स्मार्ट पार्किंग : चंडीगढ़ के 57 पार्किंग स्थल हुए स्मार्ट, अब घंटे के हिसाब से लगेगा पार्किंग शुल्क
- चंडीगढ़ के पार्किंग स्थल अब हो गए हैं स्मार्ट
- जोन-2 के सभी 57 पार्किंग स्थलों में होगी घंटे के हिसाब से वसूली
- जोन-1 के 32 पार्किंग स्थलों का निरीक्षण होना अभी बाकी
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चंडीगढ़ के पार्किंग स्थल अब स्मार्ट हो गए हैं। जोन-2 के सभी 57 पार्किंग स्थलों में शुक्रवार से घंटे के हिसाब से पार्किंग शुल्क की वसूली शुरू हो सकती है। निगम की ओर से गठित कमेटी ने इन सभी पार्किंग स्थलों का निरीक्षण करने के बाद पार्किंग विभाग को अपनी रिपोर्ट दे दी है। इस मामले में निगम आयुक्त केके यादव से सहमति लेना शेष है। वहीं, जोन-1 के 32 पार्किंग स्थलों का अभी निरीक्षण होना बाकी है।
नगर निगम ने एक साल पहले शहर में 25 से बढ़ाकर 89 पार्किंग स्थलों को पेड कर दिया था और शहर को दो जोन में बांटकर पार्किंग स्थलों का टेंडर लगाया था। जोन-1 के 32 पार्किंग स्थलों के लिए रामसुंदर कंपनी जबकि जोन-2 के 57 पार्किंग स्थलों के लिए पाश्चात्य कंपनी को टेंडर दिया गया था।
टेंडर के समय बताया गया था कि तीन माह में कंपनियों को पार्किंग स्थल को स्मार्ट बनाना होगा। तब तक वाहन चालकों से पुराना पार्किंग शुल्क ही वसूला जाएगा। पार्किंग स्थल को स्मार्ट करने के बाद घंटे के अनुसार शुल्क वसूली के आदेश थे लेकिन कोरोना महामारी के कारण ऐसा नहीं हो सका और पार्किंग स्थल को स्मार्ट करने के लिए दी गई समय सीमा को बढ़ा दिया गया। दूसरी ओर स्वदेशी सामान का उपयोग करने की शर्त के कारण भी संचालकों को समय लग गया। जोन-1 के पार्किंग संचालक रामसुंदर का कहना है कि हमारा 90 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। मार्च के अंत तक हर हाल में काम पूरा कर लेंगे। एक अप्रैल से हम भी स्मार्ट पार्किंग के तहत शुल्क लेना शुरू कर देंगे।
कंपनियों को एक साल बाद बढ़ाना था शुल्क
इस तरह रहेंगे शुल्क
समय दोपहिया चारपहिया
0-4 घंटे 5 10
4-8 घंटे 10 20
8-12 घंटे 20 40
इन सेक्टरों की पार्किंग हो जाएंगी स्मार्ट
जोन-2 में आने वलो सेक्टर 17, 22, 5, 7, 8, 9 और 16 स्थित 57 के पार्किंग स्मार्ट हो जाएंगे। उसके बाद यहां घंटों के हिसाब से शुल्क देना होगा।
कमेटी की रिपोर्ट मिल गई है। निगम आयुक्त की सहमति लेनी बाकी है। संभव है, गुरुवार को वह भी मिल जाए। उसके बाद पार्किंग संचालक घंटे के हिसाब से शुल्क ले सकेंगे। -एसके जैन, एसडीएम दक्षिण और अतिरिक्त आयुक्त-2