फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   AAP, Punjab, suchcha singh Chhotepur, Politics, Dharamvir gandhi

आप सांसद डॉ. धरमवीर गांधी की भूमिका को लेकर मंथन

Thu, 22 Sep 2016 09:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़ Updated Thu, 22 Sep 2016 09:10 PM IST
विज्ञापन
AAP, Punjab, suchcha singh Chhotepur, Politics, Dharamvir gandhi
सांसद ध्‍ारमवीर गांध्‍ाी - फोटो : amar ujala
कांग्रेस, शिअद-भाजपा और आप के मुकाबले चौथे फ्रंट की इबारत लिखने में जुटे सांसद डॉ. धरमवीर गांधी की अपनी भूमिका को लेकर असमंजस बन गया है। हालांकि, डॉ. गांधी और सुच्चा सिंह छोटेपुर गुट के बीच बातचीत फाइनल हो चुकी है। लेकिन, डॉ. गांधी की भूमिका को लेकर मंथन जारी है।
विज्ञापन


आम आदमी पार्टी ने डॉ. गांधी को सस्पेंड कर दिया था, लेकिन अभी तक उन्हें पार्टी से निकाला नहीं गया है। तकनीकी पहलू यह है कि डॉ. गांधी न तो किसी और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ले सकते हैं। न ही लोक सभा में पार्टी की व्हिप का उल्लंघन कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में आप उनकी शिकायत करेगी और उनकी संसद सदस्यता जा सकती है, लेकिन वह किसी भी मंच से आप के खिलाफ भड़ास निकाल सकते हैं।
विज्ञापन


ऐसी स्थिति में पार्टी के पास सिर्फ उन्हें निकालने का विकल्प है, जो वह करेगी नहीं। डॉ. गांधी भी यही चाहते हैं कि पार्टी उन्हें निकाले। उस स्थिति में उनकी संसद सदस्यता भी बरकरार रहेगी और वह दूसरी पार्टी भी खुल कर ज्वाइन कर सकेंगे। आप के पूर्व सूबा कन्वीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर ने भी माना कि इस स्थिति पर मंथन किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


माना जा रहा है कि डॉ. गांधी, छोटेपुर की पार्टी फिलहाल ज्वाइन नहीं करेंगे, लेकिन वह उन्हीं के मंच से आप के खिलाफ बोलेंगे। वहीं, चौथे फ्रंट के बैनर तले सभी को एकजुट करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन नवजोत सिद्धू के आवाज-ए-पंजाब फोरम ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

सिद्धू ने यह तो एलान कर दिया कि वह नई पार्टी नहीं बनाएंगे ताकि वोटों के बंटवारे से शिअद को फायदा न हो जाए। उन्होंने गठबंधन का विकल्प रखा है, पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह किसके साथ जाएंगे। वोटों का बंटवारा न होने देने के उनके बयान से यह भी संकेत मिला है कि वह आप का साथ दे सकते हैं। वहीं, छोटेपुर गुट दावा कर रहा है कि आवाज-ए-पंजाब के नेताओं से उनकी बातचीत हो चुकी है। वे सभी साथ आने को सहमत हैं।


आवाज-ए-पंजाब ने खुले रखे सारे विकल्प
आवाज-ए-पंजाब के सदस्य और आजाद विधायक सिमरजीत बैंस ने कहा कि सभी विकल्प खुले हैं, जिसमें ईमानदारी और पंजाब के मसलों के हल के लिए इच्छा शक्ति नजर आएगी, उसका समर्थन किया जाएगा। अगर कांग्रेस भी अपने गलत नेताओं को हटा कर नीति में बदलाव करती है तो उसका समर्थन करने का विकल्प भी खुला है। पार्टी न बनाने का फैसला सिर्फ इसलिए किया गया है ताकि सरकार के खिलाफ वोटों का बंटवारा न हो। आप के समर्थन के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो भी सूबे के हित में सही दिखा, उसका समर्थन किया जाएगा। सुच्चा सिंह छोटेपुर के साथ जाने के सवाल पर बैंस ने कहा कि उनकेसाथ वह लगातार संपर्क में हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed