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Hindi News ›   Chandigarh ›   A confluence of culture and art seen in the Gita and Natyashastra.

Chandigarh News: गीता और नाट्यशास्त्र में दिखा संस्कृति व कला का संगम

Wed, 29 Jul 2026 12:03 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2026 12:03 AM IST
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A confluence of culture and art seen in the Gita and Natyashastra.
चंडीगढ़। सेक्टर-18 स्थित टैगोर थिएटर के मिनी ऑडिटोरियम में मंगलवार को भारतीय संस्कृति, शास्त्रीय कलाओं और जीवन मूल्यों का अनूठा संगम देखने को मिला। संगीत नाटक अकादेमी, नई दिल्ली और चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम ‘भगवदगीता और नाट्यशास्त्र-मानवता की सांस्कृतिक धरोहर’ में कलाकारों और विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।कार्यक्रम में कथक कलाकार शोभना नारायण, डॉ. शोभा कौसर और गीता विशेषज्ञ डॉ. सुमेधा कटारिया ने भारतीय परंपराओं और कला के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. कटारिया ने कहा कि भगवदगीता का कर्म और जीवन मूल्यों का संदेश आज भी प्रासंगिक है। डॉ. शोभा कौसर ने कथक की भाव-भंगिमाओं और मुद्राओं की प्रस्तुति दी, जबकि शोभना नारायण ने नाट्यशास्त्र में वर्णित मुद्राओं का प्रदर्शन कर भारतीय नृत्य परंपरा की समृद्धि दिखाई। कार्यक्रम में कला, इतिहास और अध्यात्म का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
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