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Hindi News ›   Chandigarh ›   A Woman Accused PIMS Administration of Negligence after his Son Died at Jalandhar of Punjab

जालंधर: अस्पताल में भर्ती बेटे ने लगाई थी गुहार...मां, मुझे बचा लो, मां के कुछ करने से पहले ही दम तोड़ा 

Tue, 18 May 2021 11:52 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 18 May 2021 11:52 AM IST
सार

मृतक गुरसेवक सिंह की मां ने अस्पताल पर अपने बेटे को ऑक्सीजन न देने के आरोप लगाए हैं, वहीं जवाब में अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं है।  
 

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A Woman Accused PIMS Administration of Negligence after his Son Died at Jalandhar of Punjab
अस्पताल में भर्ती गुरसेवक और उसकी मां कमलजीत कौर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पंजाब के जालंधर में कोरोना के कारण स्थिति खराब होती जा रही है। आए दिन अस्पतालों में दाखिल मरीज अपनी जान गंवा रहे हैं। इनमें से कुछ तो कोरोना के कारण दम तोड़ रहे हैं और कुछ अस्पताल प्रबंधन की गलती का शिकार हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (पिम्स) में सामने आया है। यहां दाखिल कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन पर उंगलियां उठनी शुरू हो गई हैं। 

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मरने वाले युवक ने तीन दिन पहले ही अपनी मां को मैसेज भेजा था कि मैं यहां मर जाऊंगा, मुझे ले जाओ..। इससे पहले कि उसकी मां कुछ कर पाती युवक ने दम तोड़ दिया। जान गंवाने वाले युवक की पहचान नवांशहर के रहने वाले 24 साल के गुरसेवक सिंह के रूप में हुई है। 
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अपने बेटे की मौत के बाद कमलजीत कौर ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उसके बेटे ने उन्हें मैसेज भेजे कि उसे 3 दिन से ऑक्सीजन नहीं मिल रही है। यहां तक कि उसे पानी भी नहीं दिया जा रहा है। बेटे ने उससे कहा था कि उसका यहां सही ढंग से इलाज नहीं हो रहा है और उसे लग रहा है कि वह मर जाएगा, उसे बचा लो। 

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कोरोना पॉजिटिव था गुरसेवक, निमोनिया भी हो गया था

कमलजीत कौर ने कहा कि कुछ दिन पहले बेटे की तबीयत खराब होने के बाद नवांशहर में डॉक्टरों को दिखाया था। वहां जवाब मिला तो वे डीएमसी लुधियाना गए। वहां बेड न मिलने पर उसे जालंधर के पिम्स में दाखिल करवाया गया। जांच के बाद डॉक्टर ने कहा कि उनका बेटा कोरोना पॉजिटिव है, उसे निमोनिया भी हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज में कोताही बरतने की वजह से उसके बेटे की मौत हुई है। कमलजीत कौर ने जिला प्रशासन से लापरवाही बरतने पर पिम्स अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।   

अस्पताल में नहीं ऑक्सीजन की कमी नहीं : डायरेक्टर पिम्स  
पिम्स के डायरेक्टर अमित सिंह का कहना है कि उनके पास ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। अस्पताल में तो 10 हजार लीटर का ऑक्सीजन टैंक लगा हुआ है। बच्चे को ऑक्सीजन क्यों नहीं देंगे, जबकि जरूरत पड़ने पर यहां से अमृतसर के एक अस्पताल को ऑक्सीजन भेजी गई थी। बच्चा पहले ही गंभीर हालत में 13 तारीख को अस्पताल में आया था। उसे लगातार ऑक्सीजन दी जा रही थी, लेकिन बच्चा काफी सहमा हुआ था। शायद डर के कारण उसको पता ही नहीं चल रहा था कि उसके शरीर में ऑक्सीजन जा रही है। डर के कारण वह अपनी मां को मैसेज भेज रहा था, हालांकि दो दिन पहले वीडियो कॉल करके उसकी मां से बात भी करवाई गई थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चे को बचाने की पूरी कोशिश की थी।
 
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