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PGI इमरजेंसी में रोज औसतन 7 मरीजों की मौत, सालाना रिपोर्ट में खुलासा

आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 20 May 2017 12:58 AM IST
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 पीजीआई
पीजीआई - फोटो : file photo

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पीजीआई की इमरजेंसी में रोज औसतन 7 मरीजों की मौत हो जाती है। पीजीआई की सालाना रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में पीजीआई में कुल 2440 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि साल 2015-16 में 2395 मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। पीजीआई का कहना है कि इमरजेंसी में मरीज काफी गंभीर स्थिति और देरी से पहुंचते हैं।
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बावजूद मरीजों को बचाने में पूरी कोशिश की जाती है। सालाना रिपोर्ट के मुताबिक पीजीआई की इमरजेंसी ओपीडी में 99201 मरीज पहुंचे। इनमें से 5349 मरीजों की मौत हुई। इमरजेंसी में कुल 44388 मरीजों को एडमिट किया गया। इनमें से 29327 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया, जबकि 2440 मरीजों की मौत हुई।


सबसे ज्यादा मौतें पीडियाट्रिक में
रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा मौतें पीडियाट्रिक मेडिसिन में हुई है। यहां पर 20104 बच्चे एडमिट हुए। इनमें से 1188 बच्चों की मौत हुई। यानी रोजाना औसतन तीन बच्चों की मौत हुई। उसके बाद कार्डियोलाजी में। साल 2016-17 में कार्डियोलाजी में 11800 मरीज एडमिट हुए। इनमें से 374 लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ा।

न्यूरोसर्जरी में 5702 मरीजों में से 381 लोगों ने दम तोड़ा। जरनल सर्जरी में 4363 को दाखिला दिया गया, इनमें से 367 मरीजों की मौत हुई। इंटरनल मेडिसिन में 3210 मरीज एडमिट हुए। इनमें से 349 मरीजों ने दम तोड़ दिया।
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