नसबंदी के पांच साल बाद महिला गर्भवती, स्वास्थ्य अधिकारी बोले- 30 हजार लो और गर्भपात करवाओ
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नसबंदी के पांच साल बाद एक महिला गर्भवती हो गई। इस पर स्वस्थ्य अधिकारी का शर्मनाक बयान सामने आया। मामला पंजाब के हलवारा का है। यहां के गांव अकालगढ़ निवासी महिला सिविल अस्पताल सुधार में 5 साल पहले नसबंदी करवाई। लेकिन इसके बाद दोबारा गर्भवती हो गई है।
पीड़िता का आरोप है कि वह अपनी शिकायत लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों के पास पहुंची तो कार्रवाई करने की जगह अफसर 30 हजार रुपये हर्जाना लेकर गर्भपात करवाने की सलाह दे रहे हैं। पीड़िता ने सिविल सर्जन दफ्तर को शिकायत भेज उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
सिविल सर्जन को भेजी शिकायत में पीड़िता नीशा ने बताया कि 12 सितंबर 2014 को सिविल अस्पताल सुधार में उसका परिवार नियोजन के तहत नसबंदी का ऑपरेशन हुआ था। वह गरीब परिवार से हैं। उसके पहले से तीन बच्चे है। इसलिए उसने नसबंदी करवाने का फैसला लिया था। आशा कार्यकर्ता कर्मजीत कौर उसे अस्पताल लेकर आईं थीं।
फरवरी में वह दोबारा गर्भवती हो गई। इस बात का उसे कुछ पता नहीं चला। मई में जैसे उसे पता चला वह अपनी शिकायत लेकर एसएमओ सुधार के पास गई थी। पीड़िता के पति अजय कुमार के अनुसार स्वास्थ्य विभाग अधिकारी उन्हें गर्भपात करवाने की सलाह दे रहे है।
इसके एवज में 30 हजार रुपये देने की बात कही जा रही है। सेहत अधिकारी इस मामले के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की जगह लीपापोती कर रहे है।
इस मामले पर एसएमओ सुधार डॉक्टर नीना नाकरा का कहना है कि इस तरह के ऑपरेशन कई बार असफल हो जाते है। इनकी संख्या बड़ी कम होती है। पीड़िता की शिकायत उन्हें मिल चुकी है। कार्रवाई सिविल सर्जन दफ्तर की ओर से बनाई जाने वाली कमेटी कर सकती है। शिकायत को सिविल सर्जन दफ्तर भेज दिया गया है।
एमटीबी एक्ट के तहत दंपती की मंजूरी से 20 हफ्ते तक गर्भवती महिला का गर्भपात किया जा सकता है। जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट तैयार कर डायरेक्टर हेल्थ के पास भेजेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार हर्जाने की रकम तय करेगी। - डॉ. एसपी सिंह, जिला परिवार भलाई अफसर