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Chandigarh News: पीयू में आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर एबीवीपी ने निकाली मशाल यात्रा
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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने एक मशाल यात्रा का आयोजन किया। यह यात्रा तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के 1975 में लगाए गए आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर की गई। इस यात्रा के माध्यम से उस दौर में लागू की गई दमनकारी नीतियों का विरोध और निंदा की गई। यह यात्रा पीयू के बॉयज हॉस्टल नंबर 2 से आरंभ होकर स्टूडेंट सेंटर तक निकाली गई।
एबीवीपी ने उस समय में नागरिक स्वतंत्रताओं पर रोक, मीडिया पर सेंसरशिप, व्यापक गिरफ्तारियां और मौलिक अधिकारों के निलंबन को उजागर किया। राष्ट्रीय मंत्री आदित्य तकियार ने कहा कि आज भारत में आपातकाल लगाए जाने के 50 वर्ष पूरे हो गए हैं, यह अवधि लोकतांत्रिक संस्थाओं की नाजुकता और मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के महत्व की एक कड़ी याद दिलाती है।
कैंपस अध्यक्ष परविंदर सिंह नेगी ने कहा आपातकाल भारत के इतिहास का एक काला अध्याय था, जिसमें लोकतंत्र को कुचल दिया गया था। यह मशाल यात्रा करने का हमारा प्रयास है कि उस दौर से मिलने वाले सबक कभी भुलाए न जाएं। उस दौर में हुए संघर्षों और बलिदानों को याद किया गया और स्वतंत्रता, न्याय और समानता के आदर्शों की रक्षा करने पर जोर दिया गया।
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एबीवीपी ने उस समय में नागरिक स्वतंत्रताओं पर रोक, मीडिया पर सेंसरशिप, व्यापक गिरफ्तारियां और मौलिक अधिकारों के निलंबन को उजागर किया। राष्ट्रीय मंत्री आदित्य तकियार ने कहा कि आज भारत में आपातकाल लगाए जाने के 50 वर्ष पूरे हो गए हैं, यह अवधि लोकतांत्रिक संस्थाओं की नाजुकता और मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के महत्व की एक कड़ी याद दिलाती है।
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कैंपस अध्यक्ष परविंदर सिंह नेगी ने कहा आपातकाल भारत के इतिहास का एक काला अध्याय था, जिसमें लोकतंत्र को कुचल दिया गया था। यह मशाल यात्रा करने का हमारा प्रयास है कि उस दौर से मिलने वाले सबक कभी भुलाए न जाएं। उस दौर में हुए संघर्षों और बलिदानों को याद किया गया और स्वतंत्रता, न्याय और समानता के आदर्शों की रक्षा करने पर जोर दिया गया।
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