सिटको के चेयरमैन को लेटर भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि वह इस मामले को रिव्यू करें और मैनेजर राज पाल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। विजिलेंस के इस लेटर के बाद से सिटको में हड़कंप मचा हुआ है क्योंकि विजिलेंस ने उन अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय करने की बात कही है, जिन्होंने सही समय पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई नहीं की और मामले को गलत तरीके से डील किया।
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सिटको प्रबंधन ने चार्जशीट न कर बड़ी चूक की : विजिलेंस
विजिलेंस डिपार्टमेंट ने साफ किया है कि सिटको मैनेजर (पीएंडए) से जो जानकारी उपलब्ध हुई है, उसमें साफ है कि चेयरमैन सिटको ने मेजर पेनल्टी के मामले को कभी स्टे नहीं किया और मैनेजर राज पाल को पब्लिक डीलिंग सीट पर पोस्ट करने की इजाजत दी हो। सिटको ने अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की और न ही मैनेजर को चार्जशीट किया गया, जबकि उसके खिलाफ चार्जेस में यूज अमाउंट की रिकवरी प्रभावित हुई थी। लेटर में साफ किया गया कि इस तरह सिटको प्रबंधन ने चार्जशीट न करके एक बड़ी चूक की है।
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अधिकारियों ने मामले को दबाने की कोशिश की, हो कार्रवाई : यूनियन
यूनियन ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। यूनियन के अधिकारियों का कहना है कि यह हैरान करने वाली बात है कि शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है। सिटको के ज्वाइंट एक्शन कमेटी के नेता प्रेम लाल, राजीव कोहली और बलवीर सिंह ने कहा कि यह मामला काफी गंभीर है। सिटको जनहित यूनियन ने इस संबंध में विजिलेंस को शिकायत दी थी, लेकिन विभाग के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की और मामले को दबा दिया। उन्होंने सभी संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह था मामला
वर्ष 2015 में यूटी स्टेट गेस्ट हाउस में अवैध रुप से एक व्यक्ति के ठहरने का मामला सामने आया था, जिसके बाद ही तब वहां के मैनेजर राज पाल को अन्य अधिकारियों के साथ ही शोकॉज नोटिस जारी किया गया था। इस दौरान चेयरमैन सिटको ने उन्हें सस्पेंड करने के साथ ही सिटको में वापस भेज दिया था। इसके अलावा मेजर पेनाल्टी के लिए चार्जशीट जारी की गई थी और कहा गया था कि बहाल करने के बाद उन्हें नॉन पब्लिक डीलिंग पोस्ट पर ही तैनात किया जाना चाहिए।
मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया है। विजिलेंस ने जो लेटर जारी किया है, वह उसे चेक कर रहे हैं। इस पर विचार-विमर्श के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- राकेश कुमार पोपली, चीफ जनरल मैनेजर, सिटको