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बेमिसालः 91 साल के इस एथलीट की दाद दीजिए, कहानी आपको जोश से भर देगी

Tue, 28 Feb 2017 09:19 AM IST
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला Updated Tue, 28 Feb 2017 09:19 AM IST
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91 years old athlete mahinder pal singh wins two gold medal in athletic championship
91 साल के एथलीट महिंदर पाल सिंह
91 साल की उम्र में भी इतना गजब का जज्बा है कि आप तारीफ किए बिना नहीं रहेंगे। इनकी कहानी आपमें जोश भर देगी और आप इनकी तरह बनना चाहेंगे। तीन घंटे अस्पताल में रहने के बाद भी मैदान में उतरे और दो गोल्ड मेडल जीत कर सभी को हैरान कर दिया। 91 वर्षीय मास्टर एथलीट की तबीयत अचानक खराब हुई और वह खेल के मैदान में ही बेहोश हो गया। जब आंखे खुली तो खुद को अस्पातल की इमरजेंसी में लेटा पाया।
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सामने खड़े छोटे भाई को उदास देखकर बुजुर्ग ने कहा अब बिल्कुल फिट हूं। मैं एक फौजी हूं। जब बार्डर पर हार नहीं मानी, ये तो खेल का मैदान है। सिर्फ उम्र आड़े आ रही है, इसलिए शरीर साथ नहीं दे रहा है। हौसला अब भी कम नहीं हुआ। मॉस्टर्स एथलेटिक चैंपियनशिप में हिस्सा लेने आए हैं। मेडल जीतकर जाएंगे। उसके बाद दोनों भाई चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए स्पोट्र्स कांप्लेक्स पहुंचे।
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यहां स्पोट्र्स कांप्लेक्स में आयोजित चैंपियनशिप के दो स्पोर्ट्स इवेंट में बुजुर्ग ने दो स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। ये गजब का जज्बा देखने को मिला, हरियाणा में फतेहाबाद निवासी 91 वर्षीय महिंदर पाल सिंह में। वे पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित 26वीं हरियाणा राज्य मॉस्टर्स एथलेटिक चैंपियनशिप में हिस्सा लेने आए थे।
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रविवार को चैंपियनशिप के शुभारंभ के दौरान खाली पेट होने के चलते उनका बीपी और शूगर लेबर कम हो गया और वह बेहोश हो गए। उन्हें पंचकूला सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां पर लगातार तीन घंटे तक इलाज चला।

होश आने पर पहुंचे एक फिर से मैदान में

91 years old athlete mahinder pal singh wins two gold medal in athletic championship
91 साल के एथलीट महिंदर पाल सिंह
इलाज के बाद जब उन्हें होश आया तो सीधा अपने छोटे भाई सत्तरपाल सिंह को लेकर खेल ग्राउंड पहुंचे। डॉक्टरों ने उन्हें बेड रेस्ट के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी और सोमवार को खेल के मैदान में उतर आए। इस दौरान ढिल्लो ने 90 प्लस आयुवर्ग में सॉटपुट और डिसकस थ्रो स्पोर्ट्स इवेंट में हिस्सा लेकर दो स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।                

50 साल बाद दूसरी पारी की शुरुआत             
महिंदर सिंह ढिल्लो ने बताया कि आर्मी से रिटायरमेंट के बाद उन्होंने स्वास्थ्य पर पूरा ध्यान दिया है। वह 91 वर्ष की अवस्था में भी रोजाना व्यायाम और पांच किमी साइकिलिंग करते हैं। यही उनके सेहत का राज है।

उन्होंने बताया कि रिटायरमेंट के करीब पचास साल बाद उनके छोटे भाई सत्तरपाल सिंह ने स्पोर्ट्स के प्रति उन्हें प्रेरित किया और मास्टर्स एथलेटिक मीट में हिस्सा लेने के लिए वह तैयार हो गए। पिछले दो साल से वह मास्टर्स एथलेटीक मीट में हिस्सा ले रहे हैं। पिछले साल जनवरी 2015 में मध्य प्रदेश में आयोजित मास्टर्स एथलेटिक मीट में ढिल्लो ने तीन स्वर्ण पदक जीता है।

नशे से युवा दूर रहे
91 वर्षीय एथलीट महिंदर सिंह ढिल्लो ने बताया कि आज के युवा नशे से दूर रहें तो मंजिल उनकी कदम चूमेगी। उन्होंने बताया कि आज उम्र के इस पड़ाव में भी खेल के मैदान में वह लोहे का गोला 5.46 मीटर फेक पा रहे हैं। इसका मुख्य कारण खान-पान व्यायाम और नशा से दूर रहना है।
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