विधानसभा में करूंगा सबको बेनकाब, नहीं मिला पाएंगे आंख से आंख: अभय चौटाला
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हरियाणा विधानसभा चुनाव में करारी हार के बावजूद इनेलो के कड़े तेवर बरकरार हैं। प्रदेश की नई भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार और कांग्रेस के उभार से इनेलो कोई सरोकार नहीं रखती। पार्टी का पूरा फोकस अपने कैडर को संगठित कर आगे बढ़ने पर रहने वाला है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष व इनेलो के वरिष्ठ नेता अभय चौटाला ने भविष्य को लेकर अपनी रणनीति साफ कर दी है।
उन्होंने प्रदेश में सत्ता के लिए बने नए गठबंधन को स्वार्थी बताया है तो कांग्रेस की सीटें 15 से 31 होने के कारण तलाशने की बात भी कही है। अभय चौटाला ने प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में कार्यकर्ताओं में जोश भरा और एकजुटता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सबको बेनकाब करुंगा, कोई उनकी आंख से आंख नहीं मिला पाएगा। जवाब देना तो दूर है।
पांच नवंबर को विधानसभा सत्र में अपनी बात खुलकर रखूंगा। अभय ने जजपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन कर उन्होंने विश्वास जीतने से पहले ही खो दिया है। झूठ बोलकर सत्ता में जगह बनाई, पांच साल बाद जनता देखेगी वे कहां खड़ा होंगे। अभय ने कहा कि चुनाव में हमारी पार्टी का प्रदर्शन जिस तरह का रहना चाहिए था, वैसा नहीं रहा। 15 साल से सत्ता से बाहर रहने के चलते कार्यकर्ता निराश न हों, हम फिर वापसी करेंगे।
कांग्रेस पांच साल तक संगठन पर कब्जे को लेकर लड़ती रही, इनका प्रदेश में संगठन ही नहीं था। सारी लड़ाई हमने विधानसभा में लड़ी, कांग्रेस ने नहीं। बावजूद लोगों ने कांग्रेस में जान डालने का काम किया। कांग्रेस में कोई सर्वमान्य नेता नहीं था, फिर भी 15 से 31 सीटों पर पहुंच गए। ये कारण तलाशने होंगे कि कैसे बिना नेतृत्व के वे सत्ता की ओर बढ़ रहे थे।
भाजपा को 40 सीट विपक्ष का वोट बंटने की वजह से मिली हैं। भाजपा का 25 फीसदी वोट प्रतिशत लोकसभा से कम हुआ है। उन्हें सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है। अधिकांश कैबिनेट हार गई। मुख्यमंत्री भी हार सकते थे, लेकिन उनके सामने कोई मजबूत और विश्वसनीय चेहरा नहीं था। जजपा दस सीटें जरूर जीती है, लेकिन उसमें से सात दूसरे दलों से आए नेता जीते हैं। आज उन पार्टियों का गठबंधन हुआ है जो चुनावों में एक-दूसरे को कोसते नहीं थक रही थीं। यह स्वार्थ का गठबंधन है, लोगों के हितों का गठबंधन नहीं है।
जजपा को अपशगुन मानते हमारे कार्यकर्ता
अभय ने कहा कि जजपा को हमारे कार्यकर्ता अपशगुन मानते हैं। हरियाणा में भाजपा और जजपा का गठबंधन, ठगबंधन के साथ ही पप्पू और गप्पू का गठबंधन है। आज डिप्टी सीएम व मंत्रियों के लिए विभाग मांगे जा रहे हैं, जबकि सेवा करने वाले विभाग नहीं मांगते। ये स्वार्थी लोग ज्यादा दिन तक साथ चलने वाले नहीं है। जल्दी यह गठबंधन टूटेगा और यह खंडित जनादेश चुनाव की तरफ जाएगा।
अजय मिलने आए तो क्यों नहीं की परिवार एक करने की बात
अभय सिंह ने कहा है कि अजय चौटाला जब मुझसे मिलने आए थे तो परिवार को एक करने की बात क्यों नहीं की। पीठ पीछे बोलने की जरूरत नहीं है, सामने आकर बोलें। यह तो बाप, दादा व प्रकाश सिंह बादल के बोलने पर एक नहीं हुए, खाप पंचायतों का आग्रह तक इन्होंने नहीं माना।