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लुधियाना गैस कांड: दूसरे दिन भी दहशत, दुकानें रहीं बंद... 500 मीटर का क्षेत्र रहा सील, पानी का सैंपल लेगी टीम

Mon, 01 May 2023 09:32 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Mon, 01 May 2023 09:32 PM IST
सार

एनडीआरएफ के विशेषज्ञों से बात करने के बाद नगर निगम और जिला प्रशासन ने सीवरेज लाइनों में कॉस्टिक सोडा डाला ताकि जो जहरीली गैस हाइड्रोजन सल्फाइड पाई गई है उसकी मात्रा कम हो सके। इलाके की वायु गुणवत्ता सोमवार सुबह नौ बजे के बाद कुछ साफ हुई।

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500 Meters Area Sealed In Ludhiana One Day After Poisonous Gas Leak
लुधियाना गैस कांड। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

लुधियाना के ग्यासपुरा के 33 फुट रोड पर गैस रिसाव कांड के दूसरे दिन भी दहशत भरा मंजर दिखा। पूरा बाजार बंद था और 500 मीटर के दायरे का सारा क्षेत्र प्रशासन ने दूसरे दिन भी सील रखा। हालांकि दूसरे दिन भी यह स्पष्ट नहीं हो सका कि केमिकल कहां से सीवरेज लाइन में आया और गैस कहां बनी।

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गैस का सबसे ज्यादा असर 100 मीटर के दायरे में हुआ। इसी क्षेत्र में सभी 11 लोगों की जान गई है। एनडीआरएफ की टीमों ने सोमवार को पूरे क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया। टीमें हैंडहैल्ड गैस डिटेक्टर की मदद से समय-समय पर वायु गुणवत्ता जांचने में जुटी रहीं। प्रशासनिक अधिकारी भी एनडीआरएफ के साथ मौजूद रहे। उधर, पटियाला से प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की टीमों के साथ-साथ नगर निगम की भी टीमें जांच कर रही हैं।
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एनडीआरएफ के विशेषज्ञों से बात करने के बाद नगर निगम और जिला प्रशासन ने सीवरेज लाइनों में कॉस्टिक सोडा डाला ताकि जो जहरीली गैस हाइड्रोजन सल्फाइड पाई गई है उसकी मात्रा कम हो सके। इलाके की वायु गुणवत्ता सोमवार सुबह नौ बजे के बाद कुछ साफ हुई। दूसरे दिन पुलिस कमिश्नर मंदीप सिंह सिद्धू, डिप्टी कमिश्नर सुरभि मलिक और नगर निगम कमिश्नर डॉ. शेना अग्रवाल ने इलाके का दौरा किया।

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उद्योगों से पानी के सैंपल लेने बुलाई टीमें
दो बच्चों समेत 11 लोगों की मौत के बाद प्रदूषण बोर्ड और जिला प्रशासन एक्शन में आ गया है। उद्योगों से पानी के सैंपल लेने के लिए फॉरेंसिक टीमें बुलाई हैं। ये सैंपल खरड़ में बनी केमिकल लैब में टेस्ट होंगे। इसके साथ ही नगर निगम की टीमें भी लगातार सीवरेज की पाइपों को साफ कर रही हैं। टीमों ने हादसे में जान गंवाने वाले डॉ. कविलाश यादव के घर की पूरी जांच करने के साथ अंदर बनी होदियों को भी जांचा। इसके साथ नवनीत कुमार और गौरव गोयल के घर में भी जांच की गई।

लोग बोले- कई बार शिकायत दी लेकिन नहीं हुई सुनवाई
लोगों का कहना है कि फैक्ट्रियों की गलती के कारण ही 11 बेकसूर लोगों की जान गई है। प्रदूषण बोर्ड के कई अधिकारियों को शिकायत दी गई कि इलाके के सीवरेज में केमिकल युक्त पानी फेंका जाता है। परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई। अब हादसा हो गया तो अधिकारी भी पहुंच गए और इलाके में सफाई अभियान भी छेड़ दिया है। अगर पहले समय रहते सीवरेज साफ करवाया जाता तो यह हादसा नहीं होता।

हाइड्रोजन सल्फाइड की मात्रा ज्यादा होने से हुआ अधिक नुकसान
बठिंडा हेडक्वार्टर से पहुंचे एनडीआरएफ के कमांडेंट डीएल जाखड़ ने बताया कि करीब 70 मुलाजिम राहत कार्य में जुटे हैं। हैंडहैल्ड गैस डिटेक्टर की मदद से वायु गुणवत्ता जांची गई तो पता चला कि कुछ क्षेत्र में हाइड्रोजन सल्फाइड गैस की मात्रा ज्यादा है। हाइड्रोजन सल्फाइड (H2S) गैस काफी जानलेवा होती है। आशंका है कि यह सीवरेज से ही निकली है। 

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