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Combined Eligibility Test: परीक्षा के पहले दिन 65 प्रतिशत अभ्यर्थी हो पाए हाजिर, हाजिरी कम होने के रहे कई कारण
Sat, 05 Nov 2022 10:22 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 05 Nov 2022 10:22 PM IST
सार
सुबह से ही परीक्षार्थी बस अड्डों पर पहुंच गए थे। बसों को लेकर जबरदस्त मारामारी रही। सीट बुकिंग और प्रवेश पत्र दिखा निशुल्क यात्रा के दोनों विकल्प होने के चलते बुकिंग सिस्टम फेल हो गया। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए अभ्यर्थियों को कड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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सीईटी के लिए अभ्यर्थियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा में सरकारी नौकरी के लिए होने वाली संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी) का शनिवार को पहला दिन था। करीब 65 प्रतिशत अभ्यर्थी ही परीक्षा में हाजिर हो पाए। शेष 35 प्रतिशत परीक्षा से वंचित रहे। परीक्षा में हाजिरी कम होने के कई कारण हैं। पहला तो रोडवेज बसों को लेकर अभ्यर्थियों में मारामारी रही। भीड़ के चलते या तो अभ्यर्थियों को जगह नहीं मिली या फिर वह समय पर पहुंच नहीं पाए। इसके अलावा, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और एनटीए की तकनीकी खामियों के चलते अभ्यर्थियों को गलत परीक्षा केंद्र अलॉट हो गए। तीसरा, फीस को लेकर भी काफी संख्या में अभ्यर्थियों को रोल नंबर जारी नहीं हुआ।
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सुबह से ही परीक्षार्थी बस अड्डों पर पहुंच गए थे। बसों को लेकर जबरदस्त मारामारी रही। सीट बुकिंग और प्रवेश पत्र दिखा निशुल्क यात्रा के दोनों विकल्प होने के चलते बुकिंग सिस्टम फेल हो गया। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए अभ्यर्थियों को कड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। अंबाला में जो स्कूल सेंटर ही नहीं बनाया था, उसका पता प्रवेश पत्र पर दिया गया, जिससे अभ्यर्थियों को परेशानी हुई और जमकर हंगामा भी किया। इसी प्रकार, हांसी में बनाए परीक्षा केंद्रों का पता हिसार का दिखा गया, इससे भी काफी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच पाए। सीईटी से काफी संख्या में अभ्यर्थियों का वंचित रहा गंभीर बात है, क्योंकि पिछले दो साल से इसका इंतजार कर रहे थे और आंदोलन तक हुआ।
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पहला दिन
- 658 स्कूलों में 1200 केंद्रों पर 562795 के बैठने की व्यवस्था
- रोडवेज की ओर 4500 बसें चलाईं गई
- दो शिफ्टों में 364044 परीक्षार्थी पहुंचे, 198751 रह गए
- सुबह के सत्र में 282400 में से 182300
- शाम के सत्र में 280395 में से 181744 ने परीक्षा दी।
परेशानी का अंदाजा इससे : टोल फ्री नंबर पर 5 हजार कॉल
सीईटी के पहले दिन अभ्यर्थियों को आई परेशानी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आयोग की ओर से जारी किए गए 18005728997 नंबर पर 5 हजार से अधिक फोन काल आई। इनमें अधिकतर की समस्या नाम, फोटो में गलती और फोटो मिसमैच की रही। ऐसे अभ्यर्थियों ने भी फोन किए जिनकी फीस तो जमा करा दी गई लेकिन पोर्टल पर नहीं दिख रही, जिस कारण उनको रोल नंबर ही जारी नहीं किया। वहीं, गलत परीक्षा केंद्र जारी होने से परेशान अभ्यर्थी अपने परीक्षा केंद्र के बारे में जानकारी लेते रहे। टोल फ्री नंबर पर रात 11 बजे तक अपनी समस्या दर्ज कराई जा सकती है।
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दोबारा मौका देने की तैयारी
हरियाणा सरकार अब उन अभ्यर्थियों को मौका देने की तैयारी में है, जो हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग और एनटीए की खामियों के चलते परीक्षा नहीं दे पाए। संभावना जताई जा रही है कि रविवार शाम की शिफ्ट में इनको परीक्षा का मौका मिल सकता है। शनिवार देर रात इस पर अंतिम फैसला लेकर अभ्यर्थियों को मोबाइल या फिर मेल पर इसकी जानकारी दी जाएगी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष भोपाल सिंह खदरी ने इसकी पुष्टि की है। खदरी ने कहा कि तकनीकी खामियों के चलते जो परीक्षा नहीं दे पाए हैं, उनको दोबारा परीक्षा दिलाने के लिए आयोग कोशिश कर रहा है। अंतिम फैसला एनटीए लेगी।
फैसला अच्छा, व्यवस्था खराब
हरियाणा सरकार की ओर से अभ्यर्थियों को रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा कर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने का फैसला सही रहा, लेकिन व्यवस्था खराब होने के चलते अभ्यर्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पहले सीट बुकिंग और बाद में प्रवेश पत्र दिखाकर निशुल्क यात्रा का विकल्प देने के चलते पूरी व्यवस्था ही खराब हो गई। बुकिंग वाले अभ्यर्थियों ने कहीं ओर से रोडवेज में सफर किया। ऐसे में परिवहन विभाग की ओर से की गई तैयारियां धरी रह गई। हालांकि, परिवहन विभाग के प्रधान सचिव नवदीप सिंह विर्क का दावा है कि रोडवेज की 4500 बसों में 1.80 लाख लोगों ने सफर किया है। ट्रंक रूटों पर 3500 बसें और शटर सेवा में 1000 बसें लगाई गई थी।