{"_id":"5f3ec5c68ebc3e4ae2047af2","slug":"58-year-old-ramchandra-returned-india-from-pakistan-after-15-years","type":"story","status":"publish","title_hn":"15 साल तक पाक की जेल में काटी सजा, अब वतन लौटा बिहार का रामचंद्र, सही से बोलने में भी आ रही कठिनाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
15 साल तक पाक की जेल में काटी सजा, अब वतन लौटा बिहार का रामचंद्र, सही से बोलने में भी आ रही कठिनाई
Fri, 21 Aug 2020 02:07 AM IST
ajay kumar
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 21 Aug 2020 02:07 AM IST
विज्ञापन
रामचंद्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लगभग 15 साल तक पाकिस्तान की अलग-अलग जेलों में मानसिक व शारीरिक यातनाएं झेलने के बाद बिहार की राजधानी पटना के गांव भवानीपुर काशीचक निवासी रामचंद्र (58) वतन लौट आए हैं। पाकिस्तान रेंजर अधिकारी मोहम्मद फैजल ने अटारी-वाघा सीमा पर रामचंद्र को बीएसएफ अधिकारी अनिल चौहान को सौंपा। बीएसएफ ने दस्तावेज की जांच कर उसे अटारी सड़क सीमा पर स्थित पंजाब पुलिस की चौकी काहनगढ़ पुलिस को सौंप दिया।
विज्ञापन
रामचंद्र को देखकर लग रहा था कि उसे मानसिक और शारीरिक तौर पर काफी प्रताड़ित किया गया है। वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहा था। अटारी पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह डेरा बाबा नानक सीमा से गलती से पाकिस्तान में घुसा था, जहां उसे पाकिस्तानी रेंजरों ने गिरफ्तार कर लिया गया था।
विज्ञापन
अटारी सीमा पर तैनात पंजाब पुलिस के प्रोटोकाल अधिकारी अरुण पाल सिंह ने बताया कि बुधवार को बीएसएफ अधिकारियों ने उन्हें बताया कि पाकिस्तान रेंजर एक भारतीय को रिहा कर भेज रहे हैं। रामचंद्र को बोलने में भी कठिनाई आ रही थी। उसके परिजन एक दो दिन में यहां पहुंच जाएंगे।
विज्ञापन
दस्तावेज पूरे करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया जाएगा। परिवार ने बताया है कि रामचंद्र की शादी हो चुकी है और दो बच्चे भी है। परिजनों के अनुसार, 15 साल पहले रामचंद्र घर से लापता हो गया था, तब उसकी उम्र 43 साल थी। वह खेतीबाड़ी और मजदूरी करता था। बीएसएफ अधिकारियों के आदेश के बाद पंजाब पुलिस ने रामचंद्र को अदालत में पेश नहीं किया। प्रोटोकॉल अधिकारी के अनुसार चूंकि उसके परिजनों के साथ बातचीत कर ली गई है, इसलिए अब उसे परिजनों को सौंपने की औपचारिकता ही पूरी की जाएगी।
पाकिस्तान द्वारा रिहा किए जाने वाले भारतीयों को प्रताड़ित करने की यह पहली घटना नहीं है। पाकिस्तान से लौटे कई भारतीय यातनाओं के कारण मानसिक रूप से विकृत होकर लौटे हैं। उन्हें अमृतसर स्थित सरकारी मेंटल अस्पताल में दाखिल करवाया जाता था। इनमें से कई भारतीय आज भी वहां दाखिल हैं। पाकिस्तान से लौटे यह लोग अपने घर का पता तक नहीं बता पाए थे।