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Chandigarh News: पेरिस में आईओसी सत्र में अभिनव बिंद्रा को ओलंपिक ऑर्डर से सम्मानित
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चंडीगढ़। देश और शहर के शूटिंग खिलाड़ियों के आदर्श और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा को पेरिस में 142वें आईओसी सत्र में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की ओर से प्रतिष्ठित ओलंपिक ऑर्डर से सम्मानित किया गया। ओलंपिक ऑर्डर आईओसी की ओर से दिया जाने वाला यह सर्वोच्च सम्मान है, जो ओलंपिक में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को दिया जाता है। यह सम्मान मिलने पर बिंद्रा ने कहा यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि दृढ़ता और समर्पण की भावना का प्रमाण है जो खेलों के जरिए हम सभी में होता है। आईओसी की ओर से मुझे सम्मानित करना मेरे लिए बहुत सम्मान और गर्व की बात है, और मैं इसे सम्मान को उन सभी एथलीटों और खेल प्रेमियों को समर्पित करता हूं, जो ओलंपिक आदर्शों को बनाए रखने का प्रयास करते हैं।
बिंद्रा की इस उल्लेखनीय उपलब्धि की यात्रा में मैदान के अंदर और बाहर उनका बेहतर योगदान शामिल हैं। एक एथलीट के रूप में वह 2008 बीजिंग खेलों में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने और उन्हें एयर राइफल शूटिंग में विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय होने का गौरव प्राप्त है। अपने दो दशक लंबे करियर में, बिंद्रा ने 150 से अधिक व्यक्तिगत पदक जीते, जिससे उन्हें भारत के सबसे महान खेल आइकन में से एक के रूप में पहचान मिली। खेल के प्रति उनकी असाधारण सेवा को तब और मान्यता मिली जब उन्हें 2018 में ब्लू क्रॉस से सम्मानित किया गया, जो अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन का सर्वोच्च सम्मान है।
खेल में अपनी उपलब्धियों के अलावा, बिंद्रा ने खेल प्रशासन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने आठ वर्षों तक आईएसएसएफ एथलीट समिति की अध्यक्षता की और वर्तमान में आईओए एथलीट आयोग और शिक्षा आयोग के सदस्य के रूप में कार्य करते हैं।
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बिंद्रा की इस उल्लेखनीय उपलब्धि की यात्रा में मैदान के अंदर और बाहर उनका बेहतर योगदान शामिल हैं। एक एथलीट के रूप में वह 2008 बीजिंग खेलों में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने और उन्हें एयर राइफल शूटिंग में विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय होने का गौरव प्राप्त है। अपने दो दशक लंबे करियर में, बिंद्रा ने 150 से अधिक व्यक्तिगत पदक जीते, जिससे उन्हें भारत के सबसे महान खेल आइकन में से एक के रूप में पहचान मिली। खेल के प्रति उनकी असाधारण सेवा को तब और मान्यता मिली जब उन्हें 2018 में ब्लू क्रॉस से सम्मानित किया गया, जो अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन का सर्वोच्च सम्मान है।
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खेल में अपनी उपलब्धियों के अलावा, बिंद्रा ने खेल प्रशासन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने आठ वर्षों तक आईएसएसएफ एथलीट समिति की अध्यक्षता की और वर्तमान में आईओए एथलीट आयोग और शिक्षा आयोग के सदस्य के रूप में कार्य करते हैं।
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