फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   A youth found insensible in Ground, Doctor declared dead

चंडीगढ़ः घर से क्रिकेट खेलने निकला आठवीं का छात्र, ग्राउंड में मिला बेसुध, मौत

Sun, 24 Nov 2019 01:31 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मनीमाजरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मनीमाजरा Published by: ajay kumar Updated Sun, 24 Nov 2019 01:31 PM IST
विज्ञापन
A youth found insensible in Ground, Doctor declared dead
अभिषेक - फोटो : फाइल फोटो

मौली कांप्लेक्स का 14 वर्षीय एक किशोर शनिवार सुबह क्रिकेट खेलने के लिए घर से निकला। थोड़ी देर बाद ही परिजनों को किसी ने फोन कर सूचना दी कि आपका बेटा कलाग्राम के पास बने फौजी ग्राउंड में बेसुध पड़ा है। परिजन आनन-फानन में मौके पर पहुंचे और बच्चे को उठाकर सेक्टर 16 स्थित अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। 

विज्ञापन


परिजनों ने तत्काल मौली जागरां थाने में घटना की सूचना दी। मौली जागरां पुलिस के अनुसार डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे के मस्तिष्क में कोई बीमारी थी। वहीं, बच्चे के पिता का कहना है कि उनके बेटे को कोई बीमारी नहीं थी। पुलिस के अनुसार फिलहाल मृतक का विसरा जांच के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
विज्ञापन


मौली कांप्लेक्स के मकान नंबर 4171 के निवासी विजय यादव को क्या पता था कि उनका बेटा खेलने जा रहा है, लेकिन वापस कभी नहीं लौटेगा। विजय यादव का 14 वर्षीय बेटा अभिषेक साइकिल से सुबह क्रिकेट खेलने निकला था। विजय ने बताया कि लगभग 15 मिनट बाद एक फोन आया कि आपका बेटा कलाग्राम के पास बने फौजी ग्राउंड में बेसुध पड़ा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

माता-पिता दौड़े दौड़े ग्राउंड पहुंचे। जहां देखा कि अभिषेक की नाक से खून निकल रहा है। परिजन तत्काल बेटे को उठाकर सेक्टर 16 स्थित अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर मौली जागरां पुलिस तत्काल हॉस्पिटल पहुंची। 

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार डॉक्टरों ने प्राथमिक तौर पर बच्चे के मस्तिष्क में किसी बीमारी की आशंका जताई है। वहीं, पिता ने किसी भी बीमारी के होने से इनकार किया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता लग सकेगा।

आखिर दोस्तों ने जानकारी क्यों नहीं दी
अभिषेक घर से क्रिकेट खेलने निकला था। जिस ग्राउंड में वह बेसुध मिला, वहीं पास में उसे क्रिकेट खेलना था। सवाल यह है कि आखिर किसी दोस्त ने घर वालों को कोई जानकारी क्यों नहीं दी और न अभिषेक के मैदान पर आने के बारे में घर वालों से किसी ने कुछ पूछा। पुलिस मामले में देख रही है कि किसी बच्चे से कोई झगड़ा तो नहीं हुआ था। ऐसे ही कई अन्य सवालों को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

बुझ गया घर का इकलौता चिराग

अभिषेक अपने पिता का इकलौता लड़का था। उससे छोटी 6 साल की एक बहन है। अभिषेक पंचकूला स्थित ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ता था। पिता विजय यादव ऑटो रिक्शा चलाकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। अभिषेक के जाने के बाद विजय के घर का इकलौता चिराग बुझ गया। इकलौते बेटे के जाने से परिवार जैसे टूट गया है।

कार्डियक अरेस्ट हो सकता है अचानक मौत का कारण
ग्लोबल हेल्थ केयर क्लीनिक के डायरेक्टर डॉ. संजीव भाटिया ने बताया कि अचानक से मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट हो सकता है। इस तरह की मौत में शरीर की तरफ से कोई चेतावनी नहीं मिलती। यह दिल से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें हार्ट अचानक काम करना बंद कर देता है, ऐसे में दिमाग समेत बाकी अंगों तक खून नहीं पहुंच पाता है और दम घुटने से व्यक्ति की मौत हो जाती है। 

कार्डियक अरेस्ट अचानक मौत होने की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। आमतौर पर इसके लक्षण नहीं दिखते हैं। जब कोई रूटीन वर्कआउट से ज्यादा एक्सरसाइज करता है तो कई बार उसका हार्ट एक्सरसाइज की क्षमता सह नहीं पाता और हार्ट अचानक से काम करना बंद कर देता है। 

ऐसे में चाहिए कि यदि कोई व्यक्ति एक उम्र के दौरान एक्सरसाइज शुरू करता है या क्षमता से ज्यादा शारीरिक श्रम कर रहे हैं या फिर फैमिली में किसी को हार्ट संबंधी दिक्कत है तो ऐसे लोगों को कार्डियोलाजी से मिलना चाहिए। हार्ट की क्षमता की जांचने के लिए ईकोग्राफी और टीएमटी टेस्ट होते हैं। इससे हार्ट की रूपरेखा और उसकी क्षमता पता चली है।

आपके सामने किसी को कार्डियक अरेस्ट तो क्या करें आप

  • यदि कोई ठीकठाक व्यक्ति अचानक से लड़खड़ाकर गिर जाए तो वह कार्डिएक अरेस्ट का लक्षण हो सकता है।
  • सबसे पहले डॉक्टर व एंबुलेंस को कॉल करें या फिर मरीज को अस्पताल ले जाने की तैयारी करें।
  • मरीज को किसी ठोस जगह पर लिटा दें और आप उसके पास घुटनों के बल बैठ जाएं।
  • उसकी नाक और गाल चेक करें कहीं कुछ अटक तो नहीं गया है? उसके मुंह में अंगुली डालकर चेक करें कहीं कुछ अटक तो नहीं गया है।
  • सीपीआर की दो प्रकियाएं है। हथेली से छाती पर दबाव डालना और मुंह से कृत्रिम सांस देना।
  • पेशेंट के सीने के बीचोंबीच हथेली रखकर पंपिंग करते हुए दबाएं। एक से दो बार ऐसा करने से धड़कने फिर से शुरू हो जाएगी।
  • इस प्रक्रिया में आपका जोर से और तेज-तेज दबाना जरूरी है। इतना तेज दबाएं कि हर बार सीना करीब डेढ़ इंच नीचे जाए।
  • पंपिंग करते वक्त दूसरे हाथ को पहले हाथ के ऊपर रख कर उंगलियों से बांध लें। अपने हाथ और कोहनी को सीधा रखें।
  • अगर पंपिंग करते वक्त धड़कने शुरू नहीं हो रहीं तो पंपिंग के साथ मरीज को कृत्रिम सांस देने की कोशिश करें।
  • हथेली से छाती को 1-2 इंच दबाएं। ऐसा प्रति मिनट में 100 बार करें।
  • 30 बार छाती पर दबाव बनाएं और दो बार कृत्रिम सांस दें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed