डेरा बाबा नानक उत्सव रूहानी रंग के साथ शुरू, 09 नवंबर को तीन जिलों में छुट्टी की घोषणा
श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर खुलने जा रहे श्री करतारपुर कॉरिडोर के संगती दर्शनों की खुशी में डेरा बाबा नानक उत्सव का शुक्रवार देर शाम आगाज हो गया। सहकारिता व जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने उत्सव का आगाज किया। यह उत्सव सहकारिता विभाग के समूह सहकारी विभागों द्वारा मिलकर करवाया जा रहा है। यह 11 नवंबर तक डेरा बाबा नानक में होना है।
रंधावा ने कहा कि इस उत्सव के तहत धार्मिक समागम करवाने के साथ-साथ श्री गुरु नानक देव जी के रुहानी रंग में रंगे साहित्यिक और सभ्याचारक प्रोग्राम करवाए जा रहे हैं। सबसे पहले खालसा कॉलेज अमृतसर के 50 रागी कलाकार स्टूडेंट्स ने श्री गुरु नानक देव जी द्वारा कुदरत की सिफ्त में उचारी गई आरती गायन की।
उसके बाद पुलिस डीएवी स्कूल, अमृतसर के स्टूडेंट्स द्वारा श्री गुरु नानक महिमा एक्शन गीत की पेशकारी की। शिरोमणि अवार्ड विजेता नाटककार डॉ. केवल धालीवाल के निर्देशों पर लघु नाटक ‘जगत गुरु बाबा नानक’ का मंचन किया गया। इसके बाद लोक नाच मलवई गिद्दा पेश किया गया, जिसकी खासियत बाबा नानक से संबंधित लोक बोलियां डाली गई।
रंधावा ने श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित पांच किताबों का लोकार्पण किया। इन किताबों में प्रिथीपाल सिंह कपूर की करतारपुर करता बसै संतन के पास, डॉ. अमरजीत सिंह द्वारा संपादित ‘गुरु नानक: परम्परा और दर्शन’, डॉ. नरेश द्वारा संपादित ‘गुरु नानक बाणी और पंजाबी चिंतन’, केवल धालीवाल द्वारा संपादित ‘जित्थे बाबा पैर धरे’ और ‘कावि शास्त्र गुरु नानक विशेष अंक चार जिलदां’ शामिल हैं।
इस मौके पर पंजाब कला परिषद के चेयरपर्सन डॉ. सुरजीत पातर, सरबत दा भला ट्रस्ट के चेयरपर्सन एसपी सिंह ओबराए, मार्कफेड के एमडी वरुण शर्मा, मिल्कफेड के एमडी कमलदीप सिंह संघा, शुगरफेड के एमडी पुनीत गोयल और पंजाब राज सहकारी बैंक के एमडी डॉ. एसके बातिश, उत्सव के कोआर्डिनेटर अरजीत सिंह ग्रेवाल और भगवंत सिंह सचर मौजूद थे।
नौ को तीन जिलों में छुट्टी
पंजाब सरकार ने नौ नवंबर को गुरदासपुर, कपूरथला और अमृतसर में स्थानीय छुट्टी का एलान किया है। सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के मद्देनजर नौ को इन तीनों जिलों के सरकारी दफ्तरों, बोर्ड, निगमों और शिक्षण संस्थाओं में छुट्टी रहेगी।