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आंकड़ों से भ्रमित करने का खेल है हरियाणा का बजट : चौटाला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Wed, 30 Mar 2016 02:00 PM IST
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विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करते इनेलो विधायक
- फोटो : amar ujala
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हरियाणा विधानसभा में मंगलवार को बजट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला ने प्रदेश सरकार की ओर से वर्ष 2016-17 के लिए लाए गए बजट को आंकड़ों का खेल करार देते हुए सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बजट में आंकड़े दिखाकर लोगों को भ्रमित किया गया है। किसानों की आर्थिक स्थिति स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने से ही बेहतर हो सकती है, लेकिन चुनाव में वादा करने के बावजूद बजट में रिपोर्ट लागू करने का कहीं कोई उल्लेख नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब प्लान बजट में पहले से कम राशि रखी गई हो तो फिर प्रदेश में विकास की उम्मीद कैसे की जा सकती है? उन्होंने कहा कि डेढ़ साल पहले प्रदेश पर 82 हजार करोड़ का कर्जा था और मौजूदा सरकार इस कर्जे को एक लाख 41 हजार करोड़ तक ले गई, जिससे साफ है कि प्रदेश में पैदा होने वाला हर बच्चा जन्म से ही 56 हजार का कर्जदार होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछली बार भी टैक्स फ्री बजट के नाम पर अपनी पीठ थपथपाने का काम किया था, लेकिन बजट के बाद डीजल व पेट्रोल पर जहां टैक्स बढ़ा दिए गए वहीं ईंट भट्ठे व प्लाइवुड उद्योग पर भी टैक्स कई गुना बढ़ाने के अलावा बिजली की दरों में भी फ्यूल सरचार्ज के नाम पर बढ़ोतरी कर दी गई।
चौटाला ने प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय के दावों पर भी सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि इसमें से फरीदाबाद, गुड़गांव के आंकड़ों को अलग कर दिया जाए तो तस्वीर सामने आ जाएगी कि बाकी प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय कितनी रह जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार बनते ही दावा किया गया था कि फिजूलखर्ची घटाकर कर्जा लेने की प्रथा को कम किया जाएगा, लेकिन पहले साल 17 हजार करोड़ कर्ज लिया गया और दूसरे साल 40 हजार से ज्यादा का कर्जा लिया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश के गांवों में रहने वाले 50 प्रतिशत से ज्यादा परिवार ऐसे हैं, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से भी कम है। उन्होंने कहा कि बजट में जो जीडीपी और प्लान बजट के आंकड़े दिए गए हैं, उससे साफ है कि प्रदेश में विकास कार्यों की कमी आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार पांच-छह सालों में किसानों की आमदन दो गुना करने की बात कहती है, लेकिन बजट में इसका कहीं कोई उल्लेख नहीं है। इनेलो नेता ने ग्रामीण विकास, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे विभागों के लिए रखे गए बजट को नाकाफी बताते हुए कहा कि इससे लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पाएंगी।
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उन्होंने कहा कि जब प्लान बजट में पहले से कम राशि रखी गई हो तो फिर प्रदेश में विकास की उम्मीद कैसे की जा सकती है? उन्होंने कहा कि डेढ़ साल पहले प्रदेश पर 82 हजार करोड़ का कर्जा था और मौजूदा सरकार इस कर्जे को एक लाख 41 हजार करोड़ तक ले गई, जिससे साफ है कि प्रदेश में पैदा होने वाला हर बच्चा जन्म से ही 56 हजार का कर्जदार होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछली बार भी टैक्स फ्री बजट के नाम पर अपनी पीठ थपथपाने का काम किया था, लेकिन बजट के बाद डीजल व पेट्रोल पर जहां टैक्स बढ़ा दिए गए वहीं ईंट भट्ठे व प्लाइवुड उद्योग पर भी टैक्स कई गुना बढ़ाने के अलावा बिजली की दरों में भी फ्यूल सरचार्ज के नाम पर बढ़ोतरी कर दी गई।
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चौटाला ने प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय के दावों पर भी सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि इसमें से फरीदाबाद, गुड़गांव के आंकड़ों को अलग कर दिया जाए तो तस्वीर सामने आ जाएगी कि बाकी प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय कितनी रह जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार बनते ही दावा किया गया था कि फिजूलखर्ची घटाकर कर्जा लेने की प्रथा को कम किया जाएगा, लेकिन पहले साल 17 हजार करोड़ कर्ज लिया गया और दूसरे साल 40 हजार से ज्यादा का कर्जा लिया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश के गांवों में रहने वाले 50 प्रतिशत से ज्यादा परिवार ऐसे हैं, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से भी कम है। उन्होंने कहा कि बजट में जो जीडीपी और प्लान बजट के आंकड़े दिए गए हैं, उससे साफ है कि प्रदेश में विकास कार्यों की कमी आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार पांच-छह सालों में किसानों की आमदन दो गुना करने की बात कहती है, लेकिन बजट में इसका कहीं कोई उल्लेख नहीं है। इनेलो नेता ने ग्रामीण विकास, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे विभागों के लिए रखे गए बजट को नाकाफी बताते हुए कहा कि इससे लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पाएंगी।