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पंजाबः डेढ़ साल में भी नहीं थमी पंचायत सचिवों की मानमानी, एक सस्पेंड
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 04 Aug 2018 09:45 AM IST
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पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के लाख प्रयासों के बावजूद विभाग के पंचायत सचिवों द्वारा मनमाने ढंग से काम करने की प्रवृत्ति पर रोक नहीं लग रही है। शुक्रवार को पंचायत मंत्री ने ऐसे एक और पंचायत सचिव को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए जो विभाग द्वारा बार-बार मांगे जाने के बावजूद अपने अधीन पंचायतों का रिकार्ड उपलब्ध नहीं करा रहा था।
पंचायत विभाग ने ब्लाक माछीवाड़ा के पंचायत सचिव अमरीक सिंह बहोलपुर को सस्पेंड कर दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने बीते छह माह से पंचायत का रिकार्ड विभाग के पास जमा नहीं कराया है। विभाग ने 35 लाख गबन के मामले में पंचायत सचिव से बार-बार रिकार्ड जमा करवाने को कहा था लेकिन वह रिकार्ड जमा नहीं करा रहे थे।
साथ ही पंचायत मंत्री ने साफ कर दिया है कि वे अफसरों पर किसी तरह का दबाव बनाने के पक्ष में नहीं हैं क्योंकि वे चाहते हैं कि अफसर अपनी जिम्मेदारी समझते हुए काम करें। लेकिन अगर कोई अफसर मनमाने तरीके से काम करने की जिद पर अड़े हैं तो उन्हें विभाग से निकाल बाहर किया जाएगा।
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दरअसल, सूबे में पंचायत सचिवों के मनमाने व्यवहार का सिलसिला डेढ़ साल से जारी है।
मंत्री तृप्त बाजवा ने पद संभालने के बाद सभी पंचायत सचिवों को अपने-अपने अधीन पंचायतों के रिकार्ड विभाग में जमा कराने के आदेश दिए थे। तब कुछ अफसरों ने रिकार्ड गुम हो जाने, आग में जल जाने जैसी दलीलें देते हुए विभाग को रिकार्ड ही उपलब्ध नहीं कराया। यही नहीं, कुछ पंचायत सचिव को अपना ट्रांसफर होने पर पिछला रिकार्ड भी अपने साथ ले गए और विभाग को ठेंगा दिखा दिया। पंचायत मंत्री ने यह आदेश भी जारी किए कि जिन पंचायत सचिवों का तबादला किया जाता है, वह तबादले के तीन दिन के भीतर अपने अधीन सारा रिकार्ड उनकी जगह पद संभालने वाले अधिकारी के सुपुर्द करें।
उन्होंने आदेश की अवहेलना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई और उनके खिलाफ चोरी का केस दर्ज कराने तक की सख्ती दिखाई। लेकिन कई अफसर आज तक मनमानी कर रहे हैं। पंचायत मंत्री ने कुछ समय तक ऐसे पंचायत सचिवों को चेतावनियां दीं लेकिन कुछ असर न होता देख उन्होंने कई पंचायत अफसरों को सस्पेंड करने के अलावा कुछ को सीधे तौर पर विभाग से चलता कर दिया था। इसी कड़ी में शुक्रवार को माछीवाड़ा के पंचायत सचिव पर गाज गिरी है।
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पंचायत विभाग ने ब्लाक माछीवाड़ा के पंचायत सचिव अमरीक सिंह बहोलपुर को सस्पेंड कर दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने बीते छह माह से पंचायत का रिकार्ड विभाग के पास जमा नहीं कराया है। विभाग ने 35 लाख गबन के मामले में पंचायत सचिव से बार-बार रिकार्ड जमा करवाने को कहा था लेकिन वह रिकार्ड जमा नहीं करा रहे थे।
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साथ ही पंचायत मंत्री ने साफ कर दिया है कि वे अफसरों पर किसी तरह का दबाव बनाने के पक्ष में नहीं हैं क्योंकि वे चाहते हैं कि अफसर अपनी जिम्मेदारी समझते हुए काम करें। लेकिन अगर कोई अफसर मनमाने तरीके से काम करने की जिद पर अड़े हैं तो उन्हें विभाग से निकाल बाहर किया जाएगा।
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दरअसल, सूबे में पंचायत सचिवों के मनमाने व्यवहार का सिलसिला डेढ़ साल से जारी है।
मंत्री तृप्त बाजवा ने पद संभालने के बाद सभी पंचायत सचिवों को अपने-अपने अधीन पंचायतों के रिकार्ड विभाग में जमा कराने के आदेश दिए थे। तब कुछ अफसरों ने रिकार्ड गुम हो जाने, आग में जल जाने जैसी दलीलें देते हुए विभाग को रिकार्ड ही उपलब्ध नहीं कराया। यही नहीं, कुछ पंचायत सचिव को अपना ट्रांसफर होने पर पिछला रिकार्ड भी अपने साथ ले गए और विभाग को ठेंगा दिखा दिया। पंचायत मंत्री ने यह आदेश भी जारी किए कि जिन पंचायत सचिवों का तबादला किया जाता है, वह तबादले के तीन दिन के भीतर अपने अधीन सारा रिकार्ड उनकी जगह पद संभालने वाले अधिकारी के सुपुर्द करें।
उन्होंने आदेश की अवहेलना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई और उनके खिलाफ चोरी का केस दर्ज कराने तक की सख्ती दिखाई। लेकिन कई अफसर आज तक मनमानी कर रहे हैं। पंचायत मंत्री ने कुछ समय तक ऐसे पंचायत सचिवों को चेतावनियां दीं लेकिन कुछ असर न होता देख उन्होंने कई पंचायत अफसरों को सस्पेंड करने के अलावा कुछ को सीधे तौर पर विभाग से चलता कर दिया था। इसी कड़ी में शुक्रवार को माछीवाड़ा के पंचायत सचिव पर गाज गिरी है।