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Chandigarh: पति पर लगाए थे लगातार दुष्कर्म के आरोप, अब बयान से पलटी, विशेष कोर्ट ने आरोपी को किया बरी
Wed, 05 Jul 2023 08:25 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 05 Jul 2023 08:25 AM IST
सार
पीड़िता के मुताबिक उसने आरोपी के साथ जुलाई, 2005 को पानीपत के ही एक मंदिर में शादी की थी। हालांकि शादी के बाद उसके ससुराल वाले जाति और दहेज को लेकर उसका शोषण कर मारपीट करने लगे।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पति से वैवाहिक विवाद के दौरान अलग रह रही महिला ने अपने ही पति पर लगातार दुष्कर्म करने की धाराओं में पहले केस दर्ज करवाया और अब अदालत में अपने पुलिस को दिए पुराने बयानों से पलट गई है। वहीं, आरोपी पति की मेडिकल रिपोर्ट में उसके शरीर पर कोई जख्म या निशान नहीं आए जो जबरन दुष्कर्म के मामलों में आते हैं। ऐसे में महिला अपराधों से जुड़ी चंडीगढ़ की विशेष अदालत ने आरोपी पति को बरी कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक महिला की शिकायत पर पानीपत के रहने वाले व्यक्ति के खिलाफ 30 जून, 2019 को सेक्टर-17 थाना पुलिस ने दुष्कर्म का यह केस दर्ज किया गया था। पीड़िता ने पहले पानीपत के महिला पुलिस थाने में जीरो एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।
यह भी पढ़ें: Haryana: महिला होमगार्ड को जल्द मिल सकता है मातृत्व अवकाश, मंत्री विज महानिदेशक होमगार्ड के साथ करेंगे मंत्रणा
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पीड़िता के मुताबिक उसने आरोपी के साथ जुलाई, 2005 को पानीपत के ही एक मंदिर में शादी की थी। हालांकि शादी के बाद उसके ससुराल वाले जाति और दहेज को लेकर उसका शोषण कर मारपीट करने लगे। इसे लेकर उसने पानीपत महिला थाने में दहेज प्रताड़ना, जबरन गर्भपात करवाना, धमकाना, मारपीट करने, अप्राकृतिक यौनाचार और एससी/एसटी अधिनियम के तहत वर्ष 2016 में केस दर्ज करवाया था। इसके बाद वह अलग होकर वर्ष 2019 में चंडीगढ़ सेक्टर-22 के एक होटल में रहने लगी थी।
होटल और घर में किया था दुष्कर्म
पीड़िता के मुताबिक उसके आरोपी पति ने कुछ होटलों और पीड़िता के पानीपत स्थित घर में उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। महिला की शिकायत पर उसके पति को गिरफ्तार कर लिया गया था। पीड़िता के अदालत में सीआरपीसी 164 के तहत बयान दर्ज करवाए गए थे।
पुलिस जांच के बाद इस मामले में अदालत में चालान पेश किया गया। 16 मार्च, 2021 को अदालत ने आरोपी पर संबंधित धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। कुल 11 सरकारी गवाह मामले में रखे गए थे। अदालत में सुनवाई के दौरान डॉक्टर ने अपनी रिपोर्ट के आधार पर कहा था कि यौन शोषण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
आरोपी ने अपने बयान में कहा था कि उसने पीड़िता के साथ जबरन नहीं, बल्कि उसकी मर्जी के साथ यौन संबंध बनाए थे। उसे मामले में झूठा फंसाया गया है। पीड़िता ने गुस्से में आकर और वैवाहिक विवाद के चलते यह सब आरोप लगाए थे और अब वैवाहिक विवाद का मामला भी सुलझ चुका है। पीड़िता की ओर से केस की पैरवी कर रहे वकील वरुण धवन ने कहा कि इसी साल फरवरी में महिला का अपने पति से तलाक हो गया था।
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जानकारी के मुताबिक महिला की शिकायत पर पानीपत के रहने वाले व्यक्ति के खिलाफ 30 जून, 2019 को सेक्टर-17 थाना पुलिस ने दुष्कर्म का यह केस दर्ज किया गया था। पीड़िता ने पहले पानीपत के महिला पुलिस थाने में जीरो एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।
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पीड़िता के मुताबिक उसने आरोपी के साथ जुलाई, 2005 को पानीपत के ही एक मंदिर में शादी की थी। हालांकि शादी के बाद उसके ससुराल वाले जाति और दहेज को लेकर उसका शोषण कर मारपीट करने लगे। इसे लेकर उसने पानीपत महिला थाने में दहेज प्रताड़ना, जबरन गर्भपात करवाना, धमकाना, मारपीट करने, अप्राकृतिक यौनाचार और एससी/एसटी अधिनियम के तहत वर्ष 2016 में केस दर्ज करवाया था। इसके बाद वह अलग होकर वर्ष 2019 में चंडीगढ़ सेक्टर-22 के एक होटल में रहने लगी थी।
होटल और घर में किया था दुष्कर्म
पीड़िता के मुताबिक उसके आरोपी पति ने कुछ होटलों और पीड़िता के पानीपत स्थित घर में उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। महिला की शिकायत पर उसके पति को गिरफ्तार कर लिया गया था। पीड़िता के अदालत में सीआरपीसी 164 के तहत बयान दर्ज करवाए गए थे।
पुलिस जांच के बाद इस मामले में अदालत में चालान पेश किया गया। 16 मार्च, 2021 को अदालत ने आरोपी पर संबंधित धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। कुल 11 सरकारी गवाह मामले में रखे गए थे। अदालत में सुनवाई के दौरान डॉक्टर ने अपनी रिपोर्ट के आधार पर कहा था कि यौन शोषण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
आरोपी ने अपने बयान में कहा था कि उसने पीड़िता के साथ जबरन नहीं, बल्कि उसकी मर्जी के साथ यौन संबंध बनाए थे। उसे मामले में झूठा फंसाया गया है। पीड़िता ने गुस्से में आकर और वैवाहिक विवाद के चलते यह सब आरोप लगाए थे और अब वैवाहिक विवाद का मामला भी सुलझ चुका है। पीड़िता की ओर से केस की पैरवी कर रहे वकील वरुण धवन ने कहा कि इसी साल फरवरी में महिला का अपने पति से तलाक हो गया था।