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विधानसभा चुनाव: लुधियाना में अकाली दल और कांग्रेस को झटका, दोनों दलों के बड़े नेताओं ने छोड़ा दामन
Tue, 11 Jan 2022 06:05 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Tue, 11 Jan 2022 06:05 PM IST
सार
विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं का पार्टी बदलने का सिलसिला जारी है। लुधियाना में शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पीएसआईईसी चेयरमैन गोगी ने कांग्रेस को अलविदा कह आप का दामन थाम लिया है। गुरदीप गोशा शिअद छोड़ भाजपा में शामिल हो गए हैं।
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गुरदीप गोशा व गुरप्रीत गोगी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मंगलवार को औद्योगिक नगर लुधियाना में शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस पार्टी को झटका लगा है। यूथ अकाली नेता गुरदीप गोशा ने अकाली दल को अलविदा कह भाजपा का दामन थाम लिया है। गोशा ने सोमवार को शिअद नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया को जमानत मिलने की खुशी में लड्डू बांटे थे। इसकी किसी को भनक नहीं थी कि मंगलवार को वह पार्टी को अलविदा कह देंगे।
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वहीं सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी में पीएसआईईसी चेयरमैन गुरप्रीत गोगी भी आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए हैं। यह दोनों ही नेता लंबे समय से टिकट को लेकर पार्टी से नाराज चल रहे थे। गुरदीप गोशा लंबे समय से शिअद सुप्रीमो सुखबीर बादल और बिक्रमजीत मजीठिया के करीबी बने थे। वह लंबे समय से हलका दक्षिण से टिकट की मांग कर रहे थे, इसके लिए वह अपनी दावेदारी भी पार्टी के आगे जता चुके थे।
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पार्टी ने उन्हें नजरअंदाज किया और टिकट नहीं दिया। इस बात को लेकर वह अंदर खाते नाराज चल रहे थे। मंगलवार की सुबह सोशल मीडिया पर पार्टी के सभी पद छोड़ने की घोषणा कर दी। दोपहर बाद दिल्ली जाकर भाजपा में शामिल हो गए हैं। कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता और चेयरमैन गुरप्रीत गोगी ने भी पार्टी छोड़ दी है।
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गोगी बीते लंबे समय से कांग्रेस टिकट पर पार्षद रह चुके हैं। साल 2017 के चुनाव में वह टिकट की मांग कर रहे थे, उनकी टिकट कुछ कांग्रेस दिग्गजों ने कटवा दी। इसके बाद उन्हें मेयर पद पर पहुंचने नहीं दिया गया। इसको लेकर वह लंबे समय पार्टी से नाराज चल रहे थे। पार्टी ने कुछ समय पहले उन्हें पीएसआईईसी का चेयरमैन नियुक्त कर दिया था। उनकी नाराजगी कम नहीं हो पाई थी, आखिरकार मंगलवार को मौका मिलते ही उन्होंने कांग्रेस को छोड़ आप का दामन थाम लिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वह मंत्री भारत भूषण आशु के खिलाफ चुनाव मैदान में उतर सकते है।
इन नेताओं ने थामा भाजपा का दामन
पंजाब में चुनाव की घोषणा के बाद भाजपा लगातार दूसरे दलों के नेताओं को पार्टी में शामिल कर रही है। पंजाब में भाजपा के चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत, पंजाब प्रभारी दुष्यंत गौतम और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने इनका पार्टी में स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत ने कहा कि पंजाब चुनाव में भाजपा मजबूत आधार के साथ उतरेगी। अभी तो यह शुरुआत है भाजपा में शामिल होने वाले लोगों की सूची काफी लंबी है। उन्होंने दावा किया कि कई बोर्ड चेयरमैन और पूर्व विधायक भाजपा में जल्द शामिल होने वाले हैं।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में भाजपा के मेयर बनने का असर पंजाब के विधानसभा चुनाव में भी नजर आएगा। भाजपा में शामिल हुए पूर्व विधायक अरविंद खन्ना कैप्टन के करीबी रहे हैं। वह संगरूर से कांग्रेस की टिकट पर दो बार विधायक रह चुके हैं। कंवरवीर टोहड़ा के नाना गुरचरन सिंह टोहड़ा का पंजाब में अच्छा सियासी आधार है। 27 साल तक वह शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके बाद वह सांसद भी रहे हैं।