Chandigarh Mayor Election: पंजाब सरकार की गाड़ियों में पहुंचे आप पार्षद, थोड़ी-थोड़ी देर बाद होती रही गिनती
चंडीगढ़ मेयर का चुनाव बेहद दिलचस्प होता जा रहा है। पहले भाजपा ने आप के एक पार्षद को तोड़ा। इसके बाद आप ने भी भाजपा को बड़ा झटका दिया और एक पार्षद को अपने पाले में कर लिया। अब हर पार्टी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। 18 जनवरी को चंडीगढ़ मेयर का चुनाव होगा।
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चंडीगढ़ मेयर चुनाव की घोषणा से पहले ही पार्षद लखविंदर सिंह बिल्लू के जाने से झटका खा चुकी आम आदमी पार्टी अब फूंक फूंककर कदम रख रही है। पिछले कुछ दिनों से रोपड़ के एक रिसॉर्ट में रह रहे आप के पार्षद नामांकन करने पंजाब सरकार की सरकारी गाड़ियों में पहुंचे। इन पर ‘गवर्नमेंट ऑफ पंजाब’ लिखा था। नगर निगम कार्यालय के अंदर भी थोड़ी-थोड़ी देर बाद पार्षदों की गिनती होती रही। काफिले में पंजाब पुलिस की गाड़ियां भी नजर आईं।
नामांकन भरने के लिए आप के सभी पार्षद शनिवार सुबह रोपड़ से निकले और सीधे सेक्टर-3 स्थित पंजाब भवन पहुंचे। वहां प्रदेश और पंजाब के नेताओं के साथ उनकी बैठक हुई, जो पार्षद नाराज थे, उन्हें मनाने की कोशिश की गई। स्थिति के संभलने और पार्षदों को कई तरह के निर्देश दिए गए। पार्षदों ने पंजाब भवन में ही खाना खाया और फिर पंजाब सरकार की सरकारी गाड़ियों में बैठकर नामांकन के लिए वह सेक्टर-17 स्थित नगर निगम कार्यालय पहुंचे।
सभी पार्षद करीब सात-आठ इनोवा व अन्य गाड़ियों में पहुंचे। इन गाड़ियों के आगे और पीछे पंजाब पुलिस की भी एक गाड़ी नजर आई। नामांकन प्रक्रिया के दौरान भी सभी पार्षदों के आगे पीछे कुछ नए चेहरे घूमते नजर आए, जो लगातार पार्षदों पर नजर बनाए थे। नगर निगम के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार हो रहा है, जब पार्षदों पर इतनी कड़ी निगरानी रखी गई है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि ऐसा सिर्फ इसलिए किया जा रहा है कि भाजपा फिर से आम आदमी पार्टी को कोई झटका न दे दें। आप के पार्षद नामांकन भरने के बाद फिर रोपड़ के रिसोर्ट में चले गए। अब मेयर चुनाव के दिन तक वह वहीं रहेंगे।
नामांकन में नहीं नजर आए हाल में दल बदलने वाले दोनों पार्षद
नामांकन के दौरान सिर्फ एक कांग्रेस पार्टी ही थी, जिसके सभी पार्षद मौजूद रहे। भाजपा और आप के वे दोनों पार्षद नजर नहीं आए, जिन्होंने हाल में पार्टी का दामन थामा है। कुछ दिन पहले आप से भाजपा में गए पार्षद लखविंदर सिंह बिल्लू भी नामांकन में नजर नहीं आए और न ही भाजपा से आप में गए गुरचरणजीत सिंह काला नजर आए। नाम न छापने की शर्त पर भाजपा के एक नेता ने बताया कि लखविंदर सिंह बिल्लू ‘सुरक्षित स्थान’ पर हैं। वहीं, गुरचरणजीत सिंह के आप पार्षदों के साथ ही रोपड़ में होने की संभावना है।