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Chandigarh News: राहत की बात... अब तक शहर में नहीं मिला डेंगू और मलेरिया का एक भी केस

Tue, 06 Jun 2023 02:19 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jun 2023 02:19 AM IST
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A matter of relief... not a single case of dengue and malaria has been found in the city so far
चंडीगढ़। शहर के लोगों के लिए राहत की खबर है। बरसात के बावजूद इस बार अब तक डेंगू और मलेरिया के एक भी मरीज नहीं मिले हैं जबकि पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो जून में डेंगू और मलेरिया लोगों को अपना शिकार बनाना शुरू कर देता था। स्वास्थ्य विभाग भी इस बदलाव से राहत महसूस कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस बदलाव में शहर के लोगों की भूमिका अहम है क्योंकि उनके सहयोग के बल पर ही मच्छरजनित बीमारियों पर काबू संभव हो पाएगा। पिछले दिनों हुई बरसात के दौरान मच्छरजनित बीमारियों के खतरे को ध्यान में रखते हुए विभाग ने एडवाइजरी भी जारी कर दी है। वहीं अस्पतालों, स्कूलों, सार्वजनिक स्थलों पर मच्छराें से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। मलेरिया विभाग जागरूकता के साथ ही घरों के साथ ही व्यावसायिक स्थलों की जांच कर कार्रवाई करने में जुटा है।
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इनसेट-

इन इलाकों में डेंगू का खतरा ज्यादा

मौलीजागरां, मनीमाजरा, दड़वा, हल्लोमाजरा, बहलाना, खुड्डा लाहौरा, खुड्डा अलीशेर, मलोया, कॉलोनी नंबर-4, सेक्टर-25, सेक्टर-27, सेक्टर-22, धनास, सेक्टर-20, सेक्टर-19 और सारंगपुर में डेंगू का खतरा सबसे ज्यादा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार हर साल इन क्षेत्रों से डेंगू के सबसे ज्यादा मामले आते हैं।
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इनसेट-

मच्छरों से बचना है तो ये नंबर मिलाए

डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जरी किए गए हेल्पलाइन नंबर-76260-02036 पर संपर्क कर सकते हैं।

इनसेट

यहां हो रही डेंगू जांच

पीजीआई, जीएमसीएच-32, जीएमएसएच-16, सिविल अस्पताल मनीमाजरा, सिविल अस्पताल सेक्टर-22 और सिविल अस्पताल सेक्टर-45
इनसेट
मच्छरों से बचना है तो ये करें।
-घरों के आसपास पानी जमा न होने दें।
- मच्छर अक्सर घरों में पैदा होते हैं। फ्रिज से जो पानी निकलता है, उसमें भी लार्वा बनते हैं।
- बोतल के छोटे से ढक्कन में पानी होने पर भी लार्वा बन सकता है।

- कूलर में इसके पनपने का ज्यादा खतरा रहता है। इसलिए हर हफ्ते कूलर का पानी बदलें।

- कूलर का पानी निकालने के बाद उसे सूखने दें। फिर उस पर पानी भरें।

- जहां पर पानी रहता है, वहां पर एक बार केरोसिन तेल जरूर डाल दें।
- विंडो एसी के बाहर वाले हिस्से के नीचे पानी टपकने से रोकने के लिए लगी ट्रे को रोज खाली करना न भूलें।
- गमले चाहे घर के भीतर हों या बाहर, इनमें पानी जमा न होने दें। गमलों के नीचे रखी ट्रे भी खाली करना न भूलें।

- छत पर टूटे-फूटे डिब्बे, टायर, बर्तन, बोतलें आदि न रखें या उलटा कर रखें। पानी की टंकी को अच्छी तरह बंद कर रखें।

- पक्षियों को दाना-पानी देने के बर्तन को रोज पूरी तरह से खाली कर साफ करने के बाद पानी भरें।

- घर के अंदर सभी जगहों में हफ्ते में एक बार मच्छर नाशक दवाई का छिड़काव जरूर करें।
इनसेट
पिछले पांच वर्षों में ये थी स्थिति
साल डेंगू मलेरिया
2018 5 7
2019 4 2
2020 3 2
2021 0 2
2022 8 1
2023 अब तक 0 0
कोट- बरसात के मद्देनजर विभाग ने मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। मलेरिया विभाग बचाव और राहत कार्य के साथ ही लोगों को मच्छरों से बचाव के लिए जागरूक कर रहा है। अगर शहर के लोगों ने ऐसे ही साथ दिया तो हम निश्चित तौर पर डेंगू और मलेरिया पर काबू पाने में सफल होंगे।
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-यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव
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