वर्णिका कुंडू प्रकरण: केस की सुनवाई रोकने की आरोपी की अर्जी खारिज, अदालत में दी थी ये दलील
चार अगस्त 2017 की देर रात 12:15 बजे सेक्टर-7 के पेट्रोल पंप से सफारी सवार आरोपियों ने वर्णिका कुंडू की कार का पीछा किया। रात 12:40 बजे वर्णिका ने पुलिस कंट्रोल रूम में इसकी सूचना दी। इसके बाद पीसीआर टीम ने हाउसिंग बोर्ड चौक से आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर लिया था।
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छह साल पुराने चर्चित वर्णिका कुंडू छेड़छाड़ मामले में आरोपी की ओर से केस की सुनवाई पर रोक लगाने संबंधी अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया। आरोपी की ओर से दाखिल अर्जी में शिकायतकर्ता और उसके पिता पर केस से संबंधित दस्तावेजों से छेडछाड़ के आरोप लगाए गए थे। बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि जिन दस्तावेजों से छेड़छाड़ हुई है, वह केस में अहम सबूत साबित हो सकते हैं, इसलिए इसकी पूरी जांच होने तक केस की सुनवाई पर रोक लगा दी जाए।
वहीं, सरकारी वकील ने आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि आरोपी की ओर से केवल ट्रायल को लटकाने के मकसद से यह अर्जी लगाई गई है। दोनों पक्षों की सुनने के बाद अदालत ने आरोपी की ओर से दायर अर्जी को खारिज कर दिया। गौरतलब है कि अगस्त 2017 में सेक्टर-26 थाना पुलिस ने हरियाणा के सीनियर आईएएस अफसर की बेटी वर्णिका कुंडू से छेड़छाड़ के मामले में हरियाणा भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला और उसके दोस्त आशीष को गिरफ्तार किया गया था।
ये है मामला
चार अगस्त 2017 की देर रात 12:15 बजे सेक्टर-7 के पेट्रोल पंप से सफारी सवार आरोपियों ने वर्णिका कुंडू की कार का पीछा किया। रात 12:40 बजे वर्णिका ने पुलिस कंट्रोल रूम में इसकी सूचना दी। इसके बाद पीसीआर टीम ने हाउसिंग बोर्ड चौक से आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर लिया। देर रात 1:20 बजे आईएएस अधिकारी सेक्टर-26 थाने पहुंचे। यहां पुलिस ने शनिवार सुबह चार बजे आरोपियों के खिलाफ कमजोर धाराओं में केस दर्ज किया। इसके बाद कुंडू ने आपबीती घटना के बारे में फेसबुक पोस्ट किया। इसके बाद आरोपियों पर कमजोर धाराएं लगाने और थाने से आरोपियों को जमानत मिलने की खबर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई।
लोगों ने भाजपा और आरोपी युवकों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। लड़की और उसके पिता भी खुलकर मीडिया के समक्ष आ गए और कई सवाल उठाए। पुलिस के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज गायब होने से पुलिस की किरकिरी बढ़ गई। पुलिस ने बाद में मामले में गैर जमानती धाराएं जोड़ीं। इसके बाद दोनों आरोपियों ने सरेंडर कर दिया। दोनों को करीब छह महीने बाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी।